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डीएम ने बाढग़्रस्त इलाके का किया दौरा
Updated Sat, 19 Aug 2017 07:07 PM IST
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माधोटांडा (पीलीभीत)। डीएम शीतल वर्मा ने एसपी कलानिधि नैथानी के साथ शनिवार को बाढ़ग़्रस्त क्षेत्र का दौरा कर स्थिति का जायजा लिया। इस दौरान उन्होंने शारदा पार क्षेत्र में कृषि भूमि के पट्टेधारकों के नागरिकता प्रमाणपत्रों की जांच करने के निर्देश भी दिए।
डीएम शनिवार दोपहर नगरियाखुर्दकलां पहुंची और शारदा नदी के जलस्तर व बाढ़ आदि का जायजा लिया। उन्होंने बाढ़ खंड के सहायक अभियंता जय सिंह से बैराज से डेढ़ लाख क्यूसेक पानी छोड़े जाने के बाद पैदा हुई स्थिति के बारे में जानकारी हासिल की। यहां उन्होंने सहायक अभियंता को चल रहे कार्यों को जल्द पूरा कराने के निर्देश दिए। रमनगरा के ग्राम प्रधान प्रशांत राना के साथ आए बाढ़ पीड़ितों ने गत वर्ष रमनगरा बुझिया में हुई तबाही का हवाला देते हुए स्पर बनाने की मांग की। जिस पर डीएम ने कहा कि फौरी तौर पर बाढ़ से बचाव को अस्थाई बाढ़ नियंत्रण कार्य कराए जा रहे हैं। बरसात बाद यहां स्थाई नियंत्रण कार्य कराए जाएंगे। इस दौरान डीएम ने पुरैना ताल्लुके महाराजपुर से बंदरबोझ तक फैली 1171 एकड़ भूमि पर अवैध तरीके से काबिज लोगों से भूमि से हटाने की बात कही। इस दौरान उन्होंने शारदा पार इलाके में कृषि भूमि के पट्टाधारकों के नागरिकता प्रमाण पत्रों की जांच करने के भी निर्देश दिए। इसके बाद डीएम सेल्हा गांव पहुंची। यहां कुछ घरों में जलभराव हो गया था। इसको लेकर राजस्व प्रशासन द्वारा पुरैना बाढ़ शरणालय में पीड़ितों के लिए भोजन की व्यवस्था की गई थी। यहां पहुंचकर डीएम ने व्यवस्थाओं का जायजा लिया और अधिकारियों से जलभराव आदि की स्थिति के बारे में जानकारी ली।
हजारा। उधर ट्रांस शारदा क्षेत्र के ग्राम सिद्धनगर, राणाप्रताप नगर और नहरोसा क्षेत्र में नदी द्वारा किया जा रहा कटान जारी है। यहां कटान से बचाव न शुरू होने से लोगों में रोष है। इस इलाके में अभी तक कोई वरिष्ठ अधिकारी भी जायजा लेने नहीं पहुंच सका है।
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डीएम शनिवार दोपहर नगरियाखुर्दकलां पहुंची और शारदा नदी के जलस्तर व बाढ़ आदि का जायजा लिया। उन्होंने बाढ़ खंड के सहायक अभियंता जय सिंह से बैराज से डेढ़ लाख क्यूसेक पानी छोड़े जाने के बाद पैदा हुई स्थिति के बारे में जानकारी हासिल की। यहां उन्होंने सहायक अभियंता को चल रहे कार्यों को जल्द पूरा कराने के निर्देश दिए। रमनगरा के ग्राम प्रधान प्रशांत राना के साथ आए बाढ़ पीड़ितों ने गत वर्ष रमनगरा बुझिया में हुई तबाही का हवाला देते हुए स्पर बनाने की मांग की। जिस पर डीएम ने कहा कि फौरी तौर पर बाढ़ से बचाव को अस्थाई बाढ़ नियंत्रण कार्य कराए जा रहे हैं। बरसात बाद यहां स्थाई नियंत्रण कार्य कराए जाएंगे। इस दौरान डीएम ने पुरैना ताल्लुके महाराजपुर से बंदरबोझ तक फैली 1171 एकड़ भूमि पर अवैध तरीके से काबिज लोगों से भूमि से हटाने की बात कही। इस दौरान उन्होंने शारदा पार इलाके में कृषि भूमि के पट्टाधारकों के नागरिकता प्रमाण पत्रों की जांच करने के भी निर्देश दिए। इसके बाद डीएम सेल्हा गांव पहुंची। यहां कुछ घरों में जलभराव हो गया था। इसको लेकर राजस्व प्रशासन द्वारा पुरैना बाढ़ शरणालय में पीड़ितों के लिए भोजन की व्यवस्था की गई थी। यहां पहुंचकर डीएम ने व्यवस्थाओं का जायजा लिया और अधिकारियों से जलभराव आदि की स्थिति के बारे में जानकारी ली।
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हजारा। उधर ट्रांस शारदा क्षेत्र के ग्राम सिद्धनगर, राणाप्रताप नगर और नहरोसा क्षेत्र में नदी द्वारा किया जा रहा कटान जारी है। यहां कटान से बचाव न शुरू होने से लोगों में रोष है। इस इलाके में अभी तक कोई वरिष्ठ अधिकारी भी जायजा लेने नहीं पहुंच सका है।
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