{"_id":"5946b5294f1c1b8e578b463b","slug":"khun-and-shisham-s-17-trees-were-stolen-in-dunedam","type":"story","status":"publish","title_hn":" ड्यूनीडाम में खैर व शीशम के 17 पेड़ चोरी से काटे ","category":{"title":"Crime","title_hn":"क्राइम ","slug":"crime"}}
ड्यूनीडाम में खैर व शीशम के 17 पेड़ चोरी से काटे
ब्यूरो /पीलीभीत
Updated Sun, 18 Jun 2017 11:05 PM IST
विज्ञापन
ड्यूनीडाम में खैर व शीशम के 17 पेड़ चोरी से काटे
खबरें लगातार पढ़ने के लिए अमर उजाला एप डाउनलोड करें
या
वेबसाइट पर पढ़ना जारी रखने के लिए वीडियो विज्ञापन देखें
अगर आपके पास प्रीमियम मेंबरशिप है तो
पुलिस चौकी से महज दो सौ कदम दूरी पर खड़े शीशम व खैर के 17 पेड़ चोरी से काट लिए गए। इसका पता लगने पर डीएफओ ने मौका मुआयना किया। इस मामले में ठेकेदार के खिलाफ अमरिया थाने में मुकदमा दर्ज कराया गया है। मिलीभगत के आरोप में डीएफओ ने वनरक्षक को निलंबित कर दिया है। डिप्टी रेंजर के निलंबन की संस्तुति वन संरक्षक से की गई है। अमरिया थाना क्षेत्र के ड्यनी नीडाम इलाके में धनकुना पुलिस चौकी से दो सौ मीअर दूरी पर सामाजिक वानिकी क्षेत्र में शीशम, सागौन व खैर के पड़े हैं। तीन दिन पूर्व ठेकेदार ने खैर व शीशम के 17 पेड़ चोरी से कटवा लिए। आरोप है कि ठेकेदार से मिलीभगत के चलते वनकर्मियों ने लकड़ी उठवाने के बाद मौके पर जाकर खुद मुढ्ढियां गायब करने की कोशिश की। इसका पता लगने पर डीएफओ आदर्श कुमार और रेंजर गजेंद्र बहादुर सिंह ने मौका मुआयना किया। उन्हें मौके पर काटे गए पेड़ और कुछ मु्िढ्ढयां मिली। जांच के बाद रेंजर ने स्टाफ की मदद से लकड़ी बरामद कर ली। डीएफओ के निर्देश पर विभागीय केस काटा गया है। पहचान करने के बाद गुलड़िया भिंडारा निवासी ठेकेदार की बाबू के खिलाफ अमरिया थाने में एफआईआर दर्ज कराई गई है। वहीं वनरक्षक अजमेर सिंह यादव को निलंबित कर डिप्टी रेंजर अरुण मोहन श्रीवास्तव के निलंबन की संस्तुति सहित रिपोर्ट वन संरक्षक को भेजी है।
ड्यूनीडाम क्षेत्र में लकड़ी कटान का मामला प्रकाश में आया था। जांचोपरांत ठेकेदार पर एफआईआर कराई गई है साथ ही लापरवाह वनकर्मियों पर भी कार्रवाई की गई है। -आदर्श कुमार, डीएफओ, सामाजिक वानिकी
विज्ञापन
ड्यूनीडाम क्षेत्र में लकड़ी कटान का मामला प्रकाश में आया था। जांचोपरांत ठेकेदार पर एफआईआर कराई गई है साथ ही लापरवाह वनकर्मियों पर भी कार्रवाई की गई है। -आदर्श कुमार, डीएफओ, सामाजिक वानिकी
विज्ञापन