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हाईवे का गड्ढा सुधारने के बजाए की खानापूर्ति, रखवाए मिट्टी भरे कट्टे
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जहानाबाद (पीलीभीत)। हाईवे पर हुए हादसे के बाद कार में लगी आग से पांच लोगों की मौत के बाद भी नेशनल हाईवे अथॉरिटी के अफसर सबक लेते दिखाई नहीं दे रहे हैं। डीएम के निर्देश पर दूसरे दिन किए गए इंतजाम मजाक जैसे प्रतीत हुए। इसमें अफसरों की संजीदगी नहीं दिखाई दी। न तो गड्ढे का सुधार कराया गया, न ही हादसे रोकने के कोई ठोस इंतजाम किए गए। सिर्फ मिट्टी भरे कट्टे गड्ढे के किनारे रोड साइड में रखवा दिए गए।
बरेली हाईवे पर खमरिया पुल के पास शनिवार सुबह नेपाल की प्राइवेट बस और कार की टक्कर हो गई थी। इस दौरान कार में आग लग गई और उसमें सवार न्यूरिया थाना क्षेत्र के मोहल्ला ठाकुरद्वारा निवासी 60 वर्षीय मुन्ने मंसूरी, उनकी पत्नी 55 वर्षीय मुन्नी बेगम, साडू़ जहानाबाद थाना क्षेत्र के गौंछ गांव निवासी 52 वर्षीय जमील अहमद, उनकी पत्नी 45 वर्षीय नसरीन उर्फ गोजा बेगम और मुन्ने मंसूरी के छोटे दामाद उधमसिंह नगर (उत्तराखंड) के किच्छा थाना क्षेत्र के गांव सैजदा दरऊ निवासी 25 वर्षीय आजम पुत्र शमशुद्दीन की जलकर मौत हो गई थी। सभी बरेली से वापस आ रहे थे। हादसे की वजह हाईवे पर पुलिया निर्माण के दौरान खोदा गया एक गड्ढा और उसके पास लगाया गया मिट्टी का ढेर रहा था। डीएम वैभव श्रीवास्तव ने इसका निस्तारण कराने का भरोसा दिलाया था, लेकिन दूसरे दिन भी एनएचएआई की ओर से इसको लेकर कराया गया काम खानापूर्ति से अधिक नहीं रहा।
हाईवे पर कुछ ही दूरी पर एक और गड्ढा बना मुसीबत
बरेली हाईवे पर पीलीभीत की ओर से जाते वक्त खमरिया पुल से पहले जतीपुर गांव के पास एक और गड्ढा हादसे को दावत दे रहा है। वहां पर चंद माह पहले बनाई गई सड़क का दस फुट का एक टुकड़ा जर्जर हो चुका है। उसकी परत उतरने लगी है। जिससे गड्ढा बन गया है। हाईवे होने के कारण वाहनों की रफ्तार अधिक रहती है। ऐसे में ये गड्ढा कब हादसे का कारण बन जाए, इंकार नहीं किया जा सकता। बावजूद इसके कोई सुध लेने वाला नहीं है।
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बस को लेकर अधिक जानकारी नहीं जुटा सकी पुलिस
नेपाल की बस को लेकर रविवार को भी पुलिस अधिक जानकारी नहीं जुटा सकी है। उसके परमिट के बारे में भी पता नहीं लग सका है। 24 घंटे की छानबीन में सिर्फ यही बात पता लग सकी है कि बस नेपाल के दांग इलाके की है। वहां पर रजिस्टर्ड है। उसके मालिक से भी पुलिस ने फोन पर बात कर ली है।
एनएचएआई (नेशनल हाईवे अथॉरिटी ऑफ इंडिया) के अधिकारियों से बरेली हाईवे पर खमरिया पुल के पास गड्ढे का निस्तारण कराने के लिए बातचीत की है। उनको इसका सुधार करने के लिए कहा गया है। इसी को लेकर अभी उनकी ओर से मिट्टी भरे कट्टे रखवाए गए होंगे। इसको गंभीरता से लिया जा रहा है। स्थाई और पुख्ता समाधान कराया जाएगा। - वैभव श्रीवास्तव, डीएम
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बरेली हाईवे पर खमरिया पुल के पास शनिवार सुबह नेपाल की प्राइवेट बस और कार की टक्कर हो गई थी। इस दौरान कार में आग लग गई और उसमें सवार न्यूरिया थाना क्षेत्र के मोहल्ला ठाकुरद्वारा निवासी 60 वर्षीय मुन्ने मंसूरी, उनकी पत्नी 55 वर्षीय मुन्नी बेगम, साडू़ जहानाबाद थाना क्षेत्र के गौंछ गांव निवासी 52 वर्षीय जमील अहमद, उनकी पत्नी 45 वर्षीय नसरीन उर्फ गोजा बेगम और मुन्ने मंसूरी के छोटे दामाद उधमसिंह नगर (उत्तराखंड) के किच्छा थाना क्षेत्र के गांव सैजदा दरऊ निवासी 25 वर्षीय आजम पुत्र शमशुद्दीन की जलकर मौत हो गई थी। सभी बरेली से वापस आ रहे थे। हादसे की वजह हाईवे पर पुलिया निर्माण के दौरान खोदा गया एक गड्ढा और उसके पास लगाया गया मिट्टी का ढेर रहा था। डीएम वैभव श्रीवास्तव ने इसका निस्तारण कराने का भरोसा दिलाया था, लेकिन दूसरे दिन भी एनएचएआई की ओर से इसको लेकर कराया गया काम खानापूर्ति से अधिक नहीं रहा।
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हाईवे पर कुछ ही दूरी पर एक और गड्ढा बना मुसीबत
बरेली हाईवे पर पीलीभीत की ओर से जाते वक्त खमरिया पुल से पहले जतीपुर गांव के पास एक और गड्ढा हादसे को दावत दे रहा है। वहां पर चंद माह पहले बनाई गई सड़क का दस फुट का एक टुकड़ा जर्जर हो चुका है। उसकी परत उतरने लगी है। जिससे गड्ढा बन गया है। हाईवे होने के कारण वाहनों की रफ्तार अधिक रहती है। ऐसे में ये गड्ढा कब हादसे का कारण बन जाए, इंकार नहीं किया जा सकता। बावजूद इसके कोई सुध लेने वाला नहीं है।
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बस को लेकर अधिक जानकारी नहीं जुटा सकी पुलिस
नेपाल की बस को लेकर रविवार को भी पुलिस अधिक जानकारी नहीं जुटा सकी है। उसके परमिट के बारे में भी पता नहीं लग सका है। 24 घंटे की छानबीन में सिर्फ यही बात पता लग सकी है कि बस नेपाल के दांग इलाके की है। वहां पर रजिस्टर्ड है। उसके मालिक से भी पुलिस ने फोन पर बात कर ली है।
एनएचएआई (नेशनल हाईवे अथॉरिटी ऑफ इंडिया) के अधिकारियों से बरेली हाईवे पर खमरिया पुल के पास गड्ढे का निस्तारण कराने के लिए बातचीत की है। उनको इसका सुधार करने के लिए कहा गया है। इसी को लेकर अभी उनकी ओर से मिट्टी भरे कट्टे रखवाए गए होंगे। इसको गंभीरता से लिया जा रहा है। स्थाई और पुख्ता समाधान कराया जाएगा। - वैभव श्रीवास्तव, डीएम