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पुलिसवालों ने स्टेशन मास्टर को दौड़ाकर पीटा
पूरनपुर/पीलीभीत।
Updated Tue, 21 Apr 2015 11:43 PM IST
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कोतवाली पुलिस ने
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सोमवार की रात पूरनपुर रेलवे स्टेशन पर जम कर गुंडई दिखाई। अपने कक्ष के
बाहर स्टॉफ के साथ बैठे स्टेशन मास्टर राजीव कुमार श्रीवास्तव से पहले तू
तड़ाक के लहजे में बात की तथा विरोध करने पर उन्हें मारना पीटना शुरू कर
दिया।
स्टेशन मास्टर को पिटता देख पंप ऑपरेटर चुन्नीलाल ने विरोध किया तो पुलिस वालों ने उसे भी मारा। दोनों को पुलिस वालों ने स्टेशन पर दौड़ा-दौड़ा कर पीटा। रायफल की बटों से भी उन्हें मारा, जिससे वह घायल हो गए। दोनों ने जीआरपी चौकी में घुस कर किसी तरह जान बचाई।
सूचना पर रात में ही सीओ बृजवीर सिंह ने मौके पर पहुंच पूछताछ की। स्टेशन मास्टर की तहरीर पर जीआरपी पीलीभीत थाने पर सिपाही असलम मियां, चार सिपाही व एक दरोगा अज्ञात के खिलाफ सरकारी कार्य में बाधा डालने, मारपीट व गालीगलौज करने की रिपोर्ट दर्ज कर ली गई है।
घटना रात साढ़े ग्यारह बजे की है। ड्यूटी पर तैनात स्टेशन मास्टर राजीव श्रीवास्तव गोकुल एक्सप्रेस ट्रेन पास करने के बाद अपने कक्ष के बाहर बैंच पर पोर्टर कुमार शेखर, पंप चालक चुन्नी लाल के साथ बैठे थे। इसी बीच कोतवाली के चार-पांच सिपाही एक दरोगा के साथ वहां आ धमके। आरोप है कि पुलिस कर्मियों ने तू तड़ाक के लहजे में नाम, पता व बैठे रहने का कारण पूछना शुरू कर दिया।
स्टेशन मास्टर ने परिचय देने के साथ पुलिस वालों से संयमित भाषा का प्रयोग करने को कहा तो पुलिस वाले आगबबूला हो गए तथा उन्हें मारना पीटना शुरू कर दिया। पास मौजूद पंप चालक ने जब इसका विरोध करते हुए उन्हें बचाने की कोशिश की तो पुलिस वाले उस पर भी टूट पडे़।
दोनों को लात-घूसों व थप्पड़ के साथ-साथ रायफल की बटों से स्टेशन पर दौड़ा-दौड़ा कर पीटना शुरू कर दिया। इससे वहां अफरा तफरी मच गई। स्टेशन मास्टर व पंप चालक घायल भी हो गए। दोनों ने किसी तरह जीआरपी चौकी में घुस कर अपनी जान बचाई।
पुलिस कर्मियोें के स्टेशन से जाने के बाद स्टेशन मास्टर राजीव ने घटना की जानकारी मोबाइल पर विभागीय और पुलिस के आला अधिकारियों को दी। सूचना पर सीओ ब्रजवीर सिंह, इंस्पेक्टर धर्मपाल सिंह देर रात स्टेशन पहुंचे और कर्मचारियों से घटना की जानकारी की।
जीआरपी एसओ राघवेंद्र सिंह ने बताया कि स्टेशन मास्टर की ओर से सिपाही असलम, चार सिपाही व एक दरोगा अज्ञात के खिलाफ रिपोर्ट दर्ज की गई है। जीआरपी ने दोनों घायलों का मेडिकल परीक्षण कराया है। घटना के बाद से रेलवे कर्मियों में पुलिस के प्रति खासा रोष है।
एसपी ने प्रथम दृष्ट्या इस मामले में नामजद सिपाही असलम व जांच के दौरान प्रकाश में आए सिपाही नरेंद्र को सस्पेंड कर दिया है।
नहीं होगी दोषी पुलिस वालों की गिरफ्तारी
