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Pilibhit News: आयात शुल्क वृद्धि से सराफा बाजार में सन्नाटा, कारोबार प्रभावित
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पीलीभीत। शहर समेत जिलेभर के सराफा बाजार में सोना-चांदी के दामों में अचानक आई तेजी का सीधा असर कारोबार पर दिखाई देने लगा है। आयात शुल्क में करीब नौ प्रतिशत बढ़ोतरी के बाद दो दिनों से सोने और चांदी के भाव लगातार ऊपर चढ़ रहे हैं। इसके चलते बाजार में सन्नाटा पसरा है। कम संख्या में पहुंच रहे ग्राहक भी अब भारी गहनों के बजाय हल्के वजन की ज्वेलरी खरीदने पर जोर दे रहे हैं। कारोबारियों का कहना है कि महंगाई के कारण खरीदारी आधी रह गई है। कारोबार पर असर पड़ रहा है।
शहर में करीब 325 सराफ व्यापारी हैं, जबकि जिले भर में उनकी संख्या 800 से 900 के बीच बताई जा रही है। वैसे तो सोने के दामों में लगातार उतार-चढ़ाव बना था, लेकिन आयात शुल्क पर करीब नौ प्रतिशत की बढ़ोतरी के बाद दामों में अचानक उछाल आया है। दो दिन पहले सोने का भाव करीब 1.52 लाख रुपये था, जो अब बढ़कर 1.58 लाख रुपये तक पहुंच गया है। वहीं, चांदी के दाम 2.45 लाख से 2.65 लाख रुपये के बीच थे, जो अब 2.75 लाख रुपये तक पहुंच गए हैं। सराफ कारोबारियों के मुताबिक कीमतों में तेजी आने के बाद ग्राहक खरीदारी से दूरी बना रहे हैं, जो लोग शादी या जरूरी जरूरत के चलते बाजार पहुंच भी रहे हैं, वे कम वजन और कम बजट के गहनों को प्राथमिकता दे रहे हैं। ऐसे में दाम बढ़ने के बाद बाजार में कारोबार आधा रह गया है। इसपर आगे और असर पड़ने की संभावना भी जताई जा रही है। संवाद
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उधार माल देना किया बंद, स्टॉक पर नहीं कोई असर
सराफ कारोबार में बढ़ी हलचल के बाद व्यापारी भी चिंतित होने लगे हैं। व्यापारियों का कहना है कि स्थिति के अनुसार बाजार में नकद लेनदेन बढ़ गया है और अधिकांश व्यापारियों ने उधार पर माल देना बंद कर दिया है। हालांकि कारोबारियों का कहना है कि मौजूदा स्टॉक पर अभी कोई विशेष असर नहीं पड़ा है।
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जीएसटी को लेकर भी चिंतित दिखे व्यापारी
प्रधानमंत्री के सोने को लेकर किए गए आह्वान के बाद सराफ व्यापारी चिंतित दिखे। उनका कहना है कि सोने की खरीद होने से व्यापार पर सीधा असर पड़ेगा। दो दिन में इसका असर भी देखने को मिलने लगा है। इसके साथ ही जीएसटी को लेकर भी चिंता बनी हुई है। उनका कहना है कि यदि कारोबारी महंगे दामों के कारण सोना खरीदने से बचते हैं तो विभाग पिछले वर्ष के कारोबार को आधार मानकर जीएसटी लक्ष्य तय करेगा। इससे व्यापारियों पर अतिरिक्त दबाव पड़ेगा और परेशानी का सामना करना पड़ेगा।
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व्यापारियों ने किया मंथन
आयात शुल्क बढ़ाने से सराफ कारोबार खत्म की ओर पहुंच गया, वहीं प्रधानमंत्री के एक साल तक सोना न खरीदने के आह्वान के बाद बाजार में सन्नाटा जैसा माहौल बनने लगा है। जिले और देशभर के सराफ एसोसिएशन चितिंत है और मंथन कर रहे हैं। प्रधानमंत्री से अपील है कि सराफ कारोबारियों के पास आमदनी का कोई स्रोत नहीं है। शॉप की देखरेख, स्टाफ खर्च, बिजली बिल आदि को लेकर परेशानी बढ़ेगी।
- शैली अग्रवाल, महामंत्री सराफ एसोसिएशन, पीलीभीत
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शहर में करीब 325 सराफ व्यापारी हैं, जबकि जिले भर में उनकी संख्या 800 से 900 के बीच बताई जा रही है। वैसे तो सोने के दामों में लगातार उतार-चढ़ाव बना था, लेकिन आयात शुल्क पर करीब नौ प्रतिशत की बढ़ोतरी के बाद दामों में अचानक उछाल आया है। दो दिन पहले सोने का भाव करीब 1.52 लाख रुपये था, जो अब बढ़कर 1.58 लाख रुपये तक पहुंच गया है। वहीं, चांदी के दाम 2.45 लाख से 2.65 लाख रुपये के बीच थे, जो अब 2.75 लाख रुपये तक पहुंच गए हैं। सराफ कारोबारियों के मुताबिक कीमतों में तेजी आने के बाद ग्राहक खरीदारी से दूरी बना रहे हैं, जो लोग शादी या जरूरी जरूरत के चलते बाजार पहुंच भी रहे हैं, वे कम वजन और कम बजट के गहनों को प्राथमिकता दे रहे हैं। ऐसे में दाम बढ़ने के बाद बाजार में कारोबार आधा रह गया है। इसपर आगे और असर पड़ने की संभावना भी जताई जा रही है। संवाद
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उधार माल देना किया बंद, स्टॉक पर नहीं कोई असर
सराफ कारोबार में बढ़ी हलचल के बाद व्यापारी भी चिंतित होने लगे हैं। व्यापारियों का कहना है कि स्थिति के अनुसार बाजार में नकद लेनदेन बढ़ गया है और अधिकांश व्यापारियों ने उधार पर माल देना बंद कर दिया है। हालांकि कारोबारियों का कहना है कि मौजूदा स्टॉक पर अभी कोई विशेष असर नहीं पड़ा है।
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जीएसटी को लेकर भी चिंतित दिखे व्यापारी
प्रधानमंत्री के सोने को लेकर किए गए आह्वान के बाद सराफ व्यापारी चिंतित दिखे। उनका कहना है कि सोने की खरीद होने से व्यापार पर सीधा असर पड़ेगा। दो दिन में इसका असर भी देखने को मिलने लगा है। इसके साथ ही जीएसटी को लेकर भी चिंता बनी हुई है। उनका कहना है कि यदि कारोबारी महंगे दामों के कारण सोना खरीदने से बचते हैं तो विभाग पिछले वर्ष के कारोबार को आधार मानकर जीएसटी लक्ष्य तय करेगा। इससे व्यापारियों पर अतिरिक्त दबाव पड़ेगा और परेशानी का सामना करना पड़ेगा।
व्यापारियों ने किया मंथन
आयात शुल्क बढ़ाने से सराफ कारोबार खत्म की ओर पहुंच गया, वहीं प्रधानमंत्री के एक साल तक सोना न खरीदने के आह्वान के बाद बाजार में सन्नाटा जैसा माहौल बनने लगा है। जिले और देशभर के सराफ एसोसिएशन चितिंत है और मंथन कर रहे हैं। प्रधानमंत्री से अपील है कि सराफ कारोबारियों के पास आमदनी का कोई स्रोत नहीं है। शॉप की देखरेख, स्टाफ खर्च, बिजली बिल आदि को लेकर परेशानी बढ़ेगी।
- शैली अग्रवाल, महामंत्री सराफ एसोसिएशन, पीलीभीत