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लाोकतंत्र सेनानी मामले में डिप्टी सीएम से करेंगे शिकायत
पीलीभ्ाीत ब्यूराो
Updated Sat, 25 Mar 2017 10:20 PM IST
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लोकतंत्र रक्षक सेनानी संगठन की बैठक में फर्जी लोकतंत्र सेनानियों को पेंशन देने तथा इसे रोकने के लिए की गई शिकायत पर प्रशासन द्वारा आरोपियों को लाभ पहुंचाने की नीयत से धीमी गति से की जा रही जांच पर रोष व्यक्त किया गया। बैठक में पूरे मामले को लेकर शीघ्र ही एक प्रतिनिधि मंडल के उप मुख्यमंत्री डा. दिनेश शर्मा से मिलने लखनऊ जाने का भी निर्णय लिया गया।
गांधी स्टेडियम स्थित स्काउट एवं गाइड भवन में संगठन के अध्यक्ष अशोक शम्शा की अध्यक्षता में हुई बैठक में कहा गया कि जिले में कई लोग फर्जीवाड़ा कर लोकतंत्र सेनानी बन पेंशन पा रहे हैं। इसकी शिकायत संगठन की ओर से करीब चार माह पहले जिला प्रशासन से की गई थी। इसके बाद भी मौजूदा जिला प्रशासन पूरे रिकार्ड न मिल पाने का बहाना बना शिकायत का निपटारा नहीं कर सका है, जबकि एलआईयू रिपोर्ट से उनके फर्जीवाड़े की तस्दीक हो चुकी है। बैठक में अप्रत्यक्ष रूप से जिला प्रशासन की ऐसे लोगों से मिली भगत का भी आरोप लगाया है। संगठन के पदाधिकारियों ने कहा कि हालांकि संगठन की ओर से पहली किस्त के रूप में फर्जीवाड़ा कर लोकतंत्र सेनानी बने कुल पांच लोगों की शिकायत की गई थी, जबकि जिले में ऐसे लोगों की संख्या 15 से अधिक है। प्रशासन ने न तो आरोपियों की पेंशन रोकी है और न ही जांच पूरी कर सका है। इसके चलते सरकारी खजाने से करीब दो लाख रूपये का चूना लग र हा है।
बैठक में कहा गया कि प्रशासन इस पूरे मामले को काफी हल्के में ले रहा है। यही वजह है कि उसने ऐसे तीन नये लोगों की पेंशन देना शुरू कर दी है जो गैर राजनीतिक और अपराधिक कारणों से इमरजेंसी में डीआईआर में बंद रहे थे।
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बैठक में तय किया गया कि संगठन का एक प्रतिनिधि मंडल जल्द ही लखनऊ जाकर पूरी स्थिति से डिप्टी सीएम डा. दिनेश शर्मा को अवगत कराते हुए दोषियों के खिलाफ कार्रवाई की मांग करेगा। बैठक में लोकतंत्र सेनानी एवं रामा इंटर कालेज प्रबंध समिति के मैनेजर अश्वनी कुमार, सेवानिवृत प्रवक्ता डीडी गुप्ता, वरिष्ठ भाजपा नेता स. सर्वजीत सिंह, वरिष्ठ पत्रकार विश्वमित्र टंडन, आरएसएस के वरिष्ठ नेता करुणाशंकर शुक्ला, कैलाश चंद्र गुप्ता, अरविंद सिंह, डा. सुधीर चंद्र मिश्र, डा. वीरेंद्र गंगवार, मोहम्मद रजा खां, सरयू प्रसाद आदि मौजूद रहे। बैटक का संचालन संगठन महामंत्री तौसीफ अहमद ने किया।
बाक्स-सदस्यता लेने पहुंचे तीन को बताया फर्जी
पीलीभीत। लोकतंत्र रक्षक सेनानी संगठन की बैठक में उस समय अजीब स्थिति पैदा हो गई जब बैठक में बीसलपुर से तीन लोगों ने उनकी हालही में लोकतंत्र सेनानी पेंशन स्वीकृत होने के आधार पर बैठक में शिरकत करनी चाही। बैठक में मौजूद सभी लोकतंत्र सेनानियों ने उन्हें फर्जी करार देते हुए न केवल संगठन की सदस्यता देने से इंकार कर दिया बल्कि भविष्य में संगठन की बैठक में न आने की भी हिदायत दी।
बीसलपुर से आए घासीराम, रामपाल, व नदीम अहमद ने बैठक में पहुंच कर संगठन के लोगों को बताया कि प्रशासन ने हाल ही में उन्हें लोकतंत्र सेनानी मानते हुए उनकी पेंशन स्वीकृत की है। इस लिए उन्हें संगठन का सदस्य बनाया जाए, लेकिन बैठक में सभी ने एक स्वर से उन्हें लोकतंत्र सेनानी मानने से यह कहते हुए इंकार कर दिया कि वे दूसरे अपराधों में जेल में बंद रहे हैं, राजनीतिक कारणों से नहीं। इस लिए वे फर्जी लोकतंत्र सेनानी हैं, क्योकि इमरजेंसी में सारे राजनीतिक बंदी इकठ्ठा एक ही बैरक में रखे गए थे। इस लिए इमरजेंसी में राजनीतिक कारणों से बंद रहे सभी साथियों को वह ठीक से पहचानते हैं। जब पत्रकारों ने उन तीनों से यह पूछना चाहा कि जब वह लोग सच्चे लोकतंत्र सेनानी हैं तो संगठन उन्हें सदस्य क्यो नहीं बना रहा तो वह तीनों संगठन के लोगों को ही फर्जी बताने लगे।
