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जिला कारागार में बंद कैदी की मौत
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पीलीभीत। हत्या के मामले में उम्रकैद की सजा पा चुके 62 वर्षीय कैदी हीरालाल की मौत हो गई। वह कई दिनों से बीमार चल रहा था। बुधवार सुबह तबीयत बिगड़ने पर जेल अस्पताल से रेफर कर जिला अस्पताल भिजवाया गया, जहां डॉक्टरों ने उसे मृत घोषित कर दिया। परिजनों के आने के बाद पुलिस ने शव को पोस्टमार्टम के लिए भेज दिया है।
न्यूरिया थाना क्षेत्र के पंडरी गांव निवासी हीरालाल पुत्र मिढ़ई लाल 1984 में हुई एक हत्या के मामले में आरोपी थे। उनको सुनवाई के बाद जिला न्यायालय से उम्रकैद की सजा सुनाई गई थी। इसके बाद हीरालाल की ओर से हाईकोर्ट में अपील की गई। जिसके बाद उनको जमानत पर रिहा कर दिया गया। हाईकोर्ट में तारीख पर न पहुंचने पर उनका वारंट जारी कर दिया गया। हाईकोर्ट ने सीजेएम पीलीभीत को हीरालाल को जेल भेजने के निर्देश दिए। जिसके बाद न्यूरिया पुलिस ने 12 नवंबर 2018 को हीरालाल को जेल भेज दिया। इसके बाद से वह जेल में ही थे। बुधवार सुबह तबीयत बिगड़ने पर हीरालाल को बंदी रक्षक आशीष मिश्रा, प्रदीप के साथ जिला अस्पताल भिजवाया गया, जहां उनको डॉक्टरों ने मृत घोषित कर दिया। इसकी सूचना परिजनों को दी गई। दोपहर में मृतक का भतीजा पूरन व अन्य परिजन पहुंचे। उन्होंने भी बीमारी से मौत होने की आशंका जताई। किसी तरह का कोई आरोप नहीं लगाया। इसके बाद पुलिस ने शव को पोस्टमार्टम के लिए भेज दिया है। जेल प्रशासन की ओर से कैदी की मौत की सूचना आला अधिकारियों के साथ ही मानवाधिकार आयोग को भी भेजी गई है।
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न्यूरिया थाना क्षेत्र के पंडरी गांव निवासी हीरालाल पुत्र मिढ़ई लाल 1984 में हुई एक हत्या के मामले में आरोपी थे। उनको सुनवाई के बाद जिला न्यायालय से उम्रकैद की सजा सुनाई गई थी। इसके बाद हीरालाल की ओर से हाईकोर्ट में अपील की गई। जिसके बाद उनको जमानत पर रिहा कर दिया गया। हाईकोर्ट में तारीख पर न पहुंचने पर उनका वारंट जारी कर दिया गया। हाईकोर्ट ने सीजेएम पीलीभीत को हीरालाल को जेल भेजने के निर्देश दिए। जिसके बाद न्यूरिया पुलिस ने 12 नवंबर 2018 को हीरालाल को जेल भेज दिया। इसके बाद से वह जेल में ही थे। बुधवार सुबह तबीयत बिगड़ने पर हीरालाल को बंदी रक्षक आशीष मिश्रा, प्रदीप के साथ जिला अस्पताल भिजवाया गया, जहां उनको डॉक्टरों ने मृत घोषित कर दिया। इसकी सूचना परिजनों को दी गई। दोपहर में मृतक का भतीजा पूरन व अन्य परिजन पहुंचे। उन्होंने भी बीमारी से मौत होने की आशंका जताई। किसी तरह का कोई आरोप नहीं लगाया। इसके बाद पुलिस ने शव को पोस्टमार्टम के लिए भेज दिया है। जेल प्रशासन की ओर से कैदी की मौत की सूचना आला अधिकारियों के साथ ही मानवाधिकार आयोग को भी भेजी गई है।
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