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एएसपी करेंगे रिश्वत और वीडियो क्लिपिंग मामले की जांच
अमर उजाला ब्यूरो पुवायां।
Updated Sat, 23 Jul 2016 11:55 PM IST
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- फोटो : अमर उजाला
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- सीओ पुवायां पर लगाया गया था आरोप
- बलजिंदर सिंह और वकीलों को बयान के लिए बुलाया
सीओ पुवायां पर लगे रिश्वत लेने और रुपये देते समय वीडियो क्लिपिंग बनाने पर युवक को पीटकर मोबाइल छीनने के मामले की जांच एएसपी रमेश कुमार भारतीय करेंगे। एसपी ने उन्हें मामले की जांच कर रिपोर्ट देने के निर्देश दिए हैं।
बताते चलें कि बंडा के गांव चांदूपुर पड़री निवासी बलजिंदर सिंह का आरोप है कि वह और उसके परिवार के दो लोग गैर इरादतन हत्या और एससीएसटी एक्ट के आरोपी हैं। सीओ मामले की जांच कर रहे हैं। सीओ झूठी रिपोर्ट को निरस्त करने के लिए दो लाख रुपये मांग रहे थे। सीओ उससे एक लाख रुपये पहले ही ले चुके हैं। 18 जुलाई को शेष एक लाख रुपये की मांग की गई थी। व्यवस्था नहीं होने पर वह 40 हजार रुपये लेकर सीओ को देने आया था। रुपये देने के दौरान उसने वीडियो क्लिप बना ली। शक होने पर सीओ ने उससे मोबाइल मांगा तो वह कार्यालय से भाग निकला। सीओ ने उसे पकड़ लिया और जमकर पीटने के बाद मोबाइल छीन लिया। उसे धमकी दी गई थी कि यदि घूस मांगने की बात किसी को बताई तो झूठे मामले में जेल भेज दिया जाएगा। इसके बाद उसे बंडा पुलिस के सुपुर्द कर दिया गया। सोमवार रात में ही पुलिस ने उसे छोड़ दिया।
इस मामले में सिविल बार संघ से जुड़े वकीलों ने 18 जुलाई को ही सीओ कार्यालय पर जमकर प्रदर्शन किया था और सीओ के खिलाफ मुख्यमंत्री सहित तमाम अधिकारियों को पत्र भेजकर कार्रवाई की मांग की थी। इसी क्रम ने एसपी डॉ. मनोज कुमार ने एएसपी को जांच सौंपी है।
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एक नेता सीओ की पैरवी में जुटा
पुवायां। बलजिंदर सिंह का खासमखास होने का दम भरने वाला एक नेता सीओ की पैरवी करने में जुटा हुआ है। बताया जाता है कि इस नेता पर कई मुकदमे दर्ज हैं। मुकदमों में पुलिस से राहत पाने के लिए नेता बलजिंदर सिंह पर सीओ के पक्ष में बयान देने के लिए बहका रहा है। बताया जाता है कि बलजिंदर सिंह के दोनों मोबाइल बंडा पुलिस ने शुक्रवार को वापस कर दिए, लेकिन नेता अभी बलजिंदर को मोबाइल नहीं दे रहा है। बलजिंदर सिंह का मोबाइल शनिवार रात तक स्विच ऑफ बता रहा है, इससे साफ है कि मोबाइल अभी बलजिंदर सिंह के पास तक नहीं पहुंचे हैं।
सीओ के पद पर रहते निष्पक्ष जांच संभव नहीं
- वकीलों ने उठाए जांच पर सवालिया निशान
रिश्वत मांगे जाने का आरोप लगने के बाद सीओ के खिलाफ प्रदर्शन करने वाले वकीलों ने कहा कि सीओ के पद पर रहते निष्पक्ष जांच संभव नहीं है। सीओ को नहीं हटाया गया तो वह लोग अपने बयान दर्ज नहीं कराएंगे।
सिविल बार संघ के कुछ वकीलों ने बताया कि उनका नाम छपने से क्षेत्र के प्रभावशाली लोग सीओ से राजीनामा करने और उनके खिलाफ कार्रवाई की मांग नहीं करने का दबाव बना रहे हैं। अधिवक्ता ओमपाल सिंह यादव ने कहा कि एएसपी बयान दर्ज कराए जाने की बात कह रहे हैं, लेकिन सीओ के पद पर रहते हुए निष्पक्ष जांच कैसे संभव है? सीओ को पुवायां से हटाने के बाद ही जांच की जानी चाहिए। यदि सीओ को हटाए बिना जांच की खानापूरी करने का प्रयास किया गया तो वह लोग बयान आदि नहीं दर्ज कराएंगे और डीजीपी, आईजी को पूरे मामले से अवगत कराते हुए कार्रवाई की मांग करेंगे।
सीओ पुवायां के खिलाफ की गई शिकायत की जांच मुझे दी गई है। इस संबंध में वकीलों को फोनकर बयान दर्ज कराने के लिए बुलाया गया है। बलजिंदर सिंह को लिखित सूचना देकर बयान देने के लिए बुलाया गया है।
