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ग्राम पंचायत अधिकारी के खिलाफ कार्रवाई की संस्तुति
अमर उजाला ब्यूरो पूरनपुर।
Updated Sat, 06 May 2017 11:06 PM IST
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- फोटो : अमर उजाला
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दूसरे का जर्जर मकान दिखा इंदिरा आवास स्वीकृत कराने का मामला
अब पूरे गांव के इंदिरा आवासों की होगी जांच
दूसरे का जर्जर मकान दिखाकर अपने लिए इंदिया आवास स्वीकृत कराने के मामले में लाभार्थी के साथ-साथ ग्राम पंचायत अधिकारी भी फंस गए हैं। इस मामले की शिकायत जांच में सही मिलने के बाद इंदिरा आवास की जारी पहली किश्त के आहरण पर रोक लगा दी गई है साथ ही सचिव के खिलाफ कार्रवाई की संस्तुति कर बीडीओ ने रिपोर्ट पीडी को भेजी है। बीडीओ ने अब पूरे गांव के इंदिरा आवासों की जांच शुरू कराने की बात कही है। धोखाधड़ी का यह मामला ग्राम पंचायत में चर्चा का विषय बना हुआ है।
गांव सिरसा निवासी रमनपाल ने पिछले दिनों एसडीएम से शिकायत कर गांव के एक व्यक्ति पर पक्का मकान होने के बाद उसका जर्जर मकान दिखाकर साठगांठ से अपने नाम इंदिरा आवास स्वीकृत कराने का आरोप लगाया था। शिकायत के बाद कार्रवाई के भय से आरोपी ने अपने पक्के मकान को तुड़वाना शुरू कर दिया था। शिकायत को खंड विकास अधिकारी सतीश पांडेय ने गंभीरता से लेते हुए इंदिरा आवास की जारी पहली किश्त को रुकवा दी। साथ ही जेईएमआई को जांच सौंपी। बीडीओ सतीश पांडेय ने बताया कि जांच में दूसरे का मकान दिखाकर अपने लिए इंदिरा आवास स्वीकृत कराना सही पाया गया। इंदिरा आवास की जारी हुई पहली किश्त के बैंक खाते से आहरण पर रोक लगवा दी गई है। किश्त की धनराशि को वापस करवा लिया जाएगा। ग्राम पंचायत सचिव के खिलाफ कार्रवाई की संस्तुति कर रिपोर्ट परिचयोजना निदेशक को भेजी गई है। उन्होंने बताया कि ग्राम पंचायत सचिव ने धोखे से आवास स्वीकृत होने की जानकारी दी। इस पर पूरे गांव के इंदिरा आवासों की जांच शुरू करवाई गई है। अगर दूसरा ऐसा मामला ग्राम पंचायत में पाया गया, तब सचिव के खिलाफ एक और रिपोर्ट भेजकर कड़ी कार्रवाई की संस्तुति की जाएगी।
न घर के रहे न घाट के
पूरनपुर। शिकायत के बाद धोखाधड़ी कर इंदिरा आवास हथियाने वाले आरोपी ने कहीं कार्रवाई न हो जाए, इसको लेकर अपना पक्का आवास तोड़वाना शुरू कर दिया था। जब तक जांच पूरी हुई उसने अपना आवास तोड़वा डाला। जांच में धोखाधड़ी कर इंदिरा आवास हथियाना स्पष्ट हो गया। ऐसे में उसका पुराना मकान भी टूट गया और इंदिरा आवास भी नहीं मिलेगा।
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अब पूरे गांव के इंदिरा आवासों की होगी जांच
दूसरे का जर्जर मकान दिखाकर अपने लिए इंदिया आवास स्वीकृत कराने के मामले में लाभार्थी के साथ-साथ ग्राम पंचायत अधिकारी भी फंस गए हैं। इस मामले की शिकायत जांच में सही मिलने के बाद इंदिरा आवास की जारी पहली किश्त के आहरण पर रोक लगा दी गई है साथ ही सचिव के खिलाफ कार्रवाई की संस्तुति कर बीडीओ ने रिपोर्ट पीडी को भेजी है। बीडीओ ने अब पूरे गांव के इंदिरा आवासों की जांच शुरू कराने की बात कही है। धोखाधड़ी का यह मामला ग्राम पंचायत में चर्चा का विषय बना हुआ है।
गांव सिरसा निवासी रमनपाल ने पिछले दिनों एसडीएम से शिकायत कर गांव के एक व्यक्ति पर पक्का मकान होने के बाद उसका जर्जर मकान दिखाकर साठगांठ से अपने नाम इंदिरा आवास स्वीकृत कराने का आरोप लगाया था। शिकायत के बाद कार्रवाई के भय से आरोपी ने अपने पक्के मकान को तुड़वाना शुरू कर दिया था। शिकायत को खंड विकास अधिकारी सतीश पांडेय ने गंभीरता से लेते हुए इंदिरा आवास की जारी पहली किश्त को रुकवा दी। साथ ही जेईएमआई को जांच सौंपी। बीडीओ सतीश पांडेय ने बताया कि जांच में दूसरे का मकान दिखाकर अपने लिए इंदिरा आवास स्वीकृत कराना सही पाया गया। इंदिरा आवास की जारी हुई पहली किश्त के बैंक खाते से आहरण पर रोक लगवा दी गई है। किश्त की धनराशि को वापस करवा लिया जाएगा। ग्राम पंचायत सचिव के खिलाफ कार्रवाई की संस्तुति कर रिपोर्ट परिचयोजना निदेशक को भेजी गई है। उन्होंने बताया कि ग्राम पंचायत सचिव ने धोखे से आवास स्वीकृत होने की जानकारी दी। इस पर पूरे गांव के इंदिरा आवासों की जांच शुरू करवाई गई है। अगर दूसरा ऐसा मामला ग्राम पंचायत में पाया गया, तब सचिव के खिलाफ एक और रिपोर्ट भेजकर कड़ी कार्रवाई की संस्तुति की जाएगी।
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न घर के रहे न घाट के
पूरनपुर। शिकायत के बाद धोखाधड़ी कर इंदिरा आवास हथियाने वाले आरोपी ने कहीं कार्रवाई न हो जाए, इसको लेकर अपना पक्का आवास तोड़वाना शुरू कर दिया था। जब तक जांच पूरी हुई उसने अपना आवास तोड़वा डाला। जांच में धोखाधड़ी कर इंदिरा आवास हथियाना स्पष्ट हो गया। ऐसे में उसका पुराना मकान भी टूट गया और इंदिरा आवास भी नहीं मिलेगा।
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