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एडीओ ने पकड़ा फर्जी नियुक्ति पत्र
अमर उजाला ब्यूरो बीसलपुर।
Updated Thu, 16 Nov 2017 11:56 PM IST
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- सफाई कर्मचारी के पद पर ज्वाइन करने आया था युवक
- साढ़े तीन लाख रुपये लेकर लिपिक ने दिया था नियुक्ति पत्र
सहायक विकास अधिकारी पंचायत ने बुधवार को एक फर्जी नियुक्ति पत्र पकड़ा। यह फर्जी नियुक्ति पत्र लेकर बरेली का एक युवक ब्लॉक कार्यालय में सफाई कर्मचारी के पद पर ज्वाइन करने आया था।
जिला बरेली के थाना बिथरीचैनपुर क्षेत्र के गांव सिमरा अजूबा बेगम का एक युवक बुधवार को एक नियुक्ति पत्र लेकर ब्लॉक कार्यालय में सफाई कर्मचारी के पद पर ज्वाइन करने पहुंचा था। सहायक विकास अधिकारी (पंचायत) ओपी माथुर ने नियुक्ति पत्र देखते ही जान लिया कि वह फर्जी है। नियुक्ति पत्र पर पीलीभीत के डीपीआरओ के फर्जी हस्ताक्षर थे। नियुक्ति पत्र फर्जी होने की जानकारी होने पर युवक के पैरों तले से जमीन खिसक गई। दरअसल युवक उक्त नियुक्ति पत्र को असली समझ रहा था और ड्यूटी ज्वाइन करने की पूरी तैयारी में आया था। सहायक विकास अधिकारी द्वारा पूछताछ करने पर युवक ने बताया कि पीलीभीत के एक अधिवक्ता और बीसलपुर ब्लॉक कार्यालय के एक लिपिक ने उनसे 3.5 लाख रुपये लेकर यह नियुक्ति पत्र दिया है। युवक ने सहायक विकास अधिकारी को अधिवक्ता और लिपिक का नाम पता भी बता दिया है। सहायक विकास अधिकारी ने बीडीओ, डीपीआरओ, सीडीओ, एसपी और डीएम को मामले की जानकारी दे दी है। सहायक विकास अधिकारी ने बताया कि उच्चाधिकारियों से अनुमति मिलते ही पुलिस में धोखाधड़ी और जालसाजी के आरोप में इस मामले की रिपोर्ट दर्ज करा दी जाएगी।
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- साढ़े तीन लाख रुपये लेकर लिपिक ने दिया था नियुक्ति पत्र
सहायक विकास अधिकारी पंचायत ने बुधवार को एक फर्जी नियुक्ति पत्र पकड़ा। यह फर्जी नियुक्ति पत्र लेकर बरेली का एक युवक ब्लॉक कार्यालय में सफाई कर्मचारी के पद पर ज्वाइन करने आया था।
जिला बरेली के थाना बिथरीचैनपुर क्षेत्र के गांव सिमरा अजूबा बेगम का एक युवक बुधवार को एक नियुक्ति पत्र लेकर ब्लॉक कार्यालय में सफाई कर्मचारी के पद पर ज्वाइन करने पहुंचा था। सहायक विकास अधिकारी (पंचायत) ओपी माथुर ने नियुक्ति पत्र देखते ही जान लिया कि वह फर्जी है। नियुक्ति पत्र पर पीलीभीत के डीपीआरओ के फर्जी हस्ताक्षर थे। नियुक्ति पत्र फर्जी होने की जानकारी होने पर युवक के पैरों तले से जमीन खिसक गई। दरअसल युवक उक्त नियुक्ति पत्र को असली समझ रहा था और ड्यूटी ज्वाइन करने की पूरी तैयारी में आया था। सहायक विकास अधिकारी द्वारा पूछताछ करने पर युवक ने बताया कि पीलीभीत के एक अधिवक्ता और बीसलपुर ब्लॉक कार्यालय के एक लिपिक ने उनसे 3.5 लाख रुपये लेकर यह नियुक्ति पत्र दिया है। युवक ने सहायक विकास अधिकारी को अधिवक्ता और लिपिक का नाम पता भी बता दिया है। सहायक विकास अधिकारी ने बीडीओ, डीपीआरओ, सीडीओ, एसपी और डीएम को मामले की जानकारी दे दी है। सहायक विकास अधिकारी ने बताया कि उच्चाधिकारियों से अनुमति मिलते ही पुलिस में धोखाधड़ी और जालसाजी के आरोप में इस मामले की रिपोर्ट दर्ज करा दी जाएगी।
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