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सीटीओ से अभद्रता पर शिक्षकों के खिलाफ मुकदमा
पीलीभ्ाीत ब्यूराो
Updated Tue, 13 Jun 2017 07:06 PM IST
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प्रदश्ाऱ्र्शन करते लाोग
वेतन को लेकर कोषागार कक्ष में घुसकर सीटीओ से अभद्रता करना शिक्षक नेताओं को महंगा साबित हुआ। डीएम के निर्देश पर कोषागार कर्मचारी की ओर से पुलिस को तहरीर दी गई जिसमें तीन नामजद व 20-25 अज्ञात शिक्षकों के खिलाफ कार्यालय में घुसकर अभद्रता व जातिसूचक शब्दों का प्रयोग करने का आरोप लगाया है। इस पर पुलिस ने बलवा एससीएसटी एक्ट सहित विभिन्न धाराओं में मुकदमा कर कर लिया है।
शिक्षकों के वेतन की मांग को लेकर शनिवार को प्राथमिक शिक्षक संघ के कुछ पदाधिकारी कोषागार पहुंचे थे। यहां शिक्षक नेताओं की मुख्य कोषाधिकारी से कहासुनी हुई थी। हंगामा बढ़ने पर एडीएम ने कलीनगर एसडीएम सूरज यादव को मौके पर भेजकर मामला शांत कराया था। सीटीओ से अभद्रता से नाराज कोषागार कर्मियों ने कार्यालय में ताला लगाकर हड़ताल शुरू कर दी थी। शनिवार और सोमवार के बाद मंगलवार को भी कोषागार कर्मी कार्यालय के बाहर धरने पर बैठे। इसकी जानकारी होने पर डीएम शीतल वर्मा ने सीटीओ को तलब किया और आरोपी शिक्षकों के खिलाफ तहरीर देकर रिपोर्ट दर्ज कराने के निर्देश दिए। डीएम के इस निर्देश के बाद कोषागार कर्मियों ने हड़ताल समाप्त कर दी। दोपहर बार सीटीओ कार्यालय में तैनात कंप्यूटर आपरेटर भरतवीर की ओर से सदर कोतवाली में तहरीर दी गई। इसके अनुसार शनिवार को शिक्षक नेता उमेश गंगवार, चंद्रमोहन गंगवार, पवन सिन्हा व 20-25 अज्ञात शिक्षक कोषागार पहुंचे। कोषाधिकारी कक्ष में घुसने पर चपरासी सूरजपाल ने उन्हें रोकने का प्रयास किया लेकिन वह अंदर घुस आए। आरोप है शिक्षकों ने बाकी काम रोककर पहले वेतन देने की बात कहकर अभद्रता की और जातिसूचक शब्दों से अपमानित किया। भरतवीर की तहरीर पर सदर कोतवाली पुलिस ने शिक्षक नेता उमेश गंगवार, चंद्रमोहन गंगवार व उमेश सिन्हा व 20-25 अज्ञात के खिलाफ बलवा, गाली गलौज व एससीएसटी एक्ट की धाराओं में मुकदमा दर्ज कर लिया है। कोतवाल देशपाल सिंह ने बताया कि तहरीर के आधार पर मुकदमा दर्ज कर लिया है। विवेचना कर जल्द कार्रवाई की जाएगी।
शिक्षकों में मचा हड़कंप
सीटीओ से अभद्रता मामले में डीएम के निर्देश पर कार्रवाई की सुगबुगाहट पर ही शिक्षकों में हड़कंप मचने लगा था लेकिन बीएसए कार्यालय में धरना प्रदर्शन कर रहे शिक्षक किसी तरह खुद को संभालकर आंदोलन तेज करने पर जोर देते रहे। लेकिन शाम को मुकदमा दर्ज होने की पुष्टि होने के बाद शिक्षकों के होश उड़ गए। इस बाबत जानकारी करने पर प्राथमिक शिक्षक संघ के जिलाध्यक्ष दयाशंकर ने बताया कि शिक्षक नेता वेतन के बाबत जानकारी करने गए थे। अभद्रता और गाली गलौज कोषागार कर्मियों की ओर से की गई थी और उल्टे हम ही पर कार्रवाई की जा रही है। हम इसका विरोध करेंगे और हमारी हड़ताल जारी रहेगी
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सवाल: सीटीओ ने क्यों नही दी तहरीर
वेतन को लेकर कोषागार में हुई घटना के दिन से ही शिक्षकों द्वारा मुख्य कोषाधिकारी से अभद्रता व गाली गलौज की बात कही जा रही थी। अपने अधिकारी से अभद्रता के विरोध में ही स्टाफ ने हड़ताल कर कार्यालय मेें ताला बंदी की थी। फिर आखिर जब कार्रवाई कराने की बात आई तो तहरीर कंप्यूटर आपरेटर की ओर से क्यों दिलाई गई। सीटीओ मामले में खुद सामने क्यों नहीं आए। इसकी चर्चा कलक्ट्रेट से लेकर बीएसए कार्यालय तक रही।
मामला राजकीय बनाम परिषदीय बनने के आसार
