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शराब की दुकान में तोड़फोड़, पुलिस ने धक्का-मुक्की, पथराव

Fri, 12 May 2017 11:14 PM IST
अमर उजाला ब्यूरो पीलीभीत।
अमर उजाला ब्यूरो पीलीभीत। Updated Fri, 12 May 2017 11:14 PM IST
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Demolition in liquor shop, police push, picket
शराब
पुलिस ने डंडे फटकार कर भीड़ को दौड़ाया, सेल्समैन की ओर से मुकदमा
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गांव में दुकान शिफ्ट करने का विरोध कर रहे खमरिया पुल के रहने वाले

पीलीभीत-बरेली हाईवे से हटाकर खमरिया पुल गांव में शिफ्ट की गई देशी शराब की दुकान हटाने की मांग को लेकर शुक्रवार सुबह लोग सड़क पर उतर आए और जमकर हंगामा किया। शराब की दुकान पर पहुंचे सेल्समैन के विरोध करने पर लोग और तोड़फोड़ शुरू कर दी। मौके पर पहुंची जहानाबाद पुलिस के साथ भी धक्का मुक्की की और पथराव किया इस पर पुलिस ने डंडे फटकार कर प्रदर्शन कर रहे लोगों को खदेड़ दिया, जिसके बाद माहौल शांत हुआ। बाद में सेल्समैन की ओर से प्रदर्शन करने वालों के खिलाफ रिपोर्ट दर्ज कर ली गई।
प्रदेश में योगी सरकार बनने के बाद शराब की दुकानें हाईवे से पांच सौ मीटर की दूर हटाने के निर्देश दिए गए थे। इसका सख्ती से पालन कराया गया। इसी के तहत पीलीभीत-बरेली हाईवे स्थित देशी शराब की दुकान खमरिया पुल गांव में शिफ्ट कर दी गई थी। इसका गांव की महिलाएं शुरू से विरोध कर रही थीं। मगर अभी तक दुकान नहीं हटाई गई। इस पर शुक्रवार को ग्रामीणों का गुस्सा फूट पड़ा। गांव की दर्जनों महिलाएं व पुरुष शराब की दुकान के सामने इकट्ठे हुए और नारेबाजी शुरू कर दी। दुकान के सेल्समैन महेंद्र और अमर सिंह से विरोध प्रदर्शन कर रहे लोगों से भिड़ गए। इस पर लोग और भड़क गए। भीड़ में शामिल कुछ लोगों ने दुकान में तोड़फोड़ शुरू कर दी। इसकी सूचना मिलने पर इंस्पेक्टर इंद्र सिंह, शाही चौकी प्रभारी अभय कुमार पांडे पुलिस बल के साथ मौके पर पहुंच गए। उन्होंने भीड़ को शांत करने की कोशिश की गई, लेकिन शांत होने के बजाय शराब कारोबारियों को संरक्षण देने का आरोप लगाते हुए महिलाएं पुलिस से भिड़ गई। कुछ लोगों ने पुलिस से धक्का-मुक्की कर दी। कुछ लोगों ने पुलिस पर पत्थर भी फेंके। माहौल बिगड़ता देख पुलिस ने डंडे फटकार कर भीड़ को खदेड़ दिया। इसके कुछ देर बाद माहौल शांत हो गया।
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शराब की दुकान हटाने की कार्रवाई पहले से की जा रही थी। अचानक ग्रामीणों ने जाकर तोड़फोड़ शुरू कर दी। सेल्समैन नवाबगंज (बरेली) के इनायतपुर निवासी महेंद्र पाल व अमर सिंह की तहरीर पर बलवा, तोड़फोड़ की धाराओं में मुकदमा दर्ज किया गया है। - निशांक शर्मा, सीओ सदर
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शहर से देहात तक हो चुका है विरोध प्रदर्शन
पीलीभीत। शराब बंदी और दुकानें की मांग पर जिले में डेढ़ महीने के भीतर कई प्रदर्शन हो चुके है। प्रदर्शन करने वालों में खासकर महिलाएं रहीं। माधोटांडा के रमनगरा गांव में महिलाओं ने शराब की दुकान हटाने को लेकर सड़क से पुलिस चौकी तक घंटों प्रदर्शन किया था। न्यूरिया में सैकड़ों की संख्या में महिलाओं व पुरुषों ने अप्रैल में टनकपुर हाईवे जाम कर नारेबाजी की थी। शराब की पुरानी दुकान में घुसकर तोड़फोड़ की गई। पुलिस से भी महिलाओं की भिड़ंत हुई। बीसलपुर, बिलसंडा और पूरनपुर क्षेत्र में भी कई बार प्रदर्शन किए गए। इसके बाद सुनगढ़ी थाना क्षेत्र के रेलवे स्टेशन तिराहा और गजरौला के कल्यानपुर नौगवां गांव में लगातार दो बार प्रदर्शन के नाम पर तोड़फोड़ की गई थी। इसमें प्रशासन सख्त हुआ और सात महिलाएं गिरफ्तार कर जेल भेज दी गई। इन पर बलवा, तोड़फोड़ सरकारी कार्य बाधा डालने जैसी संगीन धाराओं में केस दर्ज किया गया। अन्य स्थानों पर भी हुए प्रदर्शनों में केस दर्ज किया गया। इसके बाद से प्रदर्शन शांत हो गए। लंबे समय बाद अब खमरिया पुल में प्रदर्शन कर गुस्सा सामने आया है। 
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