- रमेश कुमार भारतीय एएसपी शाहजहांपुर
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- बलजिंदर सिंह और वकीलों को बयान के लिए बुलाया
सीओ पुवायां पर लगे रिश्वत लेने और रुपये देते समय वीडियो क्लिपिंग बनाने पर युवक को पीटकर मोबाइल छीनने के मामले की जांच एएसपी रमेश कुमार भारतीय करेंगे। एसपी ने उन्हें मामले की जांच कर रिपोर्ट देने के निर्देश दिए हैं।
बताते चलें कि बंडा के गांव चांदूपुर पड़री निवासी बलजिंदर सिंह का आरोप है कि वह और उसके परिवार के दो लोग गैर इरादतन हत्या और एससीएसटी एक्ट के आरोपी हैं। सीओ मामले की जांच कर रहे हैं। सीओ झूठी रिपोर्ट को निरस्त करने के लिए दो लाख रुपये मांग रहे थे। सीओ उससे एक लाख रुपये पहले ही ले चुके हैं। 18 जुलाई को शेष एक लाख रुपये की मांग की गई थी। व्यवस्था नहीं होने पर वह 40 हजार रुपये लेकर सीओ को देने आया था। रुपये देने के दौरान उसने वीडियो क्लिप बना ली। शक होने पर सीओ ने उससे मोबाइल मांगा तो वह कार्यालय से भाग निकला। सीओ ने उसे पकड़ लिया और जमकर पीटने के बाद मोबाइल छीन लिया। उसे धमकी दी गई थी कि यदि घूस मांगने की बात किसी को बताई तो झूठे मामले में जेल भेज दिया जाएगा। इसके बाद उसे बंडा पुलिस के सुपुर्द कर दिया गया। सोमवार रात में ही पुलिस ने उसे छोड़ दिया।
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इस मामले में सिविल बार संघ से जुड़े वकीलों ने 18 जुलाई को ही सीओ कार्यालय पर जमकर प्रदर्शन किया था और सीओ के खिलाफ मुख्यमंत्री सहित तमाम अधिकारियों को पत्र भेजकर कार्रवाई की मांग की थी। इसी क्रम ने एसपी डॉ. मनोज कुमार ने एएसपी को जांच सौंपी है।
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एक नेता सीओ की पैरवी में जुटा
पुवायां। बलजिंदर सिंह का खासमखास होने का दम भरने वाला एक नेता सीओ की पैरवी करने में जुटा हुआ है। बताया जाता है कि इस नेता पर कई मुकदमे दर्ज हैं। मुकदमों में पुलिस से राहत पाने के लिए नेता बलजिंदर सिंह पर सीओ के पक्ष में बयान देने के लिए बहका रहा है। बताया जाता है कि बलजिंदर सिंह के दोनों मोबाइल बंडा पुलिस ने शुक्रवार को वापस कर दिए, लेकिन नेता अभी बलजिंदर को मोबाइल नहीं दे रहा है। बलजिंदर सिंह का मोबाइल शनिवार रात तक स्विच ऑफ बता रहा है, इससे साफ है कि मोबाइल अभी बलजिंदर सिंह के पास तक नहीं पहुंचे हैं।
सीओ के पद पर रहते निष्पक्ष जांच संभव नहीं
- वकीलों ने उठाए जांच पर सवालिया निशान
रिश्वत मांगे जाने का आरोप लगने के बाद सीओ के खिलाफ प्रदर्शन करने वाले वकीलों ने कहा कि सीओ के पद पर रहते निष्पक्ष जांच संभव नहीं है। सीओ को नहीं हटाया गया तो वह लोग अपने बयान दर्ज नहीं कराएंगे।
सिविल बार संघ के कुछ वकीलों ने बताया कि उनका नाम छपने से क्षेत्र के प्रभावशाली लोग सीओ से राजीनामा करने और उनके खिलाफ कार्रवाई की मांग नहीं करने का दबाव बना रहे हैं। अधिवक्ता ओमपाल सिंह यादव ने कहा कि एएसपी बयान दर्ज कराए जाने की बात कह रहे हैं, लेकिन सीओ के पद पर रहते हुए निष्पक्ष जांच कैसे संभव है? सीओ को पुवायां से हटाने के बाद ही जांच की जानी चाहिए। यदि सीओ को हटाए बिना जांच की खानापूरी करने का प्रयास किया गया तो वह लोग बयान आदि नहीं दर्ज कराएंगे और डीजीपी, आईजी को पूरे मामले से अवगत कराते हुए कार्रवाई की मांग करेंगे।
सीओ पुवायां के खिलाफ की गई शिकायत की जांच मुझे दी गई है। इस संबंध में वकीलों को फोनकर बयान दर्ज कराने के लिए बुलाया गया है। बलजिंदर सिंह को लिखित सूचना देकर बयान देने के लिए बुलाया गया है।
- रमेश कुमार भारतीय एएसपी शाहजहांपुर