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Pilibhit News: दहेज संबंधी कोई भी समस्या होने पर करें शिकायत
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पीलीभीत। जिला दहेज प्रतिषेध अधिकारी प्रगति गुप्ता ने कहा कि दहेज सामाजिक अपराध है, इस पर रोक लगाने के लिए दहेज निषेध अधिनियम के अंतर्गत प्रावधान है। इस संबंध में कोई भी समस्या होने पर शिकायत की जा सकती है।
जिला दहेज प्रतिषेध अधिकारी के अनुसार कोर्ट का आदेश है कि विवाह पंजीकृत हो या अपंजीकृत। दोनों पक्षों की ओर से दिए गए उपहारों की हस्ताक्षरित सूची अनिवार्य रूप से एक माह के भीतर जिला दहेज प्रतिषेध अधिकारी के समक्ष पेश की जाए। महिला कल्याण विभाग की ओर से जिला प्रोबेशन अधिकारी को जिला दहेज प्रतिषेध अधिकारी नामित किया गया है।
उन्होंने कहा कि दहेज लेना व देना, दहेज के लिए उकसाना दहेज प्रतिषेध अधिनियम 1961 के अंतर्गत अपराध है। जिसके लिए दोषियों को पांच वर्ष का कारावास व 15000 रुपये या दहेज की रकम जो भी अधिक हो का जुर्माने का प्रावधान है।
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इसके अलावा प्रत्यक्ष या परोक्ष रूप से दहेज की मांग पर छह माह से दो वर्ष तक की जेल तथा 10 हजार रुपये जुर्माने का प्रावधान है। दहेज से पीड़ित महिला कभी भी अपनी शिकायत जिला दहेज प्रतिषेध अधिकारी/ जिला प्रोबशन अधिकारी कार्यालय एवं महिला हेल्पलाइन 181, 112 एवं सखी वन स्टॉप सेंटर फोन नंबर 05882-253000 पर कर सकती हैं। संवाद
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जिला दहेज प्रतिषेध अधिकारी के अनुसार कोर्ट का आदेश है कि विवाह पंजीकृत हो या अपंजीकृत। दोनों पक्षों की ओर से दिए गए उपहारों की हस्ताक्षरित सूची अनिवार्य रूप से एक माह के भीतर जिला दहेज प्रतिषेध अधिकारी के समक्ष पेश की जाए। महिला कल्याण विभाग की ओर से जिला प्रोबेशन अधिकारी को जिला दहेज प्रतिषेध अधिकारी नामित किया गया है।
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उन्होंने कहा कि दहेज लेना व देना, दहेज के लिए उकसाना दहेज प्रतिषेध अधिनियम 1961 के अंतर्गत अपराध है। जिसके लिए दोषियों को पांच वर्ष का कारावास व 15000 रुपये या दहेज की रकम जो भी अधिक हो का जुर्माने का प्रावधान है।
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इसके अलावा प्रत्यक्ष या परोक्ष रूप से दहेज की मांग पर छह माह से दो वर्ष तक की जेल तथा 10 हजार रुपये जुर्माने का प्रावधान है। दहेज से पीड़ित महिला कभी भी अपनी शिकायत जिला दहेज प्रतिषेध अधिकारी/ जिला प्रोबशन अधिकारी कार्यालय एवं महिला हेल्पलाइन 181, 112 एवं सखी वन स्टॉप सेंटर फोन नंबर 05882-253000 पर कर सकती हैं। संवाद