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चचेरा भाई ही निकला छात्र राउल का हत्यारोपी
ब्यूरो, अमर उजाला पीलीभीत
Updated Fri, 13 Feb 2015 12:34 AM IST
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पुलिस से बचने को अपने पीछे बदमाश पड़े होने की कहानी गढ़ने वाला इमरान आखिर पुलिस के हाथ आते ही टूट गया। बोला-साहब सब कुछ धोखे में ही हो गया। राउल के साथ उसने करीब एक साल पहले खेलते समय कुकर्म किया था। घटना के दिन गांव की एक परचून की दुकान के पास मिले राउल से कुकर्म करने को उसे तोता पकड़वाने का झांसा देकर खेतों में भेजा था। पीछे से खेत में पहुंचकर जब उसने राउल से कुकर्म का प्रयास किया तो उसने विरोध शुरू कर दिया और घर पर शिकायत करने की धमकी दी। इस पर उसने राउल के गले में रस्सी का फंदा डालकर हत्या कर दी। पुलिस के मुताबिक हत्या के बाद आरोपी ने राउल की साइकिल पूरनपुर लाकर अपने मित्र अमन के घर खड़ी कर दी। इसकेेे बाद घर चला गया। शव मिलने पर अपने बचने की योजना बनाई और नगर में आकर साइकिल को कबाड़ी के हाथ बेच दी और बदमाश पीछे पड़े होने की कहानी गढ़कर भाग गया था। गोंडा से पकड़ कर लाने के बाद पुलिस ने जब कड़ाई से उससे पूछताछ की तो उसने सब कुछ उगल दिया। उसकी निशानदेही पर पुलिस ने बिक्री की गई साइकिल को कबाड़ी से बरामद कर लिया। कोतवाली पहुंचे बाबू खां और अन्य लोगों ने राउल द्वारा ले जाई गई साइकिल की शिनाख्त की।
बदलता गया कहानी और फंस गया
हत्यारोपी इमरान ने बचने को पुलिस को कई कहानी बताई, लेकिन बार-बार कहानी बदलने पर इमरान पुलिस की पूछताछ में फंस ही गया। साथी के पास आए फोन और गाेंडा में रेलवे स्टेशन पर इमरान की लोकेशन मिलने पर पुलिस ने गोंडा जीआरपी एसओ से संपर्क कर उसको पकड़वा लिया था। जीआरपी गोंडा को पूछताछ में इमरान ने बदमाशों के अपहरण कर लाने की जानकारी दी थी। गाेंडा से इमरान को लेकर चली पुलिस ने जब उससे रास्ते में पूछताछ की तो बोला मां की डांट से क्षुब्ध होकर चला गया था। कोतवाली पहुंचे इमरान ने शुरू में राउल की हत्या मात्र साइकिल बिक्री कर रुपये पाने के लालच में करने की कहानी बताई। सर्विलांस के सहारे मिली लोकेशन की जानकारी जब पुलिस ने इमरान को दी तब टूट गया और असली कहानी पुलिस को बता दी।
शाहरुख बनकर बिक्री की थी साइकिल
शेरपुरकलां निवासी मोहम्मद यामीन की नगर के माधोटांडा रेलवे क्रासिंग के पास कबाड़ की दुकान है। मोहम्मद यामीन ने बताया कि मंगलवार को इमरान साइकिल बिक्री करने उसके कबाड़खाने पर आया था। तब उसने अपना नाम शाहरुख और पिता का नाम नजमुल निवासी गांव मुझा बताया था। मोबाइल नंबर उसने अपना ही बताया था। मोबाइल पर मिस काल करने पर मोबाइल उसके पास ही होने पर उसने साइकिल को 380 रुपये में खरीद लिया था।
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सिर चढ़कर बोलती रही हत्या
हत्यारोपी इमरान ने बताया कि घटना के बाद उसे पूरी रात बेचैनी रही। इससे सो नहीं सका। कही लोग उस पर शक न करें, इससे राउल को ढुंढ़वाने को भी रात को निकला। मंगलवार को जब उसका शव मिला। तब भी मौके पर गया, लेकिन शव देखते ही उसके हाथ-पांव कांपने लगे। तब उसने भागने की योजना बना ली। घर पहुंचकर मां के बक्से से ढाई हजार रुपये उड़ाए। नगर में आकर साइकिल बिक्री की और गाेंडा भाग गया। उसने तो घटना को छिपाने को तमाम प्रयास किया। पुलिस ने उसके पास से बचे 1700 रुपये भी बरामद किए।
साहब इसे ऐसी जगह भेज दो दुबारा गांव न लौट पाए
कोतवाली में हत्यारोपी को देखते ही राउल के भाई उत्तेजित हो गए। हवालात के बाहर देख उस पर झपटने का प्रयास किया, लेकिन पुलिस ने हत्यारोपी को बचाकर हवालात में कर दिया। बाद में मृतक के पिता और भाई कोतवाल से बोले साहब यही राउल का हत्यारोपी है। इसे ऐसी जगह भेज दो कि दुबारा गांव लौटकर न आ सके।
