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बाघ ने एक और युवक को बनाया शिकार
पीलीभ्ाीत ब्यूराो
Updated Sun, 05 Mar 2017 11:24 PM IST
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मारे गए युवक के पिररिवार के लाोग
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खेत में सिंचाई करने गए युवक को बाघ ने मार डाला। सूचना मिलने पर वन व पुलिस कर्मी मौके पर पहुंचे तो गुस्साए ग्रामीणों उन पर हमला कर दिया। बीचबचाव में न्यूरिया एसओ को भी चोटें आईं। ग्रामीण बाघ पकड़ने की मांग को लेकर शव नहीं उठाने दे रहे थे। रविवार शाम 3:30 बजे हाथी पहुंचने पर जब वन विभाग ने बाघ पकड़ने की कार्रवाई शुरू की, तब शव पोस्टमार्टम को भेजा जा सका। चार महीने में जिले में बाघ के हमले में नौ लोगों की मौत हो चुकी है।
न्यूरिया थाना क्षेत्र के गांव रम्पुरा निवासी छोटेलाल का पुत्र ब्रह्म स्वरूप (18) अपने बड़े भाई जसवंत के साथ सिंचाई करने खेत पर गया था। इंजन चलाने से पहले उसमें डालने के लिए वह पास के तालाब से बाल्टी में पानी लेकर आ रहा था। इस बीच पड़ोस के गन्ने के खेत से निकले बाघ ने उस पर हमला कर दिया। ब्रह्म स्वरूप की चीख सुनकर इंजन के पास खड़ा जसवंत ट्रैक्टर लेकर पीछे दौड़ा। इस पर बाघ गन्ने के खेत के अंदर ब्रह्म स्वरूप का शव छोड़कर भाग गया।
जसवंत ने इसकी सूचना घरवालों व ग्रामीणों को दी। कुछ ही देर बाद न्यूरिया पुलिस व वनकर्मी भी मौके पर पहुंच गए लेकिन इससे पहले ही ग्रामीणों ने शव गन्ने के खेत से बाहर निकाल लिया। वनकर्मियों को देख नाराज ग्रामीणों ने उन्हें घेरकर धक्कामुक्की शुरू कर दी। इस बीच एक वनकर्मी की बंदूक से गोली चल गई जिसके छर्रे गांव के ही माखनलाल के हाथ में लग गए। इससे ग्रामीण उग्र हो गए और उन्होंने हमला कर माला रेंजर डीके श्रीवास्तव, पीलीभीत रेंजर गजेंद्र बहादुर सिंह, वन दरोगा देवऋषि सक्सेना व वनरक्षक प्रेमपाल की पिटाई कर दी।
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काफी देर तक अफरातफरी मची रही। करीब एक बजे मौका पाकर कुछ शरारती युवकों ने वनकर्मियों पर फिर हमला कर दिया। करीब तीन बजे जब बाघ पकड़ने की कार्रवाई शुरू हुई तो मामला शांत हुआ। डीएफओ आदर्श कुमार ने बताया कि पहली प्राथमिकता बाघ को पकड़ने की है, जिसका प्रयास किया जा रहा है। मृतक के परिवार को पांच लाख का मुआवजा दिलाया जाएगा।
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न्यूरिया थाना क्षेत्र के गांव रम्पुरा निवासी छोटेलाल का पुत्र ब्रह्म स्वरूप (18) अपने बड़े भाई जसवंत के साथ सिंचाई करने खेत पर गया था। इंजन चलाने से पहले उसमें डालने के लिए वह पास के तालाब से बाल्टी में पानी लेकर आ रहा था। इस बीच पड़ोस के गन्ने के खेत से निकले बाघ ने उस पर हमला कर दिया। ब्रह्म स्वरूप की चीख सुनकर इंजन के पास खड़ा जसवंत ट्रैक्टर लेकर पीछे दौड़ा। इस पर बाघ गन्ने के खेत के अंदर ब्रह्म स्वरूप का शव छोड़कर भाग गया।
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जसवंत ने इसकी सूचना घरवालों व ग्रामीणों को दी। कुछ ही देर बाद न्यूरिया पुलिस व वनकर्मी भी मौके पर पहुंच गए लेकिन इससे पहले ही ग्रामीणों ने शव गन्ने के खेत से बाहर निकाल लिया। वनकर्मियों को देख नाराज ग्रामीणों ने उन्हें घेरकर धक्कामुक्की शुरू कर दी। इस बीच एक वनकर्मी की बंदूक से गोली चल गई जिसके छर्रे गांव के ही माखनलाल के हाथ में लग गए। इससे ग्रामीण उग्र हो गए और उन्होंने हमला कर माला रेंजर डीके श्रीवास्तव, पीलीभीत रेंजर गजेंद्र बहादुर सिंह, वन दरोगा देवऋषि सक्सेना व वनरक्षक प्रेमपाल की पिटाई कर दी।
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काफी देर तक अफरातफरी मची रही। करीब एक बजे मौका पाकर कुछ शरारती युवकों ने वनकर्मियों पर फिर हमला कर दिया। करीब तीन बजे जब बाघ पकड़ने की कार्रवाई शुरू हुई तो मामला शांत हुआ। डीएफओ आदर्श कुमार ने बताया कि पहली प्राथमिकता बाघ को पकड़ने की है, जिसका प्रयास किया जा रहा है। मृतक के परिवार को पांच लाख का मुआवजा दिलाया जाएगा।