स्टेशन पर पहुंच कर स्टेशन मास्टर व पंप ऑपरेटर को मामूली बात पर हुई कहासुनी को लेकर दौड़ा-दौड़ा कर जिन पुलिस वालों ने पीटा उनकी गिरफ्तारी तक पुलिस नहीं करेगी। इस बात का खुलासा स्वयं एएसपी जेके शाही ने किया। उन्होंने कहा कि जिन धाराओं में रिपोर्ट दर्ज हुई है, उनमें सात साल से कम की सजा है। इसलिए आरोपियों की गिरफ्तारी नहीं हो सकती है। विवेचना के दौरान यदि आरोप सही पाए गए तो आरोप पत्र अदालत में दाखिल होगा। इसके बाद विभागीय अन्य कार्रवाई होगी।
स्टेशन मास्टर को पिटता देख पंप ऑपरेटर चुन्नीलाल ने विरोध किया तो पुलिस वालों ने उसे भी मारा। दोनों को पुलिस वालों ने स्टेशन पर दौड़ा-दौड़ा कर पीटा। रायफल की बटों से भी उन्हें मारा, जिससे वह घायल हो गए। दोनों ने जीआरपी चौकी में घुस कर किसी तरह जान बचाई।
सूचना पर रात में ही सीओ बृजवीर सिंह ने मौके पर पहुंच पूछताछ की। स्टेशन मास्टर की तहरीर पर जीआरपी पीलीभीत थाने पर सिपाही असलम मियां, चार सिपाही व एक दरोगा अज्ञात के खिलाफ सरकारी कार्य में बाधा डालने, मारपीट व गालीगलौज करने की रिपोर्ट दर्ज कर ली गई है।
घटना रात साढ़े ग्यारह बजे की है। ड्यूटी पर तैनात स्टेशन मास्टर राजीव श्रीवास्तव गोकुल एक्सप्रेस ट्रेन पास करने के बाद अपने कक्ष के बाहर बैंच पर पोर्टर कुमार शेखर, पंप चालक चुन्नी लाल के साथ बैठे थे। इसी बीच कोतवाली के चार-पांच सिपाही एक दरोगा के साथ वहां आ धमके। आरोप है कि पुलिस कर्मियों ने तू तड़ाक के लहजे में नाम, पता व बैठे रहने का कारण पूछना शुरू कर दिया।
स्टेशन मास्टर ने परिचय देने के साथ पुलिस वालों से संयमित भाषा का प्रयोग करने को कहा तो पुलिस वाले आगबबूला हो गए तथा उन्हें मारना पीटना शुरू कर दिया। पास मौजूद पंप चालक ने जब इसका विरोध करते हुए उन्हें बचाने की कोशिश की तो पुलिस वाले उस पर भी टूट पडे़।
दोनों को लात-घूसों व थप्पड़ के साथ-साथ रायफल की बटों से स्टेशन पर दौड़ा-दौड़ा कर पीटना शुरू कर दिया। इससे वहां अफरा तफरी मच गई। स्टेशन मास्टर व पंप चालक घायल भी हो गए। दोनों ने किसी तरह जीआरपी चौकी में घुस कर अपनी जान बचाई।
पुलिस कर्मियोें के स्टेशन से जाने के बाद स्टेशन मास्टर राजीव ने घटना की जानकारी मोबाइल पर विभागीय और पुलिस के आला अधिकारियों को दी। सूचना पर सीओ ब्रजवीर सिंह, इंस्पेक्टर धर्मपाल सिंह देर रात स्टेशन पहुंचे और कर्मचारियों से घटना की जानकारी की।
जीआरपी एसओ राघवेंद्र सिंह ने बताया कि स्टेशन मास्टर की ओर से सिपाही असलम, चार सिपाही व एक दरोगा अज्ञात के खिलाफ रिपोर्ट दर्ज की गई है। जीआरपी ने दोनों घायलों का मेडिकल परीक्षण कराया है। घटना के बाद से रेलवे कर्मियों में पुलिस के प्रति खासा रोष है।
एसपी ने प्रथम दृष्ट्या इस मामले में नामजद सिपाही असलम व जांच के दौरान प्रकाश में आए सिपाही नरेंद्र को सस्पेंड कर दिया है।
नहीं होगी दोषी पुलिस वालों की गिरफ्तारी
स्टेशन पर पहुंच कर स्टेशन मास्टर व पंप ऑपरेटर को मामूली बात पर हुई कहासुनी को लेकर दौड़ा-दौड़ा कर जिन पुलिस वालों ने पीटा उनकी गिरफ्तारी तक पुलिस नहीं करेगी। इस बात का खुलासा स्वयं एएसपी जेके शाही ने किया। उन्होंने कहा कि जिन धाराओं में रिपोर्ट दर्ज हुई है, उनमें सात साल से कम की सजा है। इसलिए आरोपियों की गिरफ्तारी नहीं हो सकती है। विवेचना के दौरान यदि आरोप सही पाए गए तो आरोप पत्र अदालत में दाखिल होगा। इसके बाद विभागीय अन्य कार्रवाई होगी।