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Pilibhit News: तेंदुए ने हमला कर बकरी को मार डाला, कुछ देर बाद दूसरे को शिकार बनाने पहुंचा, शोर पर भागा
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बरखेड़ा। ग्राम बहादुरपुर हुकमी में तेंदुए की दहशत थमने का नाम नहीं ले रही है। लगभग एक महीने से लगातार देखे जा रहे तेंदुए ने सोमवार को गांव में एक ग्रामीण के घर में घुसकर एक बकरी को मार डाला। इसके कुछ देर बाद वह उक्त घर में दोबारा पहुंच गया। दूसरी बकरी पर हमला कर ले जाने लगा। शोर मचने पर तेंदुआ वहां से भाग निकला। सूचना पर पहुंची वन विभाग की टीम ने जांच की।
गांव में सोमवार की रात करीब 11 बजे तेंदुए ने गांव निवासी रामप्रताप के घर के बाहरी हिस्से में बंधी बकरी पर हमला कर दिया और उसे खींचकर ले जाने लगा। आहट पाकर परिवार और आसपास के लोग जाग गए। ग्रामीणों ने हिम्मत जुटाकर लाठी-डंडों के साथ तेंदुआ का पीछा किया, जिससे तेंदुआ गांव से करीब 500 मीटर की दूरी पर मरी हुई बकरी को छोड़कर भाग गया। इस घटना के महज दो घंटे बाद तेंदुए ने उसी घर में दोबारा धावा बोला और दूसरी बकरी को शिकार बनाने की कोशिश की। हालांकि, इस बार भी ग्रामीणों के जाग जाने के कारण वह घायल बकरी को छोड़कर भाग गया।
प्रधान अमित गंगवार ने वन विभाग की कार्यप्रणाली पर सवाल उठाते हुए कहा कि पिंजरा गलत स्थान पर लगाया गया है। उन्होंने कहा कि यदि पिंजरा ग्रामीणों की सही जानकारी और सुझाव के आधार पर लगाया जाता, तो तेंदुआ अब तक पकड़ा जा चुका होता। वहीं, रेंजर रोहित जोशी ने बताया कि तेंदुआ लगातार जगह बदल रहा है। इस कारण पकड़ में नहीं आ रहा है। फिर भी ग्रामीणों की राय लेकर पिंजरे को दूसरी जगह शिफ्ट कर दिया जाएगा। संवाद
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गांव में सोमवार की रात करीब 11 बजे तेंदुए ने गांव निवासी रामप्रताप के घर के बाहरी हिस्से में बंधी बकरी पर हमला कर दिया और उसे खींचकर ले जाने लगा। आहट पाकर परिवार और आसपास के लोग जाग गए। ग्रामीणों ने हिम्मत जुटाकर लाठी-डंडों के साथ तेंदुआ का पीछा किया, जिससे तेंदुआ गांव से करीब 500 मीटर की दूरी पर मरी हुई बकरी को छोड़कर भाग गया। इस घटना के महज दो घंटे बाद तेंदुए ने उसी घर में दोबारा धावा बोला और दूसरी बकरी को शिकार बनाने की कोशिश की। हालांकि, इस बार भी ग्रामीणों के जाग जाने के कारण वह घायल बकरी को छोड़कर भाग गया।
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प्रधान अमित गंगवार ने वन विभाग की कार्यप्रणाली पर सवाल उठाते हुए कहा कि पिंजरा गलत स्थान पर लगाया गया है। उन्होंने कहा कि यदि पिंजरा ग्रामीणों की सही जानकारी और सुझाव के आधार पर लगाया जाता, तो तेंदुआ अब तक पकड़ा जा चुका होता। वहीं, रेंजर रोहित जोशी ने बताया कि तेंदुआ लगातार जगह बदल रहा है। इस कारण पकड़ में नहीं आ रहा है। फिर भी ग्रामीणों की राय लेकर पिंजरे को दूसरी जगह शिफ्ट कर दिया जाएगा। संवाद
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