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Pilibhit News: रेलवे के अंडरपास में बांधे जाते हैं पशु, यातायात हुआ प्रभावित
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बीसलपुर के गांव गंगानगर के निकट अंडरपास में बंधे पशु । संवाद
बीसलपुर। रेलवे के अधिकारियों की अनदेखी से गांव गंगानगर के पास स्थित रेलवे के अंडरपास में कुछ ग्रामीण अवैध रूप से पशु बांधते हैं।
नियमानुसार रेलवे के अंडरपास में पशु नहीं बांधे जा सकते। बावजूद इसके गांव गंगानगर के पास स्थित रेलवे के अंडरपास में कुछ ग्रामीण काफी लंंबे समय से पशु बांधते आ रहे हैं। ये पशु अंडरपास में गंदगी भी करते हैं और यहां गुजरने वालों के लिए खतरा भी बना रहता है। साथ ही पशुओं के बंधे होने से अंडरपास का यातायात भी प्रभावित होता है।
ग्राम प्रधान लड़ैती देवी ने बताया कि उन्होंने इन लोगों को कई बार अंडरपास में पशु न बांधने का सुझाव दिया, लेकिन वे लोग सुझाव मानने को तैयार नही है। इससे रेलवे अधिनियम की अवहेलना भी हो रही है। विभागीय उच्चाधिकारी सब कुछ जानते हुए भी इस ओर से नजरें फेरे हुए हैं, बताया जाता है कि समाचार पत्रों में समाचार छपने के बाद विभागीय अधिकारी मौके पर जाकर इस समस्या का समाधान करा देते हैं। उसके बाद ग्रामीण फिर से अंडरपास में पशु बांधने लगते हैं।
इस बावत इज्जतनगर के मंडल रेल प्रबंधक के जनसंपर्क अधिकारी राजेंद्र सिंह ने बताया कि मामला उनके संज्ञान में नही था। अब यह मामला उनके संज्ञान में आ गया है। बहुत जल्द इस समस्या का स्थायी समाधान कराया जाएगा।
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नियमानुसार रेलवे के अंडरपास में पशु नहीं बांधे जा सकते। बावजूद इसके गांव गंगानगर के पास स्थित रेलवे के अंडरपास में कुछ ग्रामीण काफी लंंबे समय से पशु बांधते आ रहे हैं। ये पशु अंडरपास में गंदगी भी करते हैं और यहां गुजरने वालों के लिए खतरा भी बना रहता है। साथ ही पशुओं के बंधे होने से अंडरपास का यातायात भी प्रभावित होता है।
ग्राम प्रधान लड़ैती देवी ने बताया कि उन्होंने इन लोगों को कई बार अंडरपास में पशु न बांधने का सुझाव दिया, लेकिन वे लोग सुझाव मानने को तैयार नही है। इससे रेलवे अधिनियम की अवहेलना भी हो रही है। विभागीय उच्चाधिकारी सब कुछ जानते हुए भी इस ओर से नजरें फेरे हुए हैं, बताया जाता है कि समाचार पत्रों में समाचार छपने के बाद विभागीय अधिकारी मौके पर जाकर इस समस्या का समाधान करा देते हैं। उसके बाद ग्रामीण फिर से अंडरपास में पशु बांधने लगते हैं।
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इस बावत इज्जतनगर के मंडल रेल प्रबंधक के जनसंपर्क अधिकारी राजेंद्र सिंह ने बताया कि मामला उनके संज्ञान में नही था। अब यह मामला उनके संज्ञान में आ गया है। बहुत जल्द इस समस्या का स्थायी समाधान कराया जाएगा।
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