शिक्षकों द्वारा मुख्य कोषाधिकारी व स्टाफ से अभद्रता का मामला राजकीय बनाम परिषदीय बनता नजर आ रहा है। डीएम के निर्देश पर हुई कार्रवाई के बाद ऐसा माना जा रहा है राज्य कर्मचारी होने के चलते सरकार की ओर से इसकी पैरवी की जाएगी। यदि ऐसा होता है विवाद खत्म होने के बजाए और बढ़ सकता है।
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शिक्षकों के वेतन की मांग को लेकर शनिवार को प्राथमिक शिक्षक संघ के कुछ पदाधिकारी कोषागार पहुंचे थे। यहां शिक्षक नेताओं की मुख्य कोषाधिकारी से कहासुनी हुई थी। हंगामा बढ़ने पर एडीएम ने कलीनगर एसडीएम सूरज यादव को मौके पर भेजकर मामला शांत कराया था। सीटीओ से अभद्रता से नाराज कोषागार कर्मियों ने कार्यालय में ताला लगाकर हड़ताल शुरू कर दी थी। शनिवार और सोमवार के बाद मंगलवार को भी कोषागार कर्मी कार्यालय के बाहर धरने पर बैठे। इसकी जानकारी होने पर डीएम शीतल वर्मा ने सीटीओ को तलब किया और आरोपी शिक्षकों के खिलाफ तहरीर देकर रिपोर्ट दर्ज कराने के निर्देश दिए। डीएम के इस निर्देश के बाद कोषागार कर्मियों ने हड़ताल समाप्त कर दी। दोपहर बार सीटीओ कार्यालय में तैनात कंप्यूटर आपरेटर भरतवीर की ओर से सदर कोतवाली में तहरीर दी गई। इसके अनुसार शनिवार को शिक्षक नेता उमेश गंगवार, चंद्रमोहन गंगवार, पवन सिन्हा व 20-25 अज्ञात शिक्षक कोषागार पहुंचे। कोषाधिकारी कक्ष में घुसने पर चपरासी सूरजपाल ने उन्हें रोकने का प्रयास किया लेकिन वह अंदर घुस आए। आरोप है शिक्षकों ने बाकी काम रोककर पहले वेतन देने की बात कहकर अभद्रता की और जातिसूचक शब्दों से अपमानित किया। भरतवीर की तहरीर पर सदर कोतवाली पुलिस ने शिक्षक नेता उमेश गंगवार, चंद्रमोहन गंगवार व उमेश सिन्हा व 20-25 अज्ञात के खिलाफ बलवा, गाली गलौज व एससीएसटी एक्ट की धाराओं में मुकदमा दर्ज कर लिया है। कोतवाल देशपाल सिंह ने बताया कि तहरीर के आधार पर मुकदमा दर्ज कर लिया है। विवेचना कर जल्द कार्रवाई की जाएगी।
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शिक्षकों में मचा हड़कंप
सीटीओ से अभद्रता मामले में डीएम के निर्देश पर कार्रवाई की सुगबुगाहट पर ही शिक्षकों में हड़कंप मचने लगा था लेकिन बीएसए कार्यालय में धरना प्रदर्शन कर रहे शिक्षक किसी तरह खुद को संभालकर आंदोलन तेज करने पर जोर देते रहे। लेकिन शाम को मुकदमा दर्ज होने की पुष्टि होने के बाद शिक्षकों के होश उड़ गए। इस बाबत जानकारी करने पर प्राथमिक शिक्षक संघ के जिलाध्यक्ष दयाशंकर ने बताया कि शिक्षक नेता वेतन के बाबत जानकारी करने गए थे। अभद्रता और गाली गलौज कोषागार कर्मियों की ओर से की गई थी और उल्टे हम ही पर कार्रवाई की जा रही है। हम इसका विरोध करेंगे और हमारी हड़ताल जारी रहेगी
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सवाल: सीटीओ ने क्यों नही दी तहरीर
वेतन को लेकर कोषागार में हुई घटना के दिन से ही शिक्षकों द्वारा मुख्य कोषाधिकारी से अभद्रता व गाली गलौज की बात कही जा रही थी। अपने अधिकारी से अभद्रता के विरोध में ही स्टाफ ने हड़ताल कर कार्यालय मेें ताला बंदी की थी। फिर आखिर जब कार्रवाई कराने की बात आई तो तहरीर कंप्यूटर आपरेटर की ओर से क्यों दिलाई गई। सीटीओ मामले में खुद सामने क्यों नहीं आए। इसकी चर्चा कलक्ट्रेट से लेकर बीएसए कार्यालय तक रही।
मामला राजकीय बनाम परिषदीय बनने के आसार
शिक्षकों द्वारा मुख्य कोषाधिकारी व स्टाफ से अभद्रता का मामला राजकीय बनाम परिषदीय बनता नजर आ रहा है। डीएम के निर्देश पर हुई कार्रवाई के बाद ऐसा माना जा रहा है राज्य कर्मचारी होने के चलते सरकार की ओर से इसकी पैरवी की जाएगी। यदि ऐसा होता है विवाद खत्म होने के बजाए और बढ़ सकता है।