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तेंदुआ ने किया था रामदयाल पर हमला
पीलीभीत
Updated Thu, 18 Feb 2016 11:11 PM IST
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वन विभाग की जांच में खेत की रखवाली कर रहे गांव बहादुरपुर निवासी किसान रामदयाल पर तेंदुआ ने हमला कर घायल किया था। वन विभाग की टीम ने घटना स्थल का निरीक्षण करके और घायल किसान के साथ-साथ प्रत्यक्षदर्शियों से वार्ता के बाद यह दावा किया। वन विभाग ने किसान को मुआवजा दिलवाने की कार्रवाई भी शुरू की है।
बुधवार को अपराह्न खेत की रखवाली कर रहे गांव बहादुरपुर निवासी किसान रामदयाल पर जंगली जानवर ने हमला कर लहूलुहान कर दिया था। रामदयाल का कहना था कि उसके ऊपर बाघ ने हमला किया है। पास में ही दूसरे खेत की रखवाली कर रहे गांव निवासी शेरसिंह और एकत्र हुए अन्य लोगों के शोरशराबे पर हमला करने वाला वन्यजीव जंगल में चला गया था। इस मामले में हरीपुर रेंजर आरपी रौतेला की टीम ने मौका-ए-वारदात का निरीक्षण किया। उन्होंने बताया कि वहां मिट्टी कठोर होने के कारण किसी वन्य जीव के पद चिन्ह नहीं मिले। घटना स्थल के समीप मात्र तीस मीटर चौड़ाई का जंगल है। जहां न तो हिरन हैं और न ही वन्य जीवों के पानी पीने का कोई स्थान। बाघ की चहल कदमी भी कभी नहीं देखी गई। तेंदुआ अक्सर इस क्षेत्र में देखा गया है। प्रत्यक्षदर्शियों ने भी जो कुछ बताया उससे उसके तेंदुआ होने की पुष्टि हुई है। उन्होंने बताया कि घायल किसान को मुआवजा दिलवाने के प्रयास शुरू किए गए हैं।
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बुधवार को अपराह्न खेत की रखवाली कर रहे गांव बहादुरपुर निवासी किसान रामदयाल पर जंगली जानवर ने हमला कर लहूलुहान कर दिया था। रामदयाल का कहना था कि उसके ऊपर बाघ ने हमला किया है। पास में ही दूसरे खेत की रखवाली कर रहे गांव निवासी शेरसिंह और एकत्र हुए अन्य लोगों के शोरशराबे पर हमला करने वाला वन्यजीव जंगल में चला गया था। इस मामले में हरीपुर रेंजर आरपी रौतेला की टीम ने मौका-ए-वारदात का निरीक्षण किया। उन्होंने बताया कि वहां मिट्टी कठोर होने के कारण किसी वन्य जीव के पद चिन्ह नहीं मिले। घटना स्थल के समीप मात्र तीस मीटर चौड़ाई का जंगल है। जहां न तो हिरन हैं और न ही वन्य जीवों के पानी पीने का कोई स्थान। बाघ की चहल कदमी भी कभी नहीं देखी गई। तेंदुआ अक्सर इस क्षेत्र में देखा गया है। प्रत्यक्षदर्शियों ने भी जो कुछ बताया उससे उसके तेंदुआ होने की पुष्टि हुई है। उन्होंने बताया कि घायल किसान को मुआवजा दिलवाने के प्रयास शुरू किए गए हैं।
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