{"_id":"5b5a21414f1c1b0c718b65c6","slug":"91532633409-pilibhit-news","type":"story","status":"publish","title_hn":"कारगिल दिवस पर कवियों ने शहीदों को किया नमन","category":{"title":"City & states","title_hn":"शहर और राज्य","slug":"city-and-states"}}
कारगिल दिवस पर कवियों ने शहीदों को किया नमन
Updated Fri, 27 Jul 2018 01:00 AM IST
विज्ञापन
खबरें लगातार पढ़ने के लिए अमर उजाला एप डाउनलोड करें
या
वेबसाइट पर पढ़ना जारी रखने के लिए वीडियो विज्ञापन देखें
अगर आपके पास प्रीमियम मेंबरशिप है तो
खेकड़ा (बागपत)।
नगर में कारगिल दिवस पर लोक साहित्य संस्कृति समिति के तत्वावधान में आयोजित काव्य गोष्ठी में कवियों ने शहीदों को नमन किया।
खेकड़ा नगर के मोहल्ला रामपुर स्थित लोक साहित्य संस्कृति समिति के कार्यालय में बृहस्पतिवार को शहीद दिवस के उपलक्ष्य में आयोजित काव्य गोष्ठी का शुभारंभ गजेंद्र गजानन ने दीप जलाकर किया। इसमें कवि राकेश आचार्य ने कहा, मातृभूमि आज फिर पुकारती, हमको चाहिए कृष्ण जैसा सारथी। गजेंद्र गजानन ने कहा, मोदी जी ये शराफत नहीं किसी काम की, एक मिट्टी से जन्मे राम रहीम फिर दुश्मनी किस काम की। कवि अजय तोमर ने कहा, तू बनकर जुबान देश बेजुबान की, बातें नहीं करते हम गुमान की। इसके अलावा काव्य गोष्ठी में कई कवियों ने भी काव्य पाठ किया। इस दौरान कवि एवं श्रोता मौजूद रहे।
विज्ञापन
नगर में कारगिल दिवस पर लोक साहित्य संस्कृति समिति के तत्वावधान में आयोजित काव्य गोष्ठी में कवियों ने शहीदों को नमन किया।
खेकड़ा नगर के मोहल्ला रामपुर स्थित लोक साहित्य संस्कृति समिति के कार्यालय में बृहस्पतिवार को शहीद दिवस के उपलक्ष्य में आयोजित काव्य गोष्ठी का शुभारंभ गजेंद्र गजानन ने दीप जलाकर किया। इसमें कवि राकेश आचार्य ने कहा, मातृभूमि आज फिर पुकारती, हमको चाहिए कृष्ण जैसा सारथी। गजेंद्र गजानन ने कहा, मोदी जी ये शराफत नहीं किसी काम की, एक मिट्टी से जन्मे राम रहीम फिर दुश्मनी किस काम की। कवि अजय तोमर ने कहा, तू बनकर जुबान देश बेजुबान की, बातें नहीं करते हम गुमान की। इसके अलावा काव्य गोष्ठी में कई कवियों ने भी काव्य पाठ किया। इस दौरान कवि एवं श्रोता मौजूद रहे।