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स्वैप मशीन से लाखों की जालसाजी 

ब्यूरो /पीलीभीत Updated Sun, 21 May 2017 10:43 PM IST
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दिसंबर में नोटबंदी के दौरान एक कंपनी के जिला प्रभारी के तौर पर जालसाजों ने शहर के व्यापारियों को स्वैप मशीनें बेची थीं। कंपनी में काम करने वालों को भी रुपये का लालच देकर कई मशीनें थमा दी गई। इसके बाद स्वैप करने पर व्यापारी के खाते में ट्रांसफर होने के बजाए रुपया जालसाज के खाते में पहुंचता रहा। जालसाज कई दिनों तक व्यापारियों को अपने दफ्तर के चक्कर लगवाते रहे और इसके बाद ताला डालकर भाग गए। आधा दर्जन पीड़ितों ने इसकी शिकायत सुनगढ़ी पुलिस से की है। आवास विकास कालोनी के रहने वाले अधिवक्ता फैजान अली खां ने सुनगढ़ी पुलिस को दी तहरीर में बताया कि अशोक कॉलोनी के पास 18 दिसंबर 2016 में नोटबंदी के दौरान भारवी फाइनेंशियल सर्विसेस प्राइवेट लिमिटेड व पार्थ इंटरप्राइजेज कंपनी, डीएफओ कॉलोनी कार्यालय खोला गया था।  एकता नगर कॉलोनी निवासी श्रीश सक्सेना ने खुद को कंपनी का जिला प्रभारी बताया था। इसमें प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के डिजिटल ट्रांजेक्शन को बढ़ावा देने की बात कहते हुए रुपये लेकर स्वैप मशीन दी। इस दौरान वहां काम करने वाले कर्मचारियों को भी रुपये लेकर स्वैप मशीन बेची गई। बाद में मशीन बेचने वाली कंपनी से संपर्क करने पर ज्ञात हुआ कि ये स्वैप मशीनें सिर्फ किराए पर देने के लिए मुहैया कराई गईं थी। खास बात यह थी कि मशीन से ट्रांजेक्शन करने पर रुपये मशीन चला रहे व्यापारी के खाते में जाने के बजाए कंपनी के जिला प्रभारी बताए जा रहे जालसाज के खाते में जाते रहे। इसमें फैजान का करीब 2.10 लाख (दो लाख दस हजार), तकिया (गजरौला) के जसवीर सिंह का एक लाख पांच हजार, पांच सौ रुपये, रमनगरा निवासी विपुल सरकार का 85 हजार, भैरोकलां शाहगढ़ के शिवकुमार का 35,350 (पैंतीस हजार तीन सौ पचास), मझोला के दहगला कालोनी निवासी गोपाल कुमार मंडल का 35,350, जोशी कालोनी बरहा के दिनेश कुमार का 35350 रुपये ठग लिए गए। इसकी जानकारी मिलने पर पीड़ित व्यापारियों ने छह मार्च को कंपनी के कार्यालय पहुंचे। जहां उन्हें कार्यालय पर ताला लटका मिला। पूछने पर आसपास के लोगों ने बताया कि यह कार्यालय हमेशा के लिए बंद कर दिया गया है। इसके बाद पीड़ित लोग अपना रुपये वसूलने के लिए जिले में कंपनी के वितरक के तौर पर काम कर रहे आरोपी के पास पहुंचे। इस पर कई दिनों तक खाते में रुपये वापस आने की बात कहकर टालमटोल की जाती रही, इसके बाद इनकार कर दिया गया। आरोपियों पर षड्यंत्र के तहत ठगी करने का आरोप लगाते हुए आधा दर्जन पीड़ित युवाओं ने तहरीर देकर कार्रवाई की मांग की है। 
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स्वैप मशीन के नाम पर ठगी करने का आरोप भारवी फाइनेंशियल सर्विसेस प्राइवेट लिमिटेड व पार्थ इंटरप्राइजेज कंपनी पर लगाया गया है। कुछ लोगों के खिलाफ नामजद तहरीर दी गई है। इस मामले की जांच की जा रही है। - हरगोविंद सिंह, इंस्पेक्टर सुनगढ़ी

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