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पुलिस लापरवाही से हुई इकराम की हत्या!
Sherpurklan
Updated Sun, 26 Jul 2015 11:30 PM IST
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कस्बा निवासी इकराम की हत्या के मामले में पुलिस की लापरवाही सामने आई है। पीड़ित पक्ष का कहना है कि घटना के दिन की गई शिकायत को अगर पुलिस गंभीरता से लेती तो यह घटना नहीं घटती। इकराम के अंतिम संस्कार के समय कस्बा में पहुंचे इंस्पेक्टर से इकराम के पिता मुन्ने खां ने भी यह बात कहते हुए पुलिस की कार्य प्रणाली पर रोष व्यक्त किया था।
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कस्बा निवासी मुन्ने खां का पुत्र इकराम खां पर भूमि विवाद के चलते बृहस्पतिवार उसके सौतेले भाई ने उस समय सिर पर कुल्हाड़ी मार कर घायल कर दिया था जब वह खेत गया था। गंभीर रूप से घायल इकराम की बरेली मेें शनिवार को मौत हो गई थी। पोस्टमार्टम के बाद इकराम का शव शनिवार की रात घर पहुंचने पर परिवार वालों में कोहराम मच गया। रविवार को गमगीन माहौल में उसका अंतिम संस्कार कर दिया गया। मृतक के परिवार वालों का कहना है कि इसकी आशंका घटना के दिन सुबह ही पुलिस से शिकायत कर जताई गई थी, लेकिन पुलिस ने उसे हल्के में लिया। जिसके चलते यह घटना घट गई। अंतिम संस्कार से पहले इंस्पेक्टर शक्ति सिंह गांव पहुंचे तो मृतक के पिता ने उनसे भी यही बात कहते हुए खासा रोष व्यक्त किया। उन्होंने कहा कि यदि पुलिस उनके द्वारा दी गई तहरीर को गंभीरता से लेते हुए कार्रवाई करती तो यह घटना नहीं घटती।
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उधर पुलिस ने इस हत्याकांड की जांच शुरू कर दी है। मृतक के परिवार वालों ने घर में रखे आला कत्ल को भी पुलिस को सौंप दिया। इंस्पेक्टर शक्ति सिंह ने पीड़ित परिवार से आरोपियों को शीघ्र गिरफ्तार कर चालान करने का आश्वासन दिया। उधर, घटना में नामजद यूनुस और उसकी पत्नी अभी दोनों पुलिस पकड़ से दूर हैं। हालांकि पुलिस ने आरोपियों को पकडने के लिए एक युवक को पूछताछ को हिरासत में लिया है।
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घटना के दिन विवाद से संबंधित तहरीर कार्यालय में आई थी। पीड़ित पक्ष उनसे नहीं मिला था। तहरीर में जानमाल के खतरे आदि की आशंका आदि व्यक्त नहीं की गई थी। तहरीर की जानकारी पर दरोगा को जांच के लिए उसी दिन भेजा गया था, लेकिन दरोगा के पहुंचने से पहले ही घटना हो गई। पुलिस की इसमें लापरवाही नहीं हुई है।
शक्ति सिंह, इंस्पेक्टर