सांस्कृतिक कार्यक्रम की वीडियो से बनाई छात्रा की फर्जी क्लीपिंग
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स्कूल में हुए सांस्कृतिक कार्यक्रम की वीडियो में कंप्यूटर से मिक्सिंग कर एक छात्र ने अपना फोटो जोड़ दिया और उसे नेट पर डाल दिया। इसकी जानकारी होने पर छात्रा के पिता शिकायत करने स्कूल पहुंचे तो आरोपी छात्र ने साथियों की मदद से उनकी पिटाई कर दी। गांव में इसको लेकर पंचायत हुई। स्कूल के अभिभावक संघ के लोग भी पंचायत में मौजूद रहे। करीब डेढ़ घंटा चली पंचायत में आरोपी युवक के यह बताए जाने पर कि उसके मोबाइल से यह कार्य गांव के ही एक अन्य लड़के ने किया है तथा इस बात को लेकर उसका उसके साथ विवाद भी हुआ था, के बाद पंचायत ने उस लड़के को भी खोजवाया तो उसके परिवार वालों ने बताया कि वह काम से उत्तरांचल गया है। मोबाइल उसका स्विच आफ मिला। इस पर पंचायत ने आरोपी युवक के स्कूल जाने पर दस दिन तक की पाबंदी लगा दी। पंचायत ने यह भी फैसला सुनाया कि फाइनल पंचायत व दोष निर्धारण उत्तराखंड से युवक के आने बाद दोनों युवकों के पंचायत में मौजूदगी के बाद ही लिया जाएगा। घटना की सूचना पुलिस को नहीं दी गई है।
बार्डर क्षेत्र के एक कॉलेज में 15 अगस्त पर सांस्कृतिक कार्यक्रम हुए थे। कार्यक्रम में कक्षा नौ की एक छात्रा ने प्रतिभाग किया था। इस कार्यक्रम की उसी कॉलेज के कक्षा 12 के छात्र ने मोबाइल से वीडियो बना ली और बाद में कंप्यूटर से इसमें मिक्सिंग कर अपना फोटो जोड़ दिया। मिक्स कर बनाई गई इस क्लिपिंग को उसने नेट पर डाल दिया। छात्रा के साथ बनाई गई क्लिपिंग हरिद्वार में काम कर रहे उसके भाई ने फेसबुक पर देखा तो गांव आकर जानकारी की। हकीकत मालूम होने पर शुक्रवार को छात्रा के पिता ने कॉलेज पहुंचकर प्रधानाचार्य से शिकायत की जिसपर उन्होंने जांच का आश्वासन दिया। इसकी भनक लगने पर युवक ने अपने साथियों को बुला लिया और शिकायत करने आए छात्रा के पिता के साथ अभद्रता कर मारपीट की। कुछ देर बाद अन्य छात्राओं ने भी आरोपी युवक को घेर लिया लेकिन साथियों की मदद से वह कॉलेज से भाग गया। इसको लेकर गांव में पंचायत बुलाई गई है। करीब डेढ़ घंटा तक चली पंचायत में आरोपी युवक बुलवाया गया। वह पहुंचा भी। उसने बताया कि उसके मोबाइल से यह गांव के ही एक अन्य लड़के ने किया है। उसे जब जानकारी हुई तो उसने विरोध किया। अपने समर्थन में उसने कुछ अन्य लड़कों की गवाही भी दिलवाई। इसके बाद उस लड़के को खोजवाया गया तो पता चला कि वह उत्तराखंड गया है। पंचायत के लोगों ने जब उसका मोबाइल मिलाया तो वह स्विचऑफ मिला। इसके बाद पंचायत ने तय किया कि दस दिन के भीतर उस युवक को बुलवा कर एक बार फिर पंचायत होगी। जिसमे यह तय किया जाएगा कि आरोपी युवक सही बोल रहा है अथवा नहीं, लेकिन प्रथम द्ष्टया यह सिद्ध पाया गया है कि यह कार्य आरोपी युवक के मोबाइल से ही किया गया है इस लिए उसके दस दिन तक स्कूल जाने पर पाबंदी रहेगी। इस फैसले के बाद भी किसी भी पक्ष ने घटना की सूचना पुलिस को नहीं दी है।