फ्री ई-पेपर
पर्सनलाइज़्ड फ़ीड
पर्सनलाइज़्ड नोटिफ़िकेशन
चलते-फिरते ख़बरें
लॉयल्टी रिवॉर्ड्स
डाउनलोड करें

सब्सक्राइब करें
Hindi News ›   Uttar Pradesh ›   Pilibhit News ›   Five more murderers arrested, a doctor nominated

खून के पांच और सौदागर गिरफ्तार, एक चिकित्सक भी नामजद    

Sat, 15 Jul 2017 07:58 PM IST
पीलीभीत।
पीलीभीत। Updated Sat, 15 Jul 2017 07:58 PM IST
विज्ञापन
Five more murderers arrested, a doctor nominated
खून के पांच और सौदागर गिरफ्तार, एक चिकित्सक भी नामजद     - फोटो : खून के पांच और सौदागर गिरफ्तार, एक चिकित्सक भी नामजद    
खून का खेल:
विज्ञापन

एक रात में खून की सौदेबाजी करने वाले छह लोगों की गिरफ्तारी कर कोतवाली पुलिस ने बड़ा खुलासा किया है। नाबालिगों का खून निकालते वक्त अपने मकान से पकड़े गए गए गिरोह के एक सदस्य से पूछताछ के बाद पुलिस ने रात भर विभिन्न स्थानों पर ताबड़तोड़ दबिशें दीं। जिसके बाद पांच अन्य साथी भी पुलिस के हत्थे चढ़ गए। सभी के खिलाफ संगीन धाराओं में मुकदमा दर्ज किया गया है। इसमें शहर के नामचीन एसएस हास्पिटल के डा.शिव कुमार अग्रवाल भी नामजद किए गए हैं। हालांकि अभी उनकी गिरफ्तारी नहीं की गई है।
शुक्रवार देर शाम पुलिस को मुखबिर से सूचना मिली कि मोहल्ला शेर मोहम्मद में एसएस हास्पिटल का कंपाउंडर जाकिर सिद्दीकी अपने मकान में नाबालिग बच्चों का खून निकाल रहा है। इस पर कोतवाल देशपाल सिंह, कमल्ले चौकी प्रभारी सुनील कुमार शर्मा, सुनील कुमार चौधरी, एचसीपी चंद्रपाल सिंह, कांस्टेबल राहुल कुमार, प्रिंस ने मौके पर दबिश दी। यहां दो नाबालिगों का खून लेते हुए पुलिस ने जाकिर को धर दबोचा। इसके पास से निकाले गए खून से भरी मेडिकल थैली और निडिल बरामद हुई। कोतवाली लाकर की गई पूछताछ में आरोपी ने अपने कई अन्य साथियों के नाम बताए। जिसमें अधिकांश शहर के एसएस हास्पिटल में काम करने वाले निकले। जानकारी जुटाने के बाद टीम बनाकर रात में ही पुलिस ने जटपुरा (न्यूरिया) हरिशंकर, बनौसा नवदिया (गजरौला) निवासी सरवन कुमार, शाही (जहानाबाद) के हरचरन सिंह गौतम, सैदपुर निवासी कमल कुमार, शिवशकित बारात घर लीची बाग के रहने वाले राजेश कुमार को धर दबोचा। कानूनी कार्रवाई के लिए ड्रग इंस्पेक्टर बबिता रानी और जिला अस्पताल स्थित ब्लड बैंक की टीम को बुलाकर जांच की गई। इसके बाद पुलिस ने औषधि और प्रसाधन सामग्री अधिनियम 18, 27, 269, 327, 419,420 के तहत रिपोर्ट दर्ज की। शनिवार को आरोपियों को पूछताछ के बाद जेल भेज दिया है। मुकदमे में एसएस हास्पिटल के डा. शिव कुमार अग्रवाल भी नामजद हैं। जिनकी गिरफ्तारी को लेकर अधिकारियों से संपर्क साधा जा रहा है। पुलिस का कहना है कि खून के इस खेल में कई अन्य चिकित्सक भी शामिल हैं। इसको लेकर पड़ताल की जा रही है।       
विज्ञापन

 
12 हजार तक में बेचते थे खून
पूछताछ के दौरान आरोपियों ने पुलिस को बताया कि वह रुपये का लालच देकर लोगों को अपने घर बुलाकर ही खून लेते थे। इसमें एक यूनिट का पांच सौ रुपये दिया जाता था। इसके बाद खून को ढाई हजार से लेकर 12 हजार तक में बेच दिया जाता था। मरीज के परिवारीजनों से जैसी सौदेबाजी तय होती, रकम उसी हिसाब से ले ली जाती थी।               
विज्ञापन
विज्ञापन

 
रुपये की चाहत में करते थे जान से खिलवाड़
चौंकाने वाली बात यह है कि खून के इस कारोबार में न तो खून देने वाले और न ही मरीज की सेहत को लेकर कोई ध्यान दिया जाता। पहले से इस्तेमाल की जा चुकी निडिल से ही कईयों का खून निकाला जाता। खास तौर पर यह खून निजी अस्पतालों में भर्ती मरीजों के तीमारदार ही खरीदते थे। निजी अस्पताल के स्टाफ से इन सौदागरों की पहले से ही सेटिंग रहती थी, लिहाजा बिना चेक किए ओके कर दिया जाता था। प्राइवेट तौर पर रखे गए अनट्रेंड स्टाफ से गुमराह होकर निजी अस्पताल के चिकित्सक भी इस खून की जांच से संतुष्ट हुए बगैर उसे मरीज को चढ़ा दिया करते थे। यही नहीं कई बार तो ब्लड चढ़ाने से पहले ब्लड ग्रुप तक को भी नजर अंदाज कर दिया जाता था, जोकि सीधे तौर पर मरीज की जान से खिलवाड़ है।
 
नाबालिगों को बहला फुसलाकर ले गए थे कमरे तक
पुलिस से पूछताछ के दौरान नाबालिग बच्चों ने बताया कि आरोपी उनको बहला फुसलाकर अपने साथ मोहल्ला शेर मोहम्मद स्थित जाकिर के मकान में ले गए थे। यहां पहले जबरन खून निकाल लिया। इसके बाद पांच सौ रुपये का लालच देकर चुप कराने लगे। इसी बीच पुलिस ने दबिश देकर धरपकड़ कर दी।
 
पुलिस के गुडवर्क से स्वास्थ्य विभाग की लापरवाही उजागर
कोतवाली पुलिस की कामयाबी के साथ ही घटना के दौरान स्वास्थ्य विभाग की लापरवाही भी उजागर हो गई है। यह कारोबार पिछले ढाई साल से लगातार किया जा रहा है। करीब एक हजार लोगों को इस तरह से खून बेचा गया है। इसके बावजूद आज तक स्वास्थ्य विभाग की ओर से कोई कार्रवाई या छापामारी नहीं की गई। इसके पीछे  मिलीभगत की चर्चाएं भी तेज हो गई हैं। एसएस अस्पताल के अलावा कई अन्य अस्पतालों पर भी आरोपियों की नजर रहती थी। खून की जरूरत वाले मरीजों के तीमारदारों से संपर्क करने के बाद इसका सौदा किया जाता था।
 
एक आरोपी वैभव अस्पताल का कर्मचारी              
पुलिस के हत्थे चढ़े छह में से एक राजेश कुमार एसएस हास्पिटल का कर्मचारी नहीं है। वह वैभव अस्पताल में सीटी स्कैन करने का काम करता है, लेकिन उसका अन्य आरोपियों से हमेशा सीधा संपर्क रहता था। सभी ग्राहक मिलने पर एक दूसरे को फोन पर बुला लिया करते थे। पुलिस का कहना है कि खून के खेल को लेकर उसके अस्पताल वालों को कोई जानकारी नहीं थी।
 
और भी हैं खून के सौदागर
एसएस हास्पिटल के पांच समेत छह युवकों की धरपकड़ के बाद एक बड़ा खुलासा तो हुआ है। इससे इनकार नहीं किया जा सकता कि यह कार्रवाई की नाममात्र शुरूआत है। अभी भी कई और भी सौदागर बाकी हैं, जिन पर शिकंजा कसना बाकी है। इसको लेकर भी पुलिस जांच कर रही है। धरपकड़ कार्रवाई के बाद शहर के कई अन्य निजी अस्पताल और जांच सेंटरों में खलबली मच गई है।
 
मीडिया से जानकारी छिपाते रहे एक दरोगा
एक तरफ कोतवाली पुलिस गुडवर्क का खुलासा कर रही थी, तो वहीं परिसर में मौजूद दरोगा शकील अहमद पू्रे मामले को छिपाने की कोशिश करने में जुटे रहे। जानकारी देेने वाले पुलिसकर्मियों को भी कप्तान का खौफ जताते हुए रोकने लगे और मीडिया से दूरी बनाने की सलाह दे डाली। ताकि कहीं किए जा रहे खुलासे में कोई झोल हो और वह सामने न आ जाए।
 
कोतवाल देशपाल सिंह की ओर से एसएस अस्पताल के चिकित्सक समेत सात के खिलाफ मुकदमा दर्ज किया गया है। पकड़े गए छह आरोपियों का चालान कर दिया गया है। इनके पास से एक खून से भरी और छह खाली बैग बरामद हुए हैं। मामले की गंभीरता से जांच कराकर सख्त कार्रवाई की जाएगी।

- कलानिधि नैथानी, एसपी
 
आरोपियों पर लगेगा गैंगस्टर, टीम को ईनाम 
खून के अवैध कारोबार की धरपकड़ करने वाली कोतवाली पुलिस की टीम को एसपी कलानिधि नैथानी ने पांच हजार रुपये ईनाम की घोषणा की है। इसके अलावा पकड़े गए आरोपियों पर कानूनी शिकंजा कसने को गैंगस्टर एक्ट की कार्रवाई की जाएगी। 
विज्ञापन
विज्ञापन
सबसे विश्वसनीय Hindi News वेबसाइट अमर उजाला पर पढ़ें हर राज्य और शहर से जुड़ी क्राइम समाचार की
ब्रेकिंग अपडेट।
 
रहें हर खबर से अपडेट, डाउनलोड करें अमर उजाला हिंदी न्यूज़ APP अपने मोबाइल पर।
Amar Ujala Android Hindi News APP Amar Ujala iOS Hindi News APP
विज्ञापन
विज्ञापन
विज्ञापन

एड फ्री अनुभव के लिए अमर उजाला प्रीमियम सब्सक्राइब करें

Next Article

AU ऐप में पढ़ें

Followed