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बरेली से पकड़ा गया शातिर ठग जीशान
पीलीभीत, ब्यूरो
Updated Mon, 26 Sep 2016 11:49 PM IST
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फर्जी एसडीएम बनकर आठ लाख रुपये की ठगी करने वाला जीशान बरेली से पकड़ा गया। पीड़ित ने खुद ही उसे तलाश कर दबोचा। इसके बाद सीओ सिटी के पास लेकर पहुंचा। सीओ ने आरोपी से पूछताछ की तो पता चला कि उसका पूरा गिरोह है। शहर के मोहल्ला शेर मोहम्मद निवासी जीशान अंसारी ने पहले खुद के पीसीएस की परीक्षा पास करने की सूचना समाचार पत्रों में प्रकाशित कराई। इसके बाद लखनऊ में एसडीएम पद पर तैनाती बताते हुए नौकरी के नाम पर ठगी करने लगा। पिछले दिनों अमरोहा के कस्बा बहरायू निवासी आसिफ और उसके घरवाले जीशान के घर पहुंचे तो जीशान की ठगी का भंडाफोड़ हुआ था। तीन दिन पहले पीड़ित आसिफ ने एसपी को जीशान के खिलाफ तहरीर दी थी। इसमें लेखपाल की नौकरी लगवाने के नाम पर आठ लाख रुपये ठगने का आरोप था। सोमवार को अमरोहा से आए पीड़ित पक्ष
ने जीशान को बरेली के कर्मपुर इलाके में सल्लू के मकान से पकड़ लिया। इसके बाद उसको सीओ सिटी निर्मल बिष्ट के पास लेकर आए। सीओ ने उससे पूछताछ कर जानकारी जुटाई। इसमें ठगी करने वाला गिरोह संचालित करने की बात सामने आई है। सीओ सिटी ने आरोपी को कोतवाली पुलिस के सुपुर्द कर दिया है। सात लोगों का है गैंग, जीशान करता था डील पुलिस पूछताछ में जीशान ने कई बड़े राज उगले हैं। उसने बताया कि उसका एक पूरा सात लोगों का गिरोह ठगी को अंजाम देता है। इसमें अलीगढ़, बस्ती, गुन्नौर आदि जिलों के एएमयू में पढ़ने वाले युवक हैं। शिकार तलाशने के बाद डील करने के लिए उसको भेजा जाता था। यह पहले ही कह दिया जाता था कि कितनी रकम नौकरी के एवज में मांगनी है। इसके बाद पैसा जीशान के एकाउंट में लिया जाता था। बाद में सभी बांट लिया करते थे। अमरोहा के युवक से ठगे गए आठ
लाख रुपये में से जीशान को दो लाख रुपये मिले थे। यह भी बताया कि उसने करीब बीस लाख रुपये ठगे हैं।
डॉक्टरी नहीं चली तो बन गया ठग
शातिर ठग जीशान ने एएमयू से बीएएमएस किया है। उसने बताया कि पहले उसने पीलीभीत में क्लीनिक खोला था, लेकिन काम नहीं चला। इसके बाद लखनऊ जाकर क्लीनिक चलाने लगा। साथ ही पीसीएस की तैयारी भी कर रहा था। शुरूआत में तो क्लीनिक ठीक चला, फिर ठप हो गया। इस दौरान उसकी मुलाकात गुन्नौर के रहने वाले मुस्तकीम से हुई। उसने उसे अपने साथ काम करने का ऑफर दिया तो वह ठगी करने लगा।
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गर्लफ्रेंड पर खर्च हो गए रुपये
पूछताछ में आरोपी ने आठ में से दो लाख रुपये मिलने की बात स्वीकार की। पुलिस के पूछने पर बताया कि करीब 75 हजार रुपये का उसने सामान खरीद लिया। बाकी पैसे उसने अपनी लखनऊ की गर्लफ्रेंड पर खर्च कर दिए। इस समय उसके पास कोई रुपया नहीं है।
एसडीएम बनकर ठगी करने वाला जीशान पकड़ा गया है। उसको पीड़ित बरेली से पकड़कर लाए हैं। आरोपी ने कई साथियों के नाम बताए हैं। कोतवाली पुलिस आरोपी से पूछताछ कर रही है, सख्त कार्रवाई की जाएगी।
निर्मल सिंह बिष्ट, सीओ सिटी
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ने जीशान को बरेली के कर्मपुर इलाके में सल्लू के मकान से पकड़ लिया। इसके बाद उसको सीओ सिटी निर्मल बिष्ट के पास लेकर आए। सीओ ने उससे पूछताछ कर जानकारी जुटाई। इसमें ठगी करने वाला गिरोह संचालित करने की बात सामने आई है। सीओ सिटी ने आरोपी को कोतवाली पुलिस के सुपुर्द कर दिया है। सात लोगों का है गैंग, जीशान करता था डील पुलिस पूछताछ में जीशान ने कई बड़े राज उगले हैं। उसने बताया कि उसका एक पूरा सात लोगों का गिरोह ठगी को अंजाम देता है। इसमें अलीगढ़, बस्ती, गुन्नौर आदि जिलों के एएमयू में पढ़ने वाले युवक हैं। शिकार तलाशने के बाद डील करने के लिए उसको भेजा जाता था। यह पहले ही कह दिया जाता था कि कितनी रकम नौकरी के एवज में मांगनी है। इसके बाद पैसा जीशान के एकाउंट में लिया जाता था। बाद में सभी बांट लिया करते थे। अमरोहा के युवक से ठगे गए आठ
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लाख रुपये में से जीशान को दो लाख रुपये मिले थे। यह भी बताया कि उसने करीब बीस लाख रुपये ठगे हैं।
डॉक्टरी नहीं चली तो बन गया ठग
शातिर ठग जीशान ने एएमयू से बीएएमएस किया है। उसने बताया कि पहले उसने पीलीभीत में क्लीनिक खोला था, लेकिन काम नहीं चला। इसके बाद लखनऊ जाकर क्लीनिक चलाने लगा। साथ ही पीसीएस की तैयारी भी कर रहा था। शुरूआत में तो क्लीनिक ठीक चला, फिर ठप हो गया। इस दौरान उसकी मुलाकात गुन्नौर के रहने वाले मुस्तकीम से हुई। उसने उसे अपने साथ काम करने का ऑफर दिया तो वह ठगी करने लगा।
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गर्लफ्रेंड पर खर्च हो गए रुपये
पूछताछ में आरोपी ने आठ में से दो लाख रुपये मिलने की बात स्वीकार की। पुलिस के पूछने पर बताया कि करीब 75 हजार रुपये का उसने सामान खरीद लिया। बाकी पैसे उसने अपनी लखनऊ की गर्लफ्रेंड पर खर्च कर दिए। इस समय उसके पास कोई रुपया नहीं है।
एसडीएम बनकर ठगी करने वाला जीशान पकड़ा गया है। उसको पीड़ित बरेली से पकड़कर लाए हैं। आरोपी ने कई साथियों के नाम बताए हैं। कोतवाली पुलिस आरोपी से पूछताछ कर रही है, सख्त कार्रवाई की जाएगी।
निर्मल सिंह बिष्ट, सीओ सिटी