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डीएम साहब! इंस्पेक्टर को ढूंढे नहीं मिल रही छोड़ी गई ट्रैक्टर-ट्रॉली
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बीसलपुर। कोतवाली पुलिस खनन माफिया से दोस्ती निभाने के चक्कर में थाने से छोड़ी गई ट्रैक्टर-ट्रॉली शनिवार को तीसरे दिन भी बरामद नहीं कर पाई है। दरअसल, मामला संज्ञान में आने के बाद डीएम ने न सिर्फ इंस्पेक्टर से कड़ी नाराजगी जताई थी, बल्कि उन्हें ट्रैक्टर-ट्रॉली के मालिक पर कार्रवाई करने के निर्देश दिए हैं।
एसडीएम सौरभ दुबे ने नौ सितंबर को गांव शादियां के पास छापा मारकर मिट्टी के अवैध खनन में लगी पांच ट्रैक्टर-ट्रॉलियां पकड़कर पुलिस के हवाले कर दी थीं, लेकिन पुलिस ने खनन माफिया से दोस्ती के चक्कर में खेल कर दिया। पांच में से चार ट्रैक्टर-ट्रॉलियों की ही रिपोर्ट बनाकर एसडीएम को भेजी, जबकि एक ट्रैक्टर-ट्रॉली को थाने से ही छोड़ दिया। यह रिपोर्ट देखकर एसडीएम हैरान रह गए। एसडीएम के पूछने पर कोतवाली पुलिस ने उन्हें बताया कि हलका लेखपाल ने केवल चार ट्रैक्टर-ट्रॉली ही पुलिस की सुपर्दगी में दी थीं, जबकि एसडीएम ने खुद पांच ट्रैक्टर-ट्रॉलियों को पकड़कर पुलिस को सौंपा था। कोतवाली पुलिस के इस जवाब से एसडीएम संतुष्ट नहीं हुए और उन्होंने मामले की रिपोर्ट डीएम वैभव श्रीवास्तव को पूरे मामले की रिपोर्ट भेज दी। डीएम ने इस बात को गंभीरता से लेकर कोतवाली हरीशंकर वर्मा को कड़ी फटकार लगाई और छोड़ी गई ट्रैक्टर-ट्रॉली तत्काल पकड़कर उसके मालिक के विरुद्ध कार्रवाई करने के निर्देश दिए थे। डीएम का आदेश मिलते ही कोतवाली पुलिस थाने से छोड़ी गई ट्रैक्टर-ट्रॉली पकड़ने में जुटी है, लेकिन अब वह ढूंढे नहीं मिल रही है। कुल मिलाकर यह मामला अब पुलिस के लिए जी का जंजाल बन गया है। इस बाबत कोतवाल हरीशंकर वर्मा ने बताया कि ट्रैक्टर-ट्रॉली जल्द बरामद कर ली जाएगी।
पूरा सिस्टम ही दे रहा साथ तो भला कौन डाले अवैध खनन पर हाथ
बीसलपुर। पुलिस और राजस्व विभाग के अधिकारियों, कर्मचारियों की मिलीभगत से पूरे तहसील क्षेत्र में बड़े पैमाने पर मिट्टी, रेत का खनन हो रहा है। सरकारी मशीनरी की मिलीभगत के कारण खनन संबंधी नियमों की जमकर धज्जियां उड़ाई जा रही हैं।
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राजस्व और पुलिस विभाग के अधिकारियों, कर्मचारियों की मिलीभगत से तहसील क्षेत्र में लंबे अरसे से बड़े पैमाने पर मिट्टी, रेत का अवैध खनन हो रहा है। खनन करने वाले 150 से अधिक लोग हैं। 100 लोग तो केवल बीसलपुर नगर में ही हैं, इनमें से 60 लोग डनलप के माध्यम से और 40 लोग ट्रैक्टर ट्रॉलियों के माध्यम से खनन करते हैं। अधिकारियों का संरक्षण होने के कारण ये माफिया खुलेआम मिट्टी और रेेत का खनन कर रहे हैं। अधिकारियों की साठगांठ होने के कारण खनन का यह धंधा सरकार की सख्ती के बाद भी बंद होता नहीं दिख रहा है। कुछ स्थानों पर तो जेसीबी से खनन किया जाता है। खनन का कार्य वैसे तो चौबीसों घंटे होता है लेकिन रात में अवैध खनन बड़े पैमाने पर होता है।
देवहा नदी के इन घाटों पर होता है खनन
देवहा नदी के भौंरुआ, कर्रखेड़ा, अर्जुनपुर, रंपुरा, परेवा, शेखापुर, मुडिय़ा पटनिया, चौसर, शहवाजपुर, हीरापुर, रढ़ैता, अहिरवाड़ा और दुवहा आदि घाटों पर खनन होता है।
माला नदी के भी कई घाटों पर सक्रिय हैं खनन माफिया
माला नदी के खरगापुर, बढ़ारा, मनकापुर, ढकिया, रंभोजा, गजरौला, बेनीपुर, बरखेड़ा कटा और बुहिता आदि घाटों पर रेत का खनन होता है।
कटना नदी भी अछूती नहीं
कटना नदी के टेहरी, मानपुर, देवकलियां, रायपुर, बहादिया, शादियां, रोहनिया, खनंका और मीरपुर गं्रट आदि घाटों पर रेत का खनन होता है।
रपटुआ नदी के ये घाट हैं खनन के लिए बदनाम
रपटुआ नदी के कितनापुर, अमृता, बैरा, बसारा, भड़रिया और घटगंवा आदि घाटों पर रेत का खनन होता है।
जबसे मैंने इस तहसील में कार्यभार संभाला है, तब से खनन काफी कम हो गया है। नायब तहसीलदार, कानूनगो, लेखपालों और संग्रह अमीनों को भी अवैध खनन पर सतर्क नजर रखने के निर्देश दिए हैं। जानकारी होते ही छापा मारा जाता है और खनन करने वालों के विरुद्ध कार्रवाई की जाती है। - विजय त्रिवेदी, तहसीलदार बीसलपुर
सर्किल में कुछ स्थानों पर अवैध खनन तो होता है। सूचना मिलते ही छापा मारकर खनन करने वालों के विरुद्ध कड़ी कार्रवाई की जाती है।
- प्रवीण मलिक सीओ बीसलपुर
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एसडीएम सौरभ दुबे ने नौ सितंबर को गांव शादियां के पास छापा मारकर मिट्टी के अवैध खनन में लगी पांच ट्रैक्टर-ट्रॉलियां पकड़कर पुलिस के हवाले कर दी थीं, लेकिन पुलिस ने खनन माफिया से दोस्ती के चक्कर में खेल कर दिया। पांच में से चार ट्रैक्टर-ट्रॉलियों की ही रिपोर्ट बनाकर एसडीएम को भेजी, जबकि एक ट्रैक्टर-ट्रॉली को थाने से ही छोड़ दिया। यह रिपोर्ट देखकर एसडीएम हैरान रह गए। एसडीएम के पूछने पर कोतवाली पुलिस ने उन्हें बताया कि हलका लेखपाल ने केवल चार ट्रैक्टर-ट्रॉली ही पुलिस की सुपर्दगी में दी थीं, जबकि एसडीएम ने खुद पांच ट्रैक्टर-ट्रॉलियों को पकड़कर पुलिस को सौंपा था। कोतवाली पुलिस के इस जवाब से एसडीएम संतुष्ट नहीं हुए और उन्होंने मामले की रिपोर्ट डीएम वैभव श्रीवास्तव को पूरे मामले की रिपोर्ट भेज दी। डीएम ने इस बात को गंभीरता से लेकर कोतवाली हरीशंकर वर्मा को कड़ी फटकार लगाई और छोड़ी गई ट्रैक्टर-ट्रॉली तत्काल पकड़कर उसके मालिक के विरुद्ध कार्रवाई करने के निर्देश दिए थे। डीएम का आदेश मिलते ही कोतवाली पुलिस थाने से छोड़ी गई ट्रैक्टर-ट्रॉली पकड़ने में जुटी है, लेकिन अब वह ढूंढे नहीं मिल रही है। कुल मिलाकर यह मामला अब पुलिस के लिए जी का जंजाल बन गया है। इस बाबत कोतवाल हरीशंकर वर्मा ने बताया कि ट्रैक्टर-ट्रॉली जल्द बरामद कर ली जाएगी।
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पूरा सिस्टम ही दे रहा साथ तो भला कौन डाले अवैध खनन पर हाथ
बीसलपुर। पुलिस और राजस्व विभाग के अधिकारियों, कर्मचारियों की मिलीभगत से पूरे तहसील क्षेत्र में बड़े पैमाने पर मिट्टी, रेत का खनन हो रहा है। सरकारी मशीनरी की मिलीभगत के कारण खनन संबंधी नियमों की जमकर धज्जियां उड़ाई जा रही हैं।
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राजस्व और पुलिस विभाग के अधिकारियों, कर्मचारियों की मिलीभगत से तहसील क्षेत्र में लंबे अरसे से बड़े पैमाने पर मिट्टी, रेत का अवैध खनन हो रहा है। खनन करने वाले 150 से अधिक लोग हैं। 100 लोग तो केवल बीसलपुर नगर में ही हैं, इनमें से 60 लोग डनलप के माध्यम से और 40 लोग ट्रैक्टर ट्रॉलियों के माध्यम से खनन करते हैं। अधिकारियों का संरक्षण होने के कारण ये माफिया खुलेआम मिट्टी और रेेत का खनन कर रहे हैं। अधिकारियों की साठगांठ होने के कारण खनन का यह धंधा सरकार की सख्ती के बाद भी बंद होता नहीं दिख रहा है। कुछ स्थानों पर तो जेसीबी से खनन किया जाता है। खनन का कार्य वैसे तो चौबीसों घंटे होता है लेकिन रात में अवैध खनन बड़े पैमाने पर होता है।
देवहा नदी के इन घाटों पर होता है खनन
देवहा नदी के भौंरुआ, कर्रखेड़ा, अर्जुनपुर, रंपुरा, परेवा, शेखापुर, मुडिय़ा पटनिया, चौसर, शहवाजपुर, हीरापुर, रढ़ैता, अहिरवाड़ा और दुवहा आदि घाटों पर खनन होता है।
माला नदी के भी कई घाटों पर सक्रिय हैं खनन माफिया
माला नदी के खरगापुर, बढ़ारा, मनकापुर, ढकिया, रंभोजा, गजरौला, बेनीपुर, बरखेड़ा कटा और बुहिता आदि घाटों पर रेत का खनन होता है।
कटना नदी भी अछूती नहीं
कटना नदी के टेहरी, मानपुर, देवकलियां, रायपुर, बहादिया, शादियां, रोहनिया, खनंका और मीरपुर गं्रट आदि घाटों पर रेत का खनन होता है।
रपटुआ नदी के ये घाट हैं खनन के लिए बदनाम
रपटुआ नदी के कितनापुर, अमृता, बैरा, बसारा, भड़रिया और घटगंवा आदि घाटों पर रेत का खनन होता है।
जबसे मैंने इस तहसील में कार्यभार संभाला है, तब से खनन काफी कम हो गया है। नायब तहसीलदार, कानूनगो, लेखपालों और संग्रह अमीनों को भी अवैध खनन पर सतर्क नजर रखने के निर्देश दिए हैं। जानकारी होते ही छापा मारा जाता है और खनन करने वालों के विरुद्ध कार्रवाई की जाती है। - विजय त्रिवेदी, तहसीलदार बीसलपुर
सर्किल में कुछ स्थानों पर अवैध खनन तो होता है। सूचना मिलते ही छापा मारकर खनन करने वालों के विरुद्ध कड़ी कार्रवाई की जाती है।
- प्रवीण मलिक सीओ बीसलपुर