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टाइगर रिजर्व में लागू हो गैंडा परियोजना
ब्यूरो/अमर उजाला, पीलीभीत
Updated Mon, 23 May 2016 11:29 PM IST
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टाइगर रिजर्व में मानक के अनुरूप व्यवस्थाएं करने एवं गैंडा परियोजना को लागू करने सहित विभिन्न मांगों को लेकर गणमान्य नागरिकों ने बैठक कर रणनीति बनाई। इसके लिए डीएम और डीएफओ को ज्ञापन सौंपने के साथ ही पांच जून को शहर में मौन जुलूस निकालकर नेहरू पार्क में धरना देने का निर्णय लिया गया।
सेव इन्वायरमेंट वेलफेयर सोसाइटी के कार्यालय पर पर्यावरण प्रेमी एवं गणमान्य लोगों ने बैठक कर टाइगर रिजव की व्यवस्थाओं पर चर्चा की। संस्था के सचिव टीएच खान ने कहा कि टाइगर रिजर्व घोषित होने के दो साल बाद भी यहां न तो फील्ड डायरेक्टर की तैनाती हुई है और न इसके नियमों का पालन हो रहा है। इसके अलावा पर्यटकों को आकर्षित करने के लिए महत्वाकांक्षी गैंडा परियोजना को भी लागू नहीं किया गया है। टाइगर रिजर्व में सुविधाओं की कमी से पर्यटक आकर्षित नहीं हो रहे हैं। इसके लिए सभी ने अधिकारियों के साथ-साथ जनप्रतिनिधियों को भी दोषी बताया। टाइगर रिजर्व की व्यवस्थाएं दुरुस्त कराने एवं गैंडा परियोजना लागू कराने के लिए आंदोलन की रणनीति तय की गई। इसके तहत 25 मई को डीएम और डीएफओ को ज्ञापन सौंपा जाएगा। इसके बाद इसी सप्ताह राज्यमंत्री हाजी रियाज अहमद और हेमराज वर्मा को ज्ञापन सौंपा जाएगा। साथ ही छात्रों के माध्यम से मुख्यमंत्री को पोस्टकार्ड भेजे जाएंगे। पांच जून को सुबह आठ बजे शहर में मौन जुलूस निकाला जाएगा। इसके बाद नेहरू पार्क में धरना दिया जाएगा। बैठक की अध्यक्षता परविंदर सिंह सैहमी ने की। इस दौरान डॉ. मनोज गुप्ता, मोहम्मद अहसन, लक्ष्मीकांत शर्मा, बबिता सक्सेना, परवेज हनीफ, नवजोत सक्सेना, शरद चंद्र सक्सेना, रामजीनाथ, केशव अग्रवाल, दिनेश वाल्मीकि, राजेंद्र सक्सेना, डॉ. तसलीम हसन खां आदि मौजूद रहे।
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सेव इन्वायरमेंट वेलफेयर सोसाइटी के कार्यालय पर पर्यावरण प्रेमी एवं गणमान्य लोगों ने बैठक कर टाइगर रिजव की व्यवस्थाओं पर चर्चा की। संस्था के सचिव टीएच खान ने कहा कि टाइगर रिजर्व घोषित होने के दो साल बाद भी यहां न तो फील्ड डायरेक्टर की तैनाती हुई है और न इसके नियमों का पालन हो रहा है। इसके अलावा पर्यटकों को आकर्षित करने के लिए महत्वाकांक्षी गैंडा परियोजना को भी लागू नहीं किया गया है। टाइगर रिजर्व में सुविधाओं की कमी से पर्यटक आकर्षित नहीं हो रहे हैं। इसके लिए सभी ने अधिकारियों के साथ-साथ जनप्रतिनिधियों को भी दोषी बताया। टाइगर रिजर्व की व्यवस्थाएं दुरुस्त कराने एवं गैंडा परियोजना लागू कराने के लिए आंदोलन की रणनीति तय की गई। इसके तहत 25 मई को डीएम और डीएफओ को ज्ञापन सौंपा जाएगा। इसके बाद इसी सप्ताह राज्यमंत्री हाजी रियाज अहमद और हेमराज वर्मा को ज्ञापन सौंपा जाएगा। साथ ही छात्रों के माध्यम से मुख्यमंत्री को पोस्टकार्ड भेजे जाएंगे। पांच जून को सुबह आठ बजे शहर में मौन जुलूस निकाला जाएगा। इसके बाद नेहरू पार्क में धरना दिया जाएगा। बैठक की अध्यक्षता परविंदर सिंह सैहमी ने की। इस दौरान डॉ. मनोज गुप्ता, मोहम्मद अहसन, लक्ष्मीकांत शर्मा, बबिता सक्सेना, परवेज हनीफ, नवजोत सक्सेना, शरद चंद्र सक्सेना, रामजीनाथ, केशव अग्रवाल, दिनेश वाल्मीकि, राजेंद्र सक्सेना, डॉ. तसलीम हसन खां आदि मौजूद रहे।
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