पीलीभीत पहुंचकर किया था फोन
हत्यारोपी इमरान ने मंगलवार को अपने मित्र शान अली को फोन कर बदमाश पीछे पड़े होने की सूचना पीलीभीत पहुंचकर दी थी। इसके बाद मोबाइल बंद कर लिया था। सर्विलांस टीम के अनुसार इमरान इसके बाद बरेली और फिर गाेंडा पहुंचा।
चचेरे भाई की मांग कर लाया था साइकिल
इमरान के साइकिल लेकर आने की बात कहने पर राउल ने अपने साइकिल के पंक्चर होने की जानकारी इमरान को दी थी। तब इमरान ने दूसरी साइकिल लाने को कहा। राउल तब अपने चचेरे भाई गांव निवासी कमरुल खां की साइकिल मांग कर पहुंचा था। साइकिल बरामद होने पर कमरुल खां ने भी कोतवाली पहुंचकर अपनी साइकिल की शिनाख्त की।
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बदलता गया कहानी और फंस गया
हत्यारोपी इमरान ने बचने को पुलिस को कई कहानी बताई, लेकिन बार-बार कहानी बदलने पर इमरान पुलिस की पूछताछ में फंस ही गया। साथी के पास आए फोन और गाेंडा में रेलवे स्टेशन पर इमरान की लोकेशन मिलने पर पुलिस ने गोंडा जीआरपी एसओ से संपर्क कर उसको पकड़वा लिया था। जीआरपी गोंडा को पूछताछ में इमरान ने बदमाशों के अपहरण कर लाने की जानकारी दी थी। गाेंडा से इमरान को लेकर चली पुलिस ने जब उससे रास्ते में पूछताछ की तो बोला मां की डांट से क्षुब्ध होकर चला गया था। कोतवाली पहुंचे इमरान ने शुरू में राउल की हत्या मात्र साइकिल बिक्री कर रुपये पाने के लालच में करने की कहानी बताई। सर्विलांस के सहारे मिली लोकेशन की जानकारी जब पुलिस ने इमरान को दी तब टूट गया और असली कहानी पुलिस को बता दी।
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शाहरुख बनकर बिक्री की थी साइकिल
शेरपुरकलां निवासी मोहम्मद यामीन की नगर के माधोटांडा रेलवे क्रासिंग के पास कबाड़ की दुकान है। मोहम्मद यामीन ने बताया कि मंगलवार को इमरान साइकिल बिक्री करने उसके कबाड़खाने पर आया था। तब उसने अपना नाम शाहरुख और पिता का नाम नजमुल निवासी गांव मुझा बताया था। मोबाइल नंबर उसने अपना ही बताया था। मोबाइल पर मिस काल करने पर मोबाइल उसके पास ही होने पर उसने साइकिल को 380 रुपये में खरीद लिया था।
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सिर चढ़कर बोलती रही हत्या
हत्यारोपी इमरान ने बताया कि घटना के बाद उसे पूरी रात बेचैनी रही। इससे सो नहीं सका। कही लोग उस पर शक न करें, इससे राउल को ढुंढ़वाने को भी रात को निकला। मंगलवार को जब उसका शव मिला। तब भी मौके पर गया, लेकिन शव देखते ही उसके हाथ-पांव कांपने लगे। तब उसने भागने की योजना बना ली। घर पहुंचकर मां के बक्से से ढाई हजार रुपये उड़ाए। नगर में आकर साइकिल बिक्री की और गाेंडा भाग गया। उसने तो घटना को छिपाने को तमाम प्रयास किया। पुलिस ने उसके पास से बचे 1700 रुपये भी बरामद किए।
साहब इसे ऐसी जगह भेज दो दुबारा गांव न लौट पाए
कोतवाली में हत्यारोपी को देखते ही राउल के भाई उत्तेजित हो गए। हवालात के बाहर देख उस पर झपटने का प्रयास किया, लेकिन पुलिस ने हत्यारोपी को बचाकर हवालात में कर दिया। बाद में मृतक के पिता और भाई कोतवाल से बोले साहब यही राउल का हत्यारोपी है। इसे ऐसी जगह भेज दो कि दुबारा गांव लौटकर न आ सके।
पीलीभीत पहुंचकर किया था फोन
हत्यारोपी इमरान ने मंगलवार को अपने मित्र शान अली को फोन कर बदमाश पीछे पड़े होने की सूचना पीलीभीत पहुंचकर दी थी। इसके बाद मोबाइल बंद कर लिया था। सर्विलांस टीम के अनुसार इमरान इसके बाद बरेली और फिर गाेंडा पहुंचा।
चचेरे भाई की मांग कर लाया था साइकिल
इमरान के साइकिल लेकर आने की बात कहने पर राउल ने अपने साइकिल के पंक्चर होने की जानकारी इमरान को दी थी। तब इमरान ने दूसरी साइकिल लाने को कहा। राउल तब अपने चचेरे भाई गांव निवासी कमरुल खां की साइकिल मांग कर पहुंचा था। साइकिल बरामद होने पर कमरुल खां ने भी कोतवाली पहुंचकर अपनी साइकिल की शिनाख्त की।