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खस मामले में वनविभाग ने डीएम को भेजी रिपोर्ट
Updated Wed, 28 Feb 2018 07:00 PM IST
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खस मामले में वन विभाग ने डीएम को भेजी रिपोर्ट
एक व्यक्ति से मात्र 25 हजार जुर्माना वसूलकर निभाई औपचारिकता
28 पीबीटीपी 14
अमर उजाला ब्यूरो
पीलीभीत। बराही रेंज से खस निकालने के मामले में केंद्रीय मंत्री मेनका गांधी की फटकार के बाद वन विभाग ने प्रभारी डीएम को रिपोर्ट भेज दी है। इसमें एक व्यक्ति से 30 किलो खस बरामद कर 25 हजार रुपये जुर्माना वसूलना दर्शाया गया है। हैरानी की बात यह है कि जिस जंगल में आम आदमी का प्रवेश वर्जित है उसके अंदर जाकर खस निकालने वाले पर महज 25 हजार का जुर्माना डाला गया।
टाइगर रिजर्व में पेड़ काटने को हत्या से भी गंभीर अपराध बताकर जहां कोर्ट ने आरोपी की जमानत निरस्त कर दी हैं वहीं दूसरी और इसी टाइगर रिजर्व में खस निकालने के मामले में वन विभाग ने जुर्माने की रस्म अदायगी कर अपना पल्ला झाड़ लिया है। टाइगर रिजर्व की बराही रेंज से बड़े पैमाने पर खस निकालने का मामला प्रकाश में आने पर केंद्रीय मंत्री मेनका गांधी ने 16 फरवरी को रिपोर्ट दर्ज कराने के निर्देश डीएम को दिए थे। इसके बाद डीएम ने डीएफओ से कार्रवाई के निर्देश दिए। फजीहत होते देख डीएफओ कैलाश प्रकाश ने बराही रेंजर सहित तीन का जवाब तलब कर मामले को ठंडे बस्ते में डाल दिया। अब मंगलवार को केंद्रीय मंत्री मेनका गांधी के पुन: पीलीभीत पहुंचने पर मामला प्रकाश में आया जिसपर उन्होंने प्रभारी डीएम/एडीएम बृजकिशोर से डीएफओ के खिलाफ एफआईआर के निर्देश दिए। केंद्रीय मंत्री के जाने के बाद प्रभारी डीएम/एडीएम बृजकिशोर ने डीएफओ कैलाश प्रकाश से मामले की जानकारी मांगी थी। अब इस मामले में डीएफओ की ओर से डीएम को रिपोर्ट भेजी गई है। इसमें बराही रेंज की फैजुल्लागंज बीट में 10-10 वर्गमीटर के दो स्थानों पर खस निकालने एवं एक व्यक्ति के पास से 30 किलोग्राम खस बरामद कर 25 हजार रुपये जुर्माना वसूलने की बात कही गई है।
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फिर आखिर कहां से आए फोटो और वीडियो
टाइगर रिजर्व में खस निकालने के मामले में जहां वन विभाग मात्र 30 किलो खस बरामद होने की बात कहा रहा है वहीं मीडिया ने केंद्रीय मंत्री को जो फोटो एवं वीडियो दिखाए हैं वह कहां से आए। फोटो में एक ट्रक खस का ढेर लगा है जबकि पहले भी कई गाड़ी खस निकालकर भेजी जा चुकी है। इतना ही नहीं बाकायदा झोपड़ियां पड़ी हैं जिसमें रहकर धंधे को अंजाम दिया जा रहा है।
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किसी अन्य एजेंसी से हो जांच तो सामने आए हकीकत
टाइगर रिजर्व में मिलीभगत से चल रहे इन गोरखधंधों की शिकायत होने पर जांच के नाम पर खाना पूरी हो जाती है जिससे इन पर अंकुश नहीं लगता। यदि इस मामले की जांच वन विभाग ने कराकर किसी अन्य एजेंसी या अधिकारी से कराई जाए तो हकीकत सामने आ सकती है।
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केंद्रीय मंत्री के निर्देश के बाद डीएफओ से जानकारी मांगी गई है। डीएफओ ने स्वयं भी केंद्रीय मंत्री से वार्ता की है। साथ ही उनके स्तर से हुई कार्रवाई की रिपोर्ट उपलब्ध कराई है। इसमें एक व्यक्ति पर केस कर जुर्माना वसूला जा चुका है।
बृजकिशोर, प्रभारी डीएम/एडीएम
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खस मामले में वन विभाग ने डीएम को भेजी रिपोर्ट
एक व्यक्ति से मात्र 25 हजार जुर्माना वसूलकर निभाई औपचारिकता
28 पीबीटीपी 14
अमर उजाला ब्यूरो
पीलीभीत। बराही रेंज से खस निकालने के मामले में केंद्रीय मंत्री मेनका गांधी की फटकार के बाद वन विभाग ने प्रभारी डीएम को रिपोर्ट भेज दी है। इसमें एक व्यक्ति से 30 किलो खस बरामद कर 25 हजार रुपये जुर्माना वसूलना दर्शाया गया है। हैरानी की बात यह है कि जिस जंगल में आम आदमी का प्रवेश वर्जित है उसके अंदर जाकर खस निकालने वाले पर महज 25 हजार का जुर्माना डाला गया।
टाइगर रिजर्व में पेड़ काटने को हत्या से भी गंभीर अपराध बताकर जहां कोर्ट ने आरोपी की जमानत निरस्त कर दी हैं वहीं दूसरी और इसी टाइगर रिजर्व में खस निकालने के मामले में वन विभाग ने जुर्माने की रस्म अदायगी कर अपना पल्ला झाड़ लिया है। टाइगर रिजर्व की बराही रेंज से बड़े पैमाने पर खस निकालने का मामला प्रकाश में आने पर केंद्रीय मंत्री मेनका गांधी ने 16 फरवरी को रिपोर्ट दर्ज कराने के निर्देश डीएम को दिए थे। इसके बाद डीएम ने डीएफओ से कार्रवाई के निर्देश दिए। फजीहत होते देख डीएफओ कैलाश प्रकाश ने बराही रेंजर सहित तीन का जवाब तलब कर मामले को ठंडे बस्ते में डाल दिया। अब मंगलवार को केंद्रीय मंत्री मेनका गांधी के पुन: पीलीभीत पहुंचने पर मामला प्रकाश में आया जिसपर उन्होंने प्रभारी डीएम/एडीएम बृजकिशोर से डीएफओ के खिलाफ एफआईआर के निर्देश दिए। केंद्रीय मंत्री के जाने के बाद प्रभारी डीएम/एडीएम बृजकिशोर ने डीएफओ कैलाश प्रकाश से मामले की जानकारी मांगी थी। अब इस मामले में डीएफओ की ओर से डीएम को रिपोर्ट भेजी गई है। इसमें बराही रेंज की फैजुल्लागंज बीट में 10-10 वर्गमीटर के दो स्थानों पर खस निकालने एवं एक व्यक्ति के पास से 30 किलोग्राम खस बरामद कर 25 हजार रुपये जुर्माना वसूलने की बात कही गई है।
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फिर आखिर कहां से आए फोटो और वीडियो
टाइगर रिजर्व में खस निकालने के मामले में जहां वन विभाग मात्र 30 किलो खस बरामद होने की बात कहा रहा है वहीं मीडिया ने केंद्रीय मंत्री को जो फोटो एवं वीडियो दिखाए हैं वह कहां से आए। फोटो में एक ट्रक खस का ढेर लगा है जबकि पहले भी कई गाड़ी खस निकालकर भेजी जा चुकी है। इतना ही नहीं बाकायदा झोपड़ियां पड़ी हैं जिसमें रहकर धंधे को अंजाम दिया जा रहा है।
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किसी अन्य एजेंसी से हो जांच तो सामने आए हकीकत
टाइगर रिजर्व में मिलीभगत से चल रहे इन गोरखधंधों की शिकायत होने पर जांच के नाम पर खाना पूरी हो जाती है जिससे इन पर अंकुश नहीं लगता। यदि इस मामले की जांच वन विभाग ने कराकर किसी अन्य एजेंसी या अधिकारी से कराई जाए तो हकीकत सामने आ सकती है।
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केंद्रीय मंत्री के निर्देश के बाद डीएफओ से जानकारी मांगी गई है। डीएफओ ने स्वयं भी केंद्रीय मंत्री से वार्ता की है। साथ ही उनके स्तर से हुई कार्रवाई की रिपोर्ट उपलब्ध कराई है। इसमें एक व्यक्ति पर केस कर जुर्माना वसूला जा चुका है।
बृजकिशोर, प्रभारी डीएम/एडीएम