{"_id":"b30101f8df6b07688bb824a98b7e5901","slug":"blew-cane-farmers-commissioner-s-effigy-hindi-news","type":"story","status":"publish","title_hn":"किसानों ने फूंका गन्ना आयुक्त का पुतला","category":{"title":"City & states","title_hn":"शहर और राज्य","slug":"city-and-states"}}
किसानों ने फूंका गन्ना आयुक्त का पुतला
पीलीभीत
Updated Thu, 21 Jan 2016 10:33 PM IST
विज्ञापन
खबरें लगातार पढ़ने के लिए अमर उजाला एप डाउनलोड करें
या
वेबसाइट पर पढ़ना जारी रखने के लिए वीडियो विज्ञापन देखें
अगर आपके पास प्रीमियम मेंबरशिप है तो
कस्बे के दोनों गन्ना क्रय केंद्रों को ललित हरि चीनी मिल पीलीभीत से न जोड़े जाने को लेकर किसानों ने गुरुवार से क्रय केंद्र परिसर में बेमियादी धरना शुरू कर दिया। इस मौके पर गन्ना आयुक्त का पुतला भी फूंका।
कस्बे के दोनों गन्ना क्रय केंद्र पिछले पेराई सत्र तक ललित हरि चीनी मिल पीलीभीत से संबद्ध थे, जिससे क्षेत्रीय किसान काफी संतुष्ट थे। चालू पेराई सत्र में गन्ना विभाग ने दोनों क्रय केंद्र पीलीभीत चीनी मिल से हटाकर बजाज हिंदुस्तान चीनी मिल बरखेड़ा से जोड़ दिए गए हैं, जिससे किसान काफी नाराज हो गए हैं। किसानों ने पहली दिसंबर से दोनों केंद्रों पर गन्ना आपूर्ति का बहिष्कार कर रखा है। गुरुवार से किसानों ने क्रय केंद्र परिसर में बेमियादी धरना शुरू कर दिया है। किसानों ने धरना स्थल पर गन्ना विभाग के विरोध में प्रदर्शन, नारेबाजी की और गन्नायुक्त का पुतला फूंका। गुड्डू, अनिल कुमार, राजकुमार, कामेश्वर दयाल, राजू, मोहम्मद यासीन, मोहम्मद उमर, हसीन, धर्मपाल, कदीर खां, नसीम समेत तमाम किसान शामिल थे।
विज्ञापन
कस्बे के दोनों गन्ना क्रय केंद्र पिछले पेराई सत्र तक ललित हरि चीनी मिल पीलीभीत से संबद्ध थे, जिससे क्षेत्रीय किसान काफी संतुष्ट थे। चालू पेराई सत्र में गन्ना विभाग ने दोनों क्रय केंद्र पीलीभीत चीनी मिल से हटाकर बजाज हिंदुस्तान चीनी मिल बरखेड़ा से जोड़ दिए गए हैं, जिससे किसान काफी नाराज हो गए हैं। किसानों ने पहली दिसंबर से दोनों केंद्रों पर गन्ना आपूर्ति का बहिष्कार कर रखा है। गुरुवार से किसानों ने क्रय केंद्र परिसर में बेमियादी धरना शुरू कर दिया है। किसानों ने धरना स्थल पर गन्ना विभाग के विरोध में प्रदर्शन, नारेबाजी की और गन्नायुक्त का पुतला फूंका। गुड्डू, अनिल कुमार, राजकुमार, कामेश्वर दयाल, राजू, मोहम्मद यासीन, मोहम्मद उमर, हसीन, धर्मपाल, कदीर खां, नसीम समेत तमाम किसान शामिल थे।
विज्ञापन