फ्री ई-पेपर
पर्सनलाइज़्ड फ़ीड
पर्सनलाइज़्ड नोटिफ़िकेशन
चलते-फिरते ख़बरें
लॉयल्टी रिवॉर्ड्स
डाउनलोड करें

सब्सक्राइब करें
Hindi News ›   Uttar Pradesh ›   Pilibhit News ›   Civic Amenities

साहब ! सैकड़ों क्विंटल कुट्टू-सिंघाड़े का आटा बाजार में खप गया.. छापामार अभियान अब तक शुरू नहीं हुआ

Tue, 01 Oct 2019 10:05 PM IST
Bareily Bureau बरेली ब्यूरो
Updated Tue, 01 Oct 2019 10:05 PM IST
विज्ञापन
Civic Amenities
पीलीभीत। नवरात्र शुरू में मिलावटी कुट्टू और सिंघाड़े का आटा बाजार में खपाने के लिए मिलावटखोरों ने महीनेभर पहले से ही तैयारी शुरू कर दी थी, लेकिन खाद्य सुरक्षा विभाग मिलावट बनाने के लिए अभी रणनीति बनाने में ही जुटा है। नवरात्र में उपवास रखने वाले परिवारों में अब तक कुट्टू और सिंघाड़े का मिलावटी आटा बड़ी मात्रा में पहुंच चुका है। शहर के प्रमुख बाजार की तो बात छोड़िए गली-मोहल्लों की छोटी दुकानों पर भी कुट्टू और सिंघाड़े का मिलावटी खुला आटा धड़ल्ले से बिक रहा है।
विज्ञापन

दरअसल, मिलावटखोर सिस्टम की चाल को अच्छे से पहचानते हैं। वह जानते हैं कि सख्ती किसी भी त्योहार पर पहले से नहीं होती बल्कि खाद्य सुरक्षा विभाग की टीमें तब सक्रिय होती हैं, जब लोग बड़ी संख्या में खरीदारी कर चुके होते हैं। इस बार नवरात्र पर भी यही देखने में आ रहा है। सोमवार को नवरात्र का दसरा दिन है, लेकिन अब तक एफएसडीए की टीमें छापामारी के लिए नहीं निकली हैं। एफएसडीए के अभिहीत अधिकारी से नवरात्र पर मिलावटी कुट्टू और सिंघाड़े के आटे की बिक्री रोकने के लिए बनाई गई रणनीति के बारे में पूछा तो बताया गया कि आज मंडल मुख्यालय पर बैठक है। इसमें रणनीति तय की जाएगी। इसके बाद अभियान चलेगा।
विज्ञापन

उपवास रखने वाले ज्यादातर लोगों ने नवरात्र शुरू होने से एक दिन पहले ही पूजा सामग्री के साथ ही आहार सामग्री भी खरीद ली। यानी छापामार अभियान शुरू होने से पहले ही मिलावटखोर सैकड़ों क्विंटल मिलावटी कुट्टू और सिंघाड़े का आटा बाजार में खपा चुके हैं।
विज्ञापन
विज्ञापन

कुट्टू आटे में मिलावट
मुनाफाखोर कुट्टू के आटे में अमूमन चावल की कनकी मिलाते हैं। इसके अलावा उसमें घुलनशील राख भी मिला दी जाती है।
सिंघाड़े के आटे में मिलावट
सिघाड़े के आटे में खड़िया, मुल्तानी मिट्टी, अरारोट और भूसी मिला दी जाती है।
फल भी नहीं रह गए हैं खाने लायक
बाजार में घातक रसायनों से पकाए गए फलों की भरमार है। नवरात्र व्रत में सबसे ज्यादा केला और सेव का इस्तेमाल होता है। केला पकाने के लिए कार्बाइड का सबसे ज्यादा इस्तेमाल किया जाता है। यह स्वास्थ्य के लिए बेहद घातक है। इसके अलावा एथिलीन राइपनर का भी खूब इस्तेमाल किया जाता है। सेव की चमक बढ़ाने के लिए उसके ऊपर मोम की परत चढ़ाई जा रही है।
कुट्टू के मिलावटी आटे से नुकसान
खाद्य विशेषज्ञों की मानें तो कुट्टू का आटा तैयार होने के दो महीने के अंदर ही इस्तेमाल कर लेना चाहिए। इससे ज्यादा समय बाद इस्तेमाल करने पर उसमें फंगस समेत तमाम विषाक्त जीवाणु उत्पन्न होने लगते हैं। बाजार में खुला बिक रहा आटा तो कब तैयार किया गया है, इसका कोई पता ही नहीं होता। इन दिनों चूंकि मौसम में नमी बहुत अधिक है तो कुट्टू का आटा एक महीने पहले तक का तैयार किया हुआ ही खाना ज्यादा सुरक्षित है। अधिक पुराने आटे में एफ्लोटॉक्सिन नामक विषाणु जन्म ले लेता है, जो फूड प्वाइजनिंग का कारण बनता है। शहर में खराब कुट्टू का आटा खाने से लोगों के बीमार होने की घटनाएं कई बार प्रकाश में आ चुकी हैं।
डॉक्टर की सलाह
कुट्टू का आटा पैक ही खरीदें और यह देख लें कि उसके निर्माण की तिथि दो माह से अधिक पुरानी न हो। विश्वसनीय दुकान से अच्छे ब्रांड का ही आटा लें। केले खरीदने में भी सावधानी बरतें। ध्यान रखें कि केमिकल से पकाए गए केले का ऊपरी भाग तो बहुत मुलायम हो जाता है, लेकिन वह अंदर कच्चा सा रह जाता है। केला वही खरीदें जो ऊपरी सतह से अंदर तक समान रूप से पका हो। - डॉ. हरपाल, एसीएमओ

00
बीसलपुर में भी हावी हैं मिलावटखोर
बीसलपुर। नवरात्र में कूट्टू का आटा, मावे की मिठाई और दूध की खपत बढ़ते ही मिलावटखोर सक्रिय हो गए हैं। खाद्य विभाग के अधिकारी सब कुछ जानते हुए भी मौन साधे हैं, इससे उनकी भूमिका संदिग्ध हो गई है। हालांकि खाद्य सुरक्षा अधिकारी महेंद्र प्रताप सिंह का कहना है कि मिलावट की शिकायत मिलने पर तुरंत कार्रवाई की जाती है। रुटीन में भी दुकानों पर छापा मारकर सैंपल लिए जाते हैं। भविष्य में भी यह कार्रवाई जारी रहेगी। छापा मारने और सैंपल लेने में कोई विलंब नहीं किया जाता है। इधर, एसडीएम सौरभ दुबे का कहना है कि छापामार अभियान मजिस्ट्रेट की मौजूदगी में चलता है। खाद्य पदार्थों में मिलावट करने वालों को बख्शा नहीं जाएगा। ब्यूरो
विज्ञापन
विज्ञापन

रहें हर खबर से अपडेट, डाउनलोड करें Android Hindi News App, iOS Hindi News App और Amarujala Hindi News APP अपने मोबाइल पे|
Get all India News in Hindi related to live update of politics, sports, entertainment, technology and education etc. Stay updated with us for all breaking news from India News and more news in Hindi.

विज्ञापन
विज्ञापन
विज्ञापन

एड फ्री अनुभव के लिए अमर उजाला प्रीमियम सब्सक्राइब करें

Next Article

AU ऐप में पढ़ें

Followed