{"_id":"680a8d5e1a148adadc0cd2e4","slug":"animal-shed-given-to-someone-else-in-the-name-of-beneficiary-many-caught-in-lokpals-investigation-pilibhit-news-c-121-1-lkh1003-134707-2025-04-25","type":"story","status":"publish","title_hn":"Pilibhit News: लाभार्थी के नाम पर दूसरे को दिया पशु शेड, लोकपाल की जांच में कई फंसेे","category":{"title":"City & states","title_hn":"शहर और राज्य","slug":"city-and-states"}}
Pilibhit News: लाभार्थी के नाम पर दूसरे को दिया पशु शेड, लोकपाल की जांच में कई फंसेे
Fri, 25 Apr 2025 12:43 AM IST
बरेली ब्यूरो
संवाद न्यूज एजेंसी, पीलीभीत
संवाद न्यूज एजेंसी, पीलीभीत
Updated Fri, 25 Apr 2025 12:43 AM IST
विज्ञापन
पीलीभीत। पूरनपुर की ग्राम पंचायत पिपरा मुंजप्ता में पशु शेड निर्माण के नाम पर बड़ा खेल हुआ। अनुसूचित जाति के लाभार्थी का नाम हटाकर उसी नाम के पिछड़ा वर्ग के लाभार्थी को पशु शेड दे दिया। मजदूरी का भुगतान भी करा दिया। ब्लॉक और जिले के अधिकारियों से गुहार लगाने के बाद पीड़ित ने मनरेगा लोकपाल से शिकायत की। लोकपाल की जांच में कई दोषी मिले हैं।
ग्राम पंचायत पिपरा मुंजप्ता के श्रीपाल पुत्र कंधईलाल ने वर्ष 2024 में मनरेगा लोकपाल से की शिकायत में बताया कि उसके पास पांच से छह पशु हैं। वह पशु शेड के लिए पात्र हैं। ग्राम पंचायत की वर्ष 2023-24 और 2024-25 की कार्ययोजना में उसका नाम भी था। बाद में वर्ष 2024-25 में उसके नाम पर पिछड़ा वर्ग के श्रीपाल पुत्र मिश्रीलाल को पशु शेड दे दिया गया। 1.62 लाख रुपये की लागत से निर्माण कराया और मजदूरी की धनराशि का भुगतान भी कर दिया गया। पीड़ित ने मामले की शिकायत बीडीओ से की। सुनवाई न होने पर सीडीओ और डीएम से गुहार लगाई। बाद में मनरेगा लोकपाल से शिकायत की। मनरेगा लोकपाल ने मामले की जांच शुरू की और पूरनपुर बीडीओ से आख्या मांगी।
गड़बड़ी में एपीओ, सचिव और कई अन्य जिम्मेदार
22 मार्च को पूरनपुर बीडीओ ने मनरेगा लोकपाल को भेजी रिपोर्ट में अनुसूचित जाति वर्ग के लाभार्थी के स्थान पर पिछड़ा वर्ग के लाभार्थी को पशु शेड दिए जाने की बात कही है। मामले में रोजगार सेवक, पंचायत सचिव, एपीओ, कंप्यूटर ऑपरेटर आदि को दोषी बताया है। मनरेगा लोकपाल गेंदनलाल ने बताया कि जांच में दोषी मिले सभी से जवाब मांगा जाएगा। इसके बाद कार्रवाई होगी।
विज्ञापन
तत्कालीन बीडीओ भी भेजा जाएगा पत्र
पूरनपुर बीडीओ ने भले ही अपनी रिपोर्ट में कई अन्य को जिम्मेदार बताया, लेकिन पशु शेड के कार्यों का भुगतान उनके ही डोंगल से होता है। मनरेगा लोकपाल ने बताया कि मामले में पशु शेड स्वीकृति के समय ब्लॉक पर तैनात रहे बीडीओ को भी पत्र भेजा जाएगा।
विज्ञापन
ग्राम पंचायत पिपरा मुंजप्ता के श्रीपाल पुत्र कंधईलाल ने वर्ष 2024 में मनरेगा लोकपाल से की शिकायत में बताया कि उसके पास पांच से छह पशु हैं। वह पशु शेड के लिए पात्र हैं। ग्राम पंचायत की वर्ष 2023-24 और 2024-25 की कार्ययोजना में उसका नाम भी था। बाद में वर्ष 2024-25 में उसके नाम पर पिछड़ा वर्ग के श्रीपाल पुत्र मिश्रीलाल को पशु शेड दे दिया गया। 1.62 लाख रुपये की लागत से निर्माण कराया और मजदूरी की धनराशि का भुगतान भी कर दिया गया। पीड़ित ने मामले की शिकायत बीडीओ से की। सुनवाई न होने पर सीडीओ और डीएम से गुहार लगाई। बाद में मनरेगा लोकपाल से शिकायत की। मनरेगा लोकपाल ने मामले की जांच शुरू की और पूरनपुर बीडीओ से आख्या मांगी।
विज्ञापन
गड़बड़ी में एपीओ, सचिव और कई अन्य जिम्मेदार
22 मार्च को पूरनपुर बीडीओ ने मनरेगा लोकपाल को भेजी रिपोर्ट में अनुसूचित जाति वर्ग के लाभार्थी के स्थान पर पिछड़ा वर्ग के लाभार्थी को पशु शेड दिए जाने की बात कही है। मामले में रोजगार सेवक, पंचायत सचिव, एपीओ, कंप्यूटर ऑपरेटर आदि को दोषी बताया है। मनरेगा लोकपाल गेंदनलाल ने बताया कि जांच में दोषी मिले सभी से जवाब मांगा जाएगा। इसके बाद कार्रवाई होगी।
विज्ञापन
तत्कालीन बीडीओ भी भेजा जाएगा पत्र
पूरनपुर बीडीओ ने भले ही अपनी रिपोर्ट में कई अन्य को जिम्मेदार बताया, लेकिन पशु शेड के कार्यों का भुगतान उनके ही डोंगल से होता है। मनरेगा लोकपाल ने बताया कि मामले में पशु शेड स्वीकृति के समय ब्लॉक पर तैनात रहे बीडीओ को भी पत्र भेजा जाएगा।