फ्री ई-पेपर
पर्सनलाइज़्ड फ़ीड
पर्सनलाइज़्ड नोटिफ़िकेशन
चलते-फिरते ख़बरें
लॉयल्टी रिवॉर्ड्स
डाउनलोड करें

सब्सक्राइब करें
Hindi News ›   Uttar Pradesh ›   Pilibhit News ›   कैसे हो विकास अब तक नहीं मिला धेला

कैसे हो विकास अब तक नहीं मिला धेला

Sun, 13 Jul 2014 05:35 AM IST
Pilibhit
Pilibhit Updated Sun, 13 Jul 2014 05:35 AM IST
विज्ञापन

विज्ञापन

पीलीभीत। वित्तीय वर्ष 2014-15 की पहली तिमाही बीत चुकी है, लेकिन अभी तक कई योजनाओं को विकास के लिए धेला भी नहीं मिला है। इससे जहां विकास कार्य बाधित हो रहा है, वहीं विभिन्न योजनाओं से लाभार्थियों को भी दिक्कत हो रही है।
जिले के विकास के लिए चालू वित्तीय वर्ष में 25 समग्र गांव सहित कई योजनाएं बनाई गई हैं। इन योजनाओं के अलावा छात्रवृत्ति, पेंशन, शादी अनुदान, कृषि अनुदान, इंदिरा आवास, मनरेगा, सड़क निर्माण प्रमुख हैं। पिछले वित्तीय वर्ष के अंत में आचार संहिता लग जाने और चुनाव बाद नए वित्तीय वर्ष की पहली तिमाही बीतने के बाद भी इन योजनाओं में पैसा न आने से विकास कार्य ठप पड़े हैं। केवल पिछले वर्ष की योजनाओं की प्राप्त शेष धनराशि से ही काम चलाया जा रहा है। अलबत्ता विधायक निधि सहित कुछ मद में धन मिला है, लेकिन नाममात्र की मिली यह धनराशि भी अनुपयोगी साबित हो रही है।
विज्ञापन


पिछले वर्ष के काम भी लटके
बजट न मिलने से सर्वाधिक प्रभाव समग्र गांव पर पड़ रहा है। वर्तमान सत्र के काम शुरू होना तो दूर अभी पिछले वर्ष के गांव में चल रहे काम ही अधूरे पड़े हुए हैं। पिछले वित्तीय वर्ष का पूरा पैसा न मिलने से कई गांव में सीसी रोड के काम अधूरे पड़े हैं।
विज्ञापन
विज्ञापन


नए चयनित समग्र गांव में नहीं हो रहा काम
वर्ष 2014-15 में जिले में 25 गांव को डॉ. राममनोहर लोहिया समग्र विकास में चयनित किया गया था, लेकिन तीन माह बाद भी इन गांव के लिए पैसा न मिलने से अब तक काम शुरू नहीं हो पा रहा है।

विधायक निधि को मिले दो करोड़
सरकार ने प्रस्तावित विकास कार्यों के लिए पैसा भले ही न भेजा हो लेकिन विधायक निधि की धनराशि जिला प्रशासन को उपलब्ध करा दी गई है। जिले के चार विधायकों की 50-50 लाख निधि के रूप में कुल दो करोड़ की धनराशि प्राप्त हो गई है। हैरानी की बात यह है इन निधि से अब तक कोई काम प्रस्तावित नहीं हैं।

पेंशन और शादी अनुदान के लाभार्थी परेशान
समाजकल्याण विभाग से शादी अनुदान पाने को अब तक 12 हजार से अधिक फार्म जमा हो चुके हैं। साथ ही पिछले वर्ष के भी 392 आवेदक अभी शेष हैं। इसके अलावा वृद्धावस्था पेंशन के लाभार्थी भी आस लगाए बैठे हैं।

कृषि योजनाएं भी प्रभावित
कृषि विभाग से पिछले वित्तीय वर्ष 100 से अधिक सौर ऊर्जा चालित पंप लगाए गए थे। इस बार इनकी काफी डिमांड है, लेकिन कृषि विभाग राष्ट्रीय कृषि विकास योजना एवं नेशनल फूड सिक्योरिटी मिशन को धन न मिलने से सौर ऊर्जा पंप व कृषि यंत्र किसानों को नहीं मिल पा रहे हैं।


गत वर्ष के 432 इंदिरा आवास एवं विधायक निधि सहित कुछ योजनाओं की धनराशि मिली है। मनरेगा की धनराशि अब सीधे लखनऊ से ही लाभार्थी के खाते में पहुंचेगी। प्राप्त धनराशि से काम कराए जा रहे हैं। इसी माह बजट मिलने की उम्मीद है।
डीसी त्रिपाठी, सीडीओ
विज्ञापन
विज्ञापन

रहें हर खबर से अपडेट, डाउनलोड करें Android Hindi News App, iOS Hindi News App और Amarujala Hindi News APP अपने मोबाइल पे|
Get all India News in Hindi related to live update of politics, sports, entertainment, technology and education etc. Stay updated with us for all breaking news from India News and more news in Hindi.

विज्ञापन
विज्ञापन
विज्ञापन

एड फ्री अनुभव के लिए अमर उजाला प्रीमियम सब्सक्राइब करें

Next Article

AU ऐप में पढ़ें

Followed