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Pilibhit News: सोशल मीडिया के उपयोग में बरतें सावधानी, रील बनाने और देखने से बचें
Fri, 28 Feb 2025 11:54 PM IST
बरेली ब्यूरो
संवाद न्यूज एजेंसी, पीलीभीत
संवाद न्यूज एजेंसी, पीलीभीत
Updated Fri, 28 Feb 2025 11:54 PM IST
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शहर के उपाधि महाविद्यालय में आयोजित पुलिस की पाठशाला में मौजूद छात्राएं व छात्र।संवाद
पीलीभीत। शहर के उपाधि महाविद्यालय में सीओ सदर ने शुक्रवार को नियमों का पाठ पढ़ाया। उन्होंने विद्यार्थियों को साइबर अपराध से बचने के उपाय बताए। साथ ही महिला अपराध की रोकथाम को लेकर भी जरूरी जानकारी देकर जागरूक किया।
अमर उजाला फाउंडेशन के बैनर तले उपाधि महाविद्यालय में आयोजित पुलिस की पाठशाला में सीओ सदर विधि भूषण मौर्या ने 1090 महिला हेल्पलाइन, 1098 चाइल्ड हेल्पलाइन, डायल 112, पॉक्सो एक्ट, अच्छे-बुरे स्पर्श के बारे में जानकारी दी। कानून व्यवस्था बनाए रखने में समाज की भूमिका के साथ विद्यार्थियों को पुलिस की कार्यप्रणाली से अवगत कराया और विभिन्न मामलों में पुलिस की कार्रवाई के प्रति उनकी जिज्ञासा को शांत किया।
सीओ ने कहा कि समाज में कानून व्यवस्था बनाए रखना पुलिस का दायित्व है। जन सुनवाई पुलिस की कार्रवाई का महत्वपूर्ण अंग है। इसके माध्यम से पुलिस और जनता के बीच संवाद रहता है। छात्राओं से कहा कि इस उम्र में बुद्धि की परिपक्वता कम होती है। इसका अराजक तत्व फायदा उठाते हैं।
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उन्होंने कई उदाहरण देकर छात्राओं को जागरूक किया। कहा कि किसी भी प्रकार की समस्या होने पर संकोच न करें। बल्कि परिजनों, शिक्षकों को बताएं। पुलिस को भी सूचना दें। हेल्पलाइन नंबरों का प्रयाेग करें। पुलिस शिकायतकर्ता के नाम को गोपनीय रखती है।
इंटरनेट अच्छा, पर संभलकर करें इस्तेमाल
सीओ सदर ने कहा कि वर्ष 2009 के बाद मोबाइल फोन के साथ इंटरनेट का प्रयोग बढ़ गया है। ऐसे में साइबर ठग भी सक्रिय हो गए। उन्होंने कहां कि सोशल साइट्स का इस्तेमाल करने में सतर्कता बरतें। अपना फोटो या वीडियो सोच समझकर ही पोस्ट करें स्टेटस से बचें, क्योंकि इसका गलत इस्तेमाल भी हो सकता है। रील बनाने और देखने दोनों से बचना जरूरी है। अपरिचित की वीडियो कॉल रिसीव न करें, पासवर्ड में जन्मतिथि बिल्कुल न दें। सोशल मीडिया से संबंधित शिकायतों को हेल्पलाइन नंबर 1930 के अलावा cybercrime.gov.in पर दर्ज करा सकते हैं। इसके साथ ही पासवर्ड बनाने से पहले ध्यान रखें कि वो यूनिक और कठिन हो। हर ऑनलाइन अकाउंट के लिए अलग पासवर्ड रखें। अगर कोई अकाउंट आप इस्तेमाल नहीं करते हैं तो उसे डिलीट कर दें।
क्या न करें
- अपनी किसी भी निजी जानकारी को सोशल मीडिया पर साझा न करें।
- किसी भी असुरक्षित और फर्जी वेबसाइट पर जाने से बचें।
-ऑनलाइन अकाउंट्स को हमेशा लॉग आउट करें।
- क्रेडिट कार्ड या डेबिट कार्ड की जानकारी वेब ब्राउजर में जमा न करें।
- निजी और बैंकिंग ब्योरा फोन या ई-मेल या एसएमएस से साझा न करें।
- अपनी व्यक्तिगत तस्वीरें सार्वजनिक रूप से साझा न करें।
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अमर उजाला फाउंडेशन के बैनर तले उपाधि महाविद्यालय में आयोजित पुलिस की पाठशाला में सीओ सदर विधि भूषण मौर्या ने 1090 महिला हेल्पलाइन, 1098 चाइल्ड हेल्पलाइन, डायल 112, पॉक्सो एक्ट, अच्छे-बुरे स्पर्श के बारे में जानकारी दी। कानून व्यवस्था बनाए रखने में समाज की भूमिका के साथ विद्यार्थियों को पुलिस की कार्यप्रणाली से अवगत कराया और विभिन्न मामलों में पुलिस की कार्रवाई के प्रति उनकी जिज्ञासा को शांत किया।
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सीओ ने कहा कि समाज में कानून व्यवस्था बनाए रखना पुलिस का दायित्व है। जन सुनवाई पुलिस की कार्रवाई का महत्वपूर्ण अंग है। इसके माध्यम से पुलिस और जनता के बीच संवाद रहता है। छात्राओं से कहा कि इस उम्र में बुद्धि की परिपक्वता कम होती है। इसका अराजक तत्व फायदा उठाते हैं।
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उन्होंने कई उदाहरण देकर छात्राओं को जागरूक किया। कहा कि किसी भी प्रकार की समस्या होने पर संकोच न करें। बल्कि परिजनों, शिक्षकों को बताएं। पुलिस को भी सूचना दें। हेल्पलाइन नंबरों का प्रयाेग करें। पुलिस शिकायतकर्ता के नाम को गोपनीय रखती है।
इंटरनेट अच्छा, पर संभलकर करें इस्तेमाल
सीओ सदर ने कहा कि वर्ष 2009 के बाद मोबाइल फोन के साथ इंटरनेट का प्रयोग बढ़ गया है। ऐसे में साइबर ठग भी सक्रिय हो गए। उन्होंने कहां कि सोशल साइट्स का इस्तेमाल करने में सतर्कता बरतें। अपना फोटो या वीडियो सोच समझकर ही पोस्ट करें स्टेटस से बचें, क्योंकि इसका गलत इस्तेमाल भी हो सकता है। रील बनाने और देखने दोनों से बचना जरूरी है। अपरिचित की वीडियो कॉल रिसीव न करें, पासवर्ड में जन्मतिथि बिल्कुल न दें। सोशल मीडिया से संबंधित शिकायतों को हेल्पलाइन नंबर 1930 के अलावा cybercrime.gov.in पर दर्ज करा सकते हैं। इसके साथ ही पासवर्ड बनाने से पहले ध्यान रखें कि वो यूनिक और कठिन हो। हर ऑनलाइन अकाउंट के लिए अलग पासवर्ड रखें। अगर कोई अकाउंट आप इस्तेमाल नहीं करते हैं तो उसे डिलीट कर दें।
क्या न करें
- अपनी किसी भी निजी जानकारी को सोशल मीडिया पर साझा न करें।
- किसी भी असुरक्षित और फर्जी वेबसाइट पर जाने से बचें।
-ऑनलाइन अकाउंट्स को हमेशा लॉग आउट करें।
- क्रेडिट कार्ड या डेबिट कार्ड की जानकारी वेब ब्राउजर में जमा न करें।
- निजी और बैंकिंग ब्योरा फोन या ई-मेल या एसएमएस से साझा न करें।
- अपनी व्यक्तिगत तस्वीरें सार्वजनिक रूप से साझा न करें।