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वन विभाग की पकड़ में नहीं आ पा रहा खूनी बाघ
अमर उजाला ब्यूरो पीलीभीत।
Updated Mon, 28 Aug 2017 11:15 PM IST
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बाघ
- फोटो : अमर उजाला
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मौके पर आ रहे ग्रामीणों को रोकने को मांगी पीएसी
तीन लोगों की जान लेने वाला खूनी बाघ वन विभाग की पकड़ में नहीं आ पा रहा है। वहीं मनाही के बाद भी प्रतिदिन बड़ी संख्या में ग्रामीण वन विभाग द्वारा चिह्नित क्षेत्र के आसपास पहुंच रहे हैं। इन्हें रोकने के लिए वन विभाग ने एसपी से एक प्लाटून पीएसी मंागी है।
अमरिया क्षेत्र के हिमकनपुर और बेहरी गांव के आसपास घूम रहे बाघ को पकड़ने के लिए वन विभाग और विभिन्न संस्थाओं के विशेषज्ञ चार हाथी, एक बंद ट्रैक्टर सहित विभिन्न संसाधनों के साथ 18 दिन लगे हुए हैं लेकिन बाघ पकड़ में नहीं आ रहा है। सोमवार सुबह जब टीम ने संबंधित क्षेत्र में सर्च अभियान चलाया तो गन्ने के खेत में बांधा गया पड्डा सुरक्षित मिला लेकिन पास के खेत में बाघ के पदचिह्न देखे गए हैं। सूत्र बताते हैं कि रात के समय एक कैमरे भी बाघ का फोटो आया है। पदचिह्न मिलने के बाद हाथियों की मदद से बाघ की तलाश कराई गई लेकिन बाघ के न मिलने से सारे प्रयास विफल होते नजर आए। गन्ने के खेत के निकट ही बनाई गई मचान पर भी दो टीमें 24 घंटे रहकर निगरानी कर रही हैं लेकिन दिन के समय बाघ के बाहर न आने से दिक्कत आ रही है।
मनाही के बाद भी आ रहे लोग, पीएसी मांगी
18 दिन से चल रहे सर्च अभियान में अभी तक बाघ 4-5 किमी क्षेत्र में भी चहल कदमी करता पाया गया है। वह गन्ने और सब्जियों (पॉलेज) के खेतों में घूम रहा है। पुुन: कोई घटना न हो और वन विभाग के अभियान में भी कोई बाधा न आए इसके लिए आसपास के गांव के लोगों से संबंधित क्षेत्र में न आने की अपील की जा रही है इसके बाद भी प्रतिदिन बड़ी संख्या में लोग तमाशा देखने पहुंच रहे हैं। दूसरे किसी भी समय बाघ के ट्रैक्युलाइज होने पर भीड़ को नियंत्रित करने में दिक्कत आ सकती है। इसको देखते हुए विशेषज्ञों के अनुरोध पर वनाधिकारी ने एसपी से एक प्लाटून पीएसी मांगी है।
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तीन लोगों की जान लेने वाला खूनी बाघ वन विभाग की पकड़ में नहीं आ पा रहा है। वहीं मनाही के बाद भी प्रतिदिन बड़ी संख्या में ग्रामीण वन विभाग द्वारा चिह्नित क्षेत्र के आसपास पहुंच रहे हैं। इन्हें रोकने के लिए वन विभाग ने एसपी से एक प्लाटून पीएसी मंागी है।
अमरिया क्षेत्र के हिमकनपुर और बेहरी गांव के आसपास घूम रहे बाघ को पकड़ने के लिए वन विभाग और विभिन्न संस्थाओं के विशेषज्ञ चार हाथी, एक बंद ट्रैक्टर सहित विभिन्न संसाधनों के साथ 18 दिन लगे हुए हैं लेकिन बाघ पकड़ में नहीं आ रहा है। सोमवार सुबह जब टीम ने संबंधित क्षेत्र में सर्च अभियान चलाया तो गन्ने के खेत में बांधा गया पड्डा सुरक्षित मिला लेकिन पास के खेत में बाघ के पदचिह्न देखे गए हैं। सूत्र बताते हैं कि रात के समय एक कैमरे भी बाघ का फोटो आया है। पदचिह्न मिलने के बाद हाथियों की मदद से बाघ की तलाश कराई गई लेकिन बाघ के न मिलने से सारे प्रयास विफल होते नजर आए। गन्ने के खेत के निकट ही बनाई गई मचान पर भी दो टीमें 24 घंटे रहकर निगरानी कर रही हैं लेकिन दिन के समय बाघ के बाहर न आने से दिक्कत आ रही है।
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मनाही के बाद भी आ रहे लोग, पीएसी मांगी
18 दिन से चल रहे सर्च अभियान में अभी तक बाघ 4-5 किमी क्षेत्र में भी चहल कदमी करता पाया गया है। वह गन्ने और सब्जियों (पॉलेज) के खेतों में घूम रहा है। पुुन: कोई घटना न हो और वन विभाग के अभियान में भी कोई बाधा न आए इसके लिए आसपास के गांव के लोगों से संबंधित क्षेत्र में न आने की अपील की जा रही है इसके बाद भी प्रतिदिन बड़ी संख्या में लोग तमाशा देखने पहुंच रहे हैं। दूसरे किसी भी समय बाघ के ट्रैक्युलाइज होने पर भीड़ को नियंत्रित करने में दिक्कत आ सकती है। इसको देखते हुए विशेषज्ञों के अनुरोध पर वनाधिकारी ने एसपी से एक प्लाटून पीएसी मांगी है।
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