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Pilibhit News: दो लेखाकारों पर कार्रवाई, अन्य जिम्मेदार भी जांच के दायरे में

Thu, 17 Sep 2026 01:12 AM IST
Bareily Bureau बरेली ब्यूरो
Updated Thu, 17 Sep 2026 01:12 AM IST
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Action taken against two accountants; others found responsible also under investigation.
पीलीभीत। जिला विद्यालय निरीक्षक कार्यालय से जुड़े करोड़ों रुपये के वित्तीय अनियमितता के मामले में दो लेखाकारों के निलंबन के बाद अब कार्रवाई की आंच अन्य जिम्मेदारों तक पहुंचने के आसार हैं। शासन स्तर से की गई कार्रवाई के बाद जांच का दायरा बढ़ गया है। वरिष्ठ कोषाधिकारी सुरेश यादव को सौंपी गई जांच में अब यह देखा जाएगा कि वित्तीय अनियमितता के दौरान धनराशि के भुगतान और अभिलेखों के सत्यापन की प्रक्रिया में किन-किन स्तरों पर जिम्मेदारी तय होती है।
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डीआईओएस कार्यालय से संबद्ध रहे चतुर्थ श्रेणी कर्मचारी इल्हाम शम्सी ने करोड़ों रुपये की विभागीय धनराशि को ठिकाने लगाया था। फरवरी 2026 में बैंक में करीब एक करोड़ रुपये को निजी खाते में भेजने के बाद मामला खुला था। इसके बाद आरोपी इल्हाम और उसकी पत्नी अर्शी के खिलाफ कोतवाली में रिपोर्ट दर्ज कराई गई थी। पुलिस जांच में उसके आठ अन्य रिश्तेदार और परिचित के नाम भी सामने आए थे। इनके खातों में इल्हाम ने करोड़ों रुपये भेजे थे।
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इधर करोड़ों रुपये ठिकाने लगाने में इल्हाम के अलावा लेखाकार, डीआईओएस और कोषागार के जिम्मेदारों की भूमिका भी संदिग्ध पाई गई थी। शासन स्तर से जांच बैठाई गई थी, लेकिन लंबे समय से जांच और कार्रवाई ठंडे बस्ते में पड़ी थी। अब मंगलवार को इस मामले में डीआईओएस कार्यालय में तैनात रह चुके लेखाकार जावेद कादरी और वर्तमान लेखाकार श्याम नारायण को निलंबित किया गया है। जावेद वर्ष 2022 से जुलाई 2025 तक डीआईओएस कार्यालय में तैनात रहे, जबकि श्याम नारायण जुलाई 2025 से यहां कार्यरत हैं। दोनों पर कार्रवाई के बाद विभागीय स्तर पर जिम्मेदारियां तय किए जाने की प्रक्रिया और महत्वपूर्ण हो गई है। जावेद की वर्तमान तैनाती बदायूं में है।
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अधिकारियों का कहना है कि प्रकरण में करोड़ों रुपये की धनराशि निकलने का मामला सामने आया था। मुख्य आरोपी इल्हाम शम्सी के खिलाफ पहले ही निलंबन के बाद सेवा समाप्ति की कार्रवाई हो चुकी है। अब लेखाकारों पर हुई कार्रवाई के बाद जांच में भुगतान से संबंधित पत्रावलियों, अभिलेखों, स्वीकृतियों और सत्यापन प्रक्रिया की पड़ताल की जाएगी। इसमें यह भी देखा जाएगा कि किस अधिकारी या कर्मचारी के स्तर से कौन-सी प्रक्रिया पूरी की गई और कहीं नियमों की अनदेखी तो नहीं हुई। कोषाधिकारी सुरेश यादव ने बताया कि दो के खिलाफ निलंबन की कार्रवाई की गई। जांच जारी है। संवाद
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