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बचने को राजस्थान, फिर पंजाब चला गया था छिंदर

Mon, 07 Jan 2019 12:29 AM IST
Bareily Bureau बरेली ब्यूरो
Updated Mon, 07 Jan 2019 12:29 AM IST
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बचने को राजस्थान, फिर पंजाब चला गया था छिंदर
बचने को राजस्थान, फिर पंजाब चला गया था छिंदर
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पीलीभीत। सर्विलांस और स्वाट टीम की मदद से हजारा पुलिस के हत्थे चढ़ा पत्नी की गैर इरादतन हत्या का इनामी राघवपुरी गांव निवासी छिंदर सिंह पुत्र खेम सिंह 27 माह बाद आखिरकार सलाखों के पीछे पहुंच गया।

चार अक्तूबर 2016 को थाना हजारा पर टाटरगंज गांव निवासी रशपाल सिंह ने अपने बहनोई राघवपुरी गांव निवासी छिंदर सिंह के खिलाफ गैर इराइतन हत्या की रिपोर्ट दर्ज कराई थी। आरोपी पर पत्नी की चाकू मारकर हत्या करने का आरोप था। काफी प्रयासों के बाद भी गिरफ्तारी न होने पर छिंदर सिंह पर 25 हजार का इनाम घोषित किया गया। 27 माह बाद शनिवार रात को नकटादाना चौराहा से स्वाट टीम प्रभारी नरेंद्र यादव, सर्विलांस प्रभारी रेहान खां ने उसको गिरफ्तार कर लिया। एसपी बालेंदु भूषण सिंह ने रविवार को प्रेसवार्ता कर गुडवर्क को सराहा। बताया कि शराब पीने को लेकर छिंदर का पत्नी हरवंश कौर से झगड़ा होता था। इसी में उसने चाकू से उसकी हत्या कर दी। घटना के बाद पुलिस से बचने के लिए वह पहले राजस्थान चला गया। वहां पर एक साल तक मजदूरी की। इसके बाद पंजाब के गुरुद्वारों में रहने लगा। वह वापस आकर दोबारा उत्तराखंड की ओर भागने की फिराक में था कि पुलिस के हत्थे चढ़ गया। गिरफ्तारी करने वाली टीम में प्रभारी निरीक्षक केपी सिंह, थानाध्यक्ष हजारा खेम सिंह जलाल, हरीश चंद्र शर्मा, देवेंद्र सिंह समेत कई पुलिसकर्मी थे।
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