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गांधी स्टेडियम स्थित स्काउट एवं गाइड भवन में संगठन के अध्यक्ष अशोक शम्शा की अध्यक्षता में हुई बैठक में कहा गया कि जिले में कई लोग फर्जीवाड़ा कर लोकतंत्र सेनानी बन पेंशन पा रहे हैं। इसकी शिकायत संगठन की ओर से करीब चार माह पहले जिला प्रशासन से की गई थी। इसके बाद भी मौजूदा जिला प्रशासन पूरे रिकार्ड न मिल पाने का बहाना बना शिकायत का निपटारा नहीं कर सका है, जबकि एलआईयू रिपोर्ट से उनके फर्जीवाड़े की तस्दीक हो चुकी है। बैठक में अप्रत्यक्ष रूप से जिला प्रशासन की ऐसे लोगों से मिली भगत का भी आरोप लगाया है। संगठन के पदाधिकारियों ने कहा कि हालांकि संगठन की ओर से पहली किस्त के रूप में फर्जीवाड़ा कर लोकतंत्र सेनानी बने कुल पांच लोगों की शिकायत की गई थी, जबकि जिले में ऐसे लोगों की संख्या 15 से अधिक है। प्रशासन ने न तो आरोपियों की पेंशन रोकी है और न ही जांच पूरी कर सका है। इसके चलते सरकारी खजाने से करीब दो लाख रूपये का चूना लग र हा है।
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बैठक में कहा गया कि प्रशासन इस पूरे मामले को काफी हल्के में ले रहा है। यही वजह है कि उसने ऐसे तीन नये लोगों की पेंशन देना शुरू कर दी है जो गैर राजनीतिक और अपराधिक कारणों से इमरजेंसी में डीआईआर में बंद रहे थे।
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बैठक में तय किया गया कि संगठन का एक प्रतिनिधि मंडल जल्द ही लखनऊ जाकर पूरी स्थिति से डिप्टी सीएम डा. दिनेश शर्मा को अवगत कराते हुए दोषियों के खिलाफ कार्रवाई की मांग करेगा। बैठक में लोकतंत्र सेनानी एवं रामा इंटर कालेज प्रबंध समिति के मैनेजर अश्वनी कुमार, सेवानिवृत प्रवक्ता डीडी गुप्ता, वरिष्ठ भाजपा नेता स. सर्वजीत सिंह, वरिष्ठ पत्रकार विश्वमित्र टंडन, आरएसएस के वरिष्ठ नेता करुणाशंकर शुक्ला, कैलाश चंद्र गुप्ता, अरविंद सिंह, डा. सुधीर चंद्र मिश्र, डा. वीरेंद्र गंगवार, मोहम्मद रजा खां, सरयू प्रसाद आदि मौजूद रहे। बैटक का संचालन संगठन महामंत्री तौसीफ अहमद ने किया।
बाक्स-सदस्यता लेने पहुंचे तीन को बताया फर्जी
पीलीभीत। लोकतंत्र रक्षक सेनानी संगठन की बैठक में उस समय अजीब स्थिति पैदा हो गई जब बैठक में बीसलपुर से तीन लोगों ने उनकी हालही में लोकतंत्र सेनानी पेंशन स्वीकृत होने के आधार पर बैठक में शिरकत करनी चाही। बैठक में मौजूद सभी लोकतंत्र सेनानियों ने उन्हें फर्जी करार देते हुए न केवल संगठन की सदस्यता देने से इंकार कर दिया बल्कि भविष्य में संगठन की बैठक में न आने की भी हिदायत दी।
बीसलपुर से आए घासीराम, रामपाल, व नदीम अहमद ने बैठक में पहुंच कर संगठन के लोगों को बताया कि प्रशासन ने हाल ही में उन्हें लोकतंत्र सेनानी मानते हुए उनकी पेंशन स्वीकृत की है। इस लिए उन्हें संगठन का सदस्य बनाया जाए, लेकिन बैठक में सभी ने एक स्वर से उन्हें लोकतंत्र सेनानी मानने से यह कहते हुए इंकार कर दिया कि वे दूसरे अपराधों में जेल में बंद रहे हैं, राजनीतिक कारणों से नहीं। इस लिए वे फर्जी लोकतंत्र सेनानी हैं, क्योकि इमरजेंसी में सारे राजनीतिक बंदी इकठ्ठा एक ही बैरक में रखे गए थे। इस लिए इमरजेंसी में राजनीतिक कारणों से बंद रहे सभी साथियों को वह ठीक से पहचानते हैं। जब पत्रकारों ने उन तीनों से यह पूछना चाहा कि जब वह लोग सच्चे लोकतंत्र सेनानी हैं तो संगठन उन्हें सदस्य क्यो नहीं बना रहा तो वह तीनों संगठन के लोगों को ही फर्जी बताने लगे।