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बालिका की दुष्कर्म के बाद हत्या के आरोपी को आजीवन कारावास
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पीलीभीत। सात साल की बच्ची से दुष्कर्म और उसकी हत्या करने के जुर्म में अपर सत्र न्यायाधीश संजीव शुक्ला ने मुजरिम को उम्रकैद की सजा सुनाई है। सजा पाने वाला थाना सेहरामऊ के गांव पिपरा मुजप्ता निवासी रामसेवक है, जिस पर कोर्ट ने 15 हजार रुपये अर्थदंड की डाला है।
सेहरामऊ उत्तरी थाना क्षेत्र में रहने वाली सात वर्षीय बच्ची सात फरवरी 2016 की शाम खाना खाने के बाद वहीं अपने ताऊ के घर गई थी। जहां से वह अचानक लापता हो गई थी। परिवार वालों के तलाशने पर रात में बच्ची का कुछ पता नहीं चला। अगले दिन सुबह सात बजे एक खाली प्लाट में बच्ची का शव पड़ा मिला था। उसके शरीर पर चोटों के निशान थे और कपड़ों पर खून लगा था। इस परिवार वालों ने दुष्कर्म के बाद हत्या किए जाने की आशंका जताई थी। पोस्टमार्टम रिपोर्ट में बच्ची से दुष्कर्म और हत्या किए जाने की पुष्टि हुई थी। बच्ची के परिजनों ने गांव मुजप्ता निवासी रामसेवक के खिलाफ नामजद रिपोर्ट दर्ज कराई। पुलिस ने आरोपी को गिरफ्तार कर जेल भेज दिया, जिसके बाद से वह जेल में है। इधर, पुलिस ने विवेचना पूरी करने के बाद रामसेवक के खिलाफ चार्जशीट न्यायालय में दाखिल की। मामले की सुनवाई के बाद अपर सत्र न्यायाधीश संजीव शुक्ला ने शनिवार को फैसला सुनाया। कोर्ट ने रामसवेक को मुजरिम करार देते हुए आजीवन कारावास और 15 हजार रुपये अर्थदंड से दंडित किया है।
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सेहरामऊ उत्तरी थाना क्षेत्र में रहने वाली सात वर्षीय बच्ची सात फरवरी 2016 की शाम खाना खाने के बाद वहीं अपने ताऊ के घर गई थी। जहां से वह अचानक लापता हो गई थी। परिवार वालों के तलाशने पर रात में बच्ची का कुछ पता नहीं चला। अगले दिन सुबह सात बजे एक खाली प्लाट में बच्ची का शव पड़ा मिला था। उसके शरीर पर चोटों के निशान थे और कपड़ों पर खून लगा था। इस परिवार वालों ने दुष्कर्म के बाद हत्या किए जाने की आशंका जताई थी। पोस्टमार्टम रिपोर्ट में बच्ची से दुष्कर्म और हत्या किए जाने की पुष्टि हुई थी। बच्ची के परिजनों ने गांव मुजप्ता निवासी रामसेवक के खिलाफ नामजद रिपोर्ट दर्ज कराई। पुलिस ने आरोपी को गिरफ्तार कर जेल भेज दिया, जिसके बाद से वह जेल में है। इधर, पुलिस ने विवेचना पूरी करने के बाद रामसेवक के खिलाफ चार्जशीट न्यायालय में दाखिल की। मामले की सुनवाई के बाद अपर सत्र न्यायाधीश संजीव शुक्ला ने शनिवार को फैसला सुनाया। कोर्ट ने रामसवेक को मुजरिम करार देते हुए आजीवन कारावास और 15 हजार रुपये अर्थदंड से दंडित किया है।
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