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दुधवा की शान बढ़ाएगा पीलीभीत का चंदू
Updated Wed, 07 Mar 2018 06:56 PM IST
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दुधवा की शान बढ़ाएगा पीलीभीत का चंदू
जिले से विदा हुआ एक और बाघ
अमर उजाला ब्यूरो
माधोटांडा/ पीलीभीत। सोमवार को माधोटांडा क्षेत्र के चांदूपुर गांव के निकट से पकड़े गए बाघ को दुधवा नेशनल पार्क छोड़ने का निर्णय लिया गया। दोपहर बाद वनसंरक्षक पीपी सिंह के नेतृत्व में टीम उसे लेकर दुधवा रवाना हुई। देरशाम तक अथवा बृहस्पतिवार को सुबह चंदू को कॉलर आईडी लगाकर जंगल में छोड़ा जाएगा। इस बीच मुस्तफाबाद में मंगलवार शाम चंदू ने चिकन का स्वाद लिया।
माला रेंज से बाहर घूम रहे बाघों के एक साथी को सोमवार को माधोटांडा क्षेत्र के चांदूपुर गांव से ट्रैंक्यूलाइज करने के बाद वन विभाग की टीम ने पकड़ा था। वन विभाग ने यह कार्रवाई बाघ के हमले में गांव के मजरा वीरखेड़ा निवासी छेदालाल की 25 वर्षीय विवाहिता पुत्री गिरजादेवी मौत के बाद की थी। दो दिन से बाघ को मुस्तफाबाद रेंज में रखा गया था। कमिश्नर पीवी जगनमोहन, वनसंरक्षक पीपी सिंह, डीएफओ आदर्श कुमार सहित तमाम अधिकारियों की मौजूदगी में आईवीआरआई की टीम ने इसका स्वास्थ्य परीक्षण किया। साथ मंगलवार दोपहर बाद बाघ को कॉलर आईडी लगाने को दिल्ली से डॉ. जी आरेंद्रन भी मुस्तफाबाद पहुंच थे। देररात तक मंत्रणा के बाद पकड़े गए बाघ चंदू को दुधवा नेशनल पार्क में छोड़ने का निर्णय लिया गया। बुधवार को सुबह पुन: परीक्षण के बाद वनसंरक्षक पीपी सिंह के नेतृत्व में टीम चंदू को लेकर दुधवा रवाना हुई। माना जा रहा है कि बृहस्पतिवार को कॉलर आईडी लगाने के बाद उसे दुधवा नेशनल पार्क में छोड़ा जाएगा।
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मंगलवार रात चंदू ने लिया चिकन का स्वाद
सोमवार को सुबह पकड़े गए चंदू को पूरी तरह होश में आने के बाद खाने के लिए मुर्गे का मांस डाला गया लेकिन उसने नहीं खाया। मंगलवार शाम उसे थोड़ा सा मांस खाया जबकि सोमवार से वह लगातार पानी पी रहा है।
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सिरिंज की धार से डाली आंख में दवा
बाघ की आंखों मेें कीचड़ होने पर कमिश्नर ने पशु चिकित्सकों को इसकी जांच के निर्देश दिए थे। इस पर आईवीआरआई की टीम ने पिंजरे के बाहर से ही उसका परीक्षण किया और आंख में दवा डालने का निर्णय लिया। टीम ने इंजेक्शन लगाने वाली कई सिरिंज में दवा भरी इसके बाद दूर से पिचकारी की तरह उसकी आंख में दवा डाली गई।
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डब्ल्यूडब्ल्यूएफ ने दी 10 हजार की सहायता
बाघ के हमले में मारी गई गिरजा देवी के परिवार को डब्ल्यूडब्ल्यूएफ की ओर से उसे त्वरित सहायता के रूप में 10 हजार रुपये की सहायता दी गई। मंगलवार शाम को वनसंरक्षक पीपी सिंह की मौजूदगी में डब्ल्यूडब्ल्यूएफ के परियोजना अधिकारