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पीलीभीत: डिजिटल अरेस्ट के छह आरोपियों पर गैंगस्टर एक्ट की कार्रवाई, पीड़ित से ठगे थे 57.89 लाख रुपये

Thu, 10 Sep 2026 05:46 PM IST
Mukesh Kumar संवाद न्यूज एजेंसी, पीलीभीत
संवाद न्यूज एजेंसी, पीलीभीत Published by: Mukesh Kumar Updated Thu, 10 Sep 2026 05:46 PM IST
सार

पीलीभीत में पुलिस ने 57.89 लाख रुपये की साइबर ठगी के मामले में अंतरराज्यीय गिरोह के छह सदस्यों पर शिकंजा कस दिया है। पुलिस ने सरगना मनीष समेत छह आरोपियों के खिलाफ गैंगस्टर एक्ट के तहत रिपोर्ट दर्ज की है। 

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Gangster Act action taken against six accused of digital arrest in Pilibhit
सांकेतिक तस्वीर

विस्तार

डिजिटल अरेस्ट का भय दिखाकर लोगों से लाखों रुपये की ठगी करने वाले अंतरराज्यीय साइबर गिरोह के खिलाफ पीलीभीत पुलिस ने प्रदेश की पहली गैंगस्टर कार्रवाई की है। साइबर क्राइम पुलिस थाने में गिरोह के सरगना मनीष कुमार समेत छह आरोपियों के खिलाफ उत्तर प्रदेश गिरोहबंद एवं समाजविरोधी क्रियाकलाप (निवारण) अधिनियम की धारा के तहत रिपोर्ट दर्ज की गई है। 

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पुलिस के मुताबिक गिरोह के सदस्य फर्जी सीबीआई, ईडी, सीबीसीआईडी और मुंबई क्राइम ब्रांच के अधिकारी बनकर लोगों को वीडियो कॉल करते थे। इसके बाद फर्जी वारंट और डिजिटल अरेस्ट जैसे काल्पनिक कानून का भय दिखाकर रकम अपने खातों में ट्रांसफर करा लेते थे।
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अफसर बनकर दंपती को धमकाया था 
मामला थाना कोतवाली क्षेत्र के जेल लाइन निवासी जगमोहन सैनी से हुई साइबर ठगी की जांच के दौरान सामने आया। जगमोहन सैनी ने 21 दिसंबर 2024 को साइबर क्राइम पुलिस थाने में रिपोर्ट दर्ज कराई थी। आरोप था कि नौ अगस्त से 22 अगस्त 2024 के बीच अज्ञात लोगों ने उन्हें और उनकी पत्नी को व्हाट्सएप वीडियो और ऑडियो कॉल की। आरोपियों ने खुद को सीबीसीआईडी, सीबीआई, सुप्रीम कोर्ट और मुंबई क्राइम ब्रांच का अधिकारी बताया। फर्जी वारंट भेजकर कार्रवाई और गिरफ्तारी का भय दिखाया गया। इसके बाद डिजिटल अरेस्ट कर अलग-अलग बैंक खातों में रकम ट्रांसफर कराई गई। 

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पीड़ित से की थी 57.89 लाख रुपये की ठगी 
पुलिस के मुताबिक इस तरह पीड़ित से 57 लाख 89 हजार 776 रुपये की ठगी की गई। विवेचना में मनीष कुमार, विकास वर्मा, राजेंद्र शर्मा उर्फ राजन, प्रशांत चौहान और संजय बाबी देशवाल के नाम सामने आए। साइबर क्राइम पुलिस टीम ने पांचों को पांच सितंबर 2025 को गिरफ्तार किया था। इसके बाद 24 सितंबर 2025 को फैसल सिद्दकी को भी गिरफ्तार किया गया। पुलिस ने आरोपियों के कब्जे से 11 मोबाइल फोन, चार लाख रुपये नकद, 13 फर्जी आधार कार्ड, चार चेकबुक, दो पासबुक, तीन एटीएम कार्ड और तीन सिम कार्ड बरामद किए गए थे। पुलिस ने विवेचना पूरी कर आरोप पत्र न्यायालय में प्रेषित किए। मामला न्यायालय में विचाराधीन है।

एसपी सुकीर्ति माधव ने बताया कि डिजिटल अरेस्ट के आरोपियों के खिलाफ प्रदेश में यह पहली गैंगस्टर कार्रवाई है। इस कार्रवाई के बाद फर्जी जांच एजेंसियों का अधिकारी बनकर लोगों को डराने और साइबर ठगी करने वाले गिरोहों पर पुलिस की सख्ती बढ़ने की उम्मीद है। 

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