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चार अफसरों की निगरानी में लगेगा कोरोना संक्रमण से बचने का टीका
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पीलीभीत। कोरोना संक्रमण से बचाव का टीका लगाने वाली टीम में पांच-पांच लोग रखे जाएंगे। प्रत्येक टीम में एक वैक्सीनेटर, चार अन्य सहायक के साथ एक पुलिसकर्मी भी शामिल रहेगा। हर केंद्र पर कम से कम एक टीम तैनात रहेगी। केंद्र अगर बड़ा है तो अतिरिक्त टीमें लगाई जाएंगी। कोरोना वैक्सीन के जल्द आने की उम्मीद के बीच टीकाकरण की तैयारियां तेज हो गई हैं। यहां बता दें कि बीते दिनों स्वास्थ्य विभाग के अफसरों को कोरोना वैक्सीन का प्रशिक्षण ऑनलाइन दिया जा चुका है। अब जिला स्तर पर सीएचसी और पीएचसी के डॉक्टर पैरा मेडिकल स्टाफ को 50-50 की संख्या में प्रशिक्षण दे रहे हैं।
शासन से जारी गाइडलाइन के मुताबिक, टीम में वैक्सीनेटर के अलावा चार सहायक ऑफिसर भी शामिल रहेंगे। इनमें एक वैक्सीनेशन ऑफिसर, पुलिस, होमगार्ड या सिविल डिफेंस का कर्मचारी होगा। यह लाभार्थी के पंजीकरण की स्थिति देखते हुए कागजों के आधार पर उसकी पहचान करेंगे। दूसरा सहायक वैक्सीनेशन ऑफिसर दस्तावेज की जांच करेगा। बचे हुए दो सहायक वैक्सीनेशन ऑफिसर वैक्सीनेटर की मदद करेंगे और भीड़ को नियंत्रित करने में मदद करेंगे।
डॉक्टर, नर्स और फार्मासिस्ट होंगे वैक्सीनेटर
वैक्सीनेटर ही कोरोना की वैक्सीन लगाएंगे। यह बात स्वास्थ्य विभाग पूर्व में जारी गाइड लाइन में स्पष्ट कर चुका है। पहले चरण में वैक्सीनेटर की जिम्मेदारी डॉक्टर, नर्स व फार्मासिस्ट को दी गई है। इन सभी को प्रशिक्षण दिया जा रहा है। नर्सिंग और फार्मेसी का प्रशिक्षण प्राप्त करने वाले भी वैक्सीन लगा सकते हैं। मेडिकल कॉलेज से एमबीबीएस की पढ़ाई पूरी कर चुके इंटर्न छात्र भी वैक्सीनेटर का काम कर सकते हैं। मगर जिले में सरकारी स्टाफ के अलावा निजी अस्पताल के प्रशिक्षित स्टाफ को ही टीका लगाने का अधिकार होगा। इसकी सूची भी तैयार कर ली गई है।
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सीएचसी-पीएचसी के एमओआईसी को प्रशिक्षण दिया
सीएमओ कार्यालय के सभागार में कोरोना टीकाकरण अभियान के लिए कार्यशाला हुई। सीएमओ डॉ. सीमा अग्रवाल, एसीएमओ डॉ. सीएम चतुर्वेदी, डब्ल्यूएचओ के एसएमओ डॉ. विपिन मिश्रा ने सीएचसी-पीएचसी के एमओआईसी, ब्लॉक कार्यक्रम प्रबंधक को वैक्सीन संबंधी विभिन्न विषयों के बारे में जानकारी दी। सीएमओ डॉ. सीमा अग्रवाल ने बताया कि वैक्सीन नई होने के कारण सावधानी आवश्यक है, इसलिए प्रशिक्षण की महत्वपूर्ण भूमिका है। प्रशिक्षण में एसीएमओ डॉ. सीएम चतुर्वेदी ने कोरोना वैक्सीन को लाभार्थियों को किस तरह से लगानी हैै इसके बारे में विस्तार से चर्चा की। इसके बाद अब एमओआईसी सीएचसी पीएचसी स्टाफ नर्स, फार्मासिस्ट और अन्य मेडिकल से जुड़े स्टाफ को ट्रेनिंग देंगे।
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शासन से जारी गाइडलाइन के मुताबिक, टीम में वैक्सीनेटर के अलावा चार सहायक ऑफिसर भी शामिल रहेंगे। इनमें एक वैक्सीनेशन ऑफिसर, पुलिस, होमगार्ड या सिविल डिफेंस का कर्मचारी होगा। यह लाभार्थी के पंजीकरण की स्थिति देखते हुए कागजों के आधार पर उसकी पहचान करेंगे। दूसरा सहायक वैक्सीनेशन ऑफिसर दस्तावेज की जांच करेगा। बचे हुए दो सहायक वैक्सीनेशन ऑफिसर वैक्सीनेटर की मदद करेंगे और भीड़ को नियंत्रित करने में मदद करेंगे।
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डॉक्टर, नर्स और फार्मासिस्ट होंगे वैक्सीनेटर
वैक्सीनेटर ही कोरोना की वैक्सीन लगाएंगे। यह बात स्वास्थ्य विभाग पूर्व में जारी गाइड लाइन में स्पष्ट कर चुका है। पहले चरण में वैक्सीनेटर की जिम्मेदारी डॉक्टर, नर्स व फार्मासिस्ट को दी गई है। इन सभी को प्रशिक्षण दिया जा रहा है। नर्सिंग और फार्मेसी का प्रशिक्षण प्राप्त करने वाले भी वैक्सीन लगा सकते हैं। मेडिकल कॉलेज से एमबीबीएस की पढ़ाई पूरी कर चुके इंटर्न छात्र भी वैक्सीनेटर का काम कर सकते हैं। मगर जिले में सरकारी स्टाफ के अलावा निजी अस्पताल के प्रशिक्षित स्टाफ को ही टीका लगाने का अधिकार होगा। इसकी सूची भी तैयार कर ली गई है।
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सीएचसी-पीएचसी के एमओआईसी को प्रशिक्षण दिया
सीएमओ कार्यालय के सभागार में कोरोना टीकाकरण अभियान के लिए कार्यशाला हुई। सीएमओ डॉ. सीमा अग्रवाल, एसीएमओ डॉ. सीएम चतुर्वेदी, डब्ल्यूएचओ के एसएमओ डॉ. विपिन मिश्रा ने सीएचसी-पीएचसी के एमओआईसी, ब्लॉक कार्यक्रम प्रबंधक को वैक्सीन संबंधी विभिन्न विषयों के बारे में जानकारी दी। सीएमओ डॉ. सीमा अग्रवाल ने बताया कि वैक्सीन नई होने के कारण सावधानी आवश्यक है, इसलिए प्रशिक्षण की महत्वपूर्ण भूमिका है। प्रशिक्षण में एसीएमओ डॉ. सीएम चतुर्वेदी ने कोरोना वैक्सीन को लाभार्थियों को किस तरह से लगानी हैै इसके बारे में विस्तार से चर्चा की। इसके बाद अब एमओआईसी सीएचसी पीएचसी स्टाफ नर्स, फार्मासिस्ट और अन्य मेडिकल से जुड़े स्टाफ को ट्रेनिंग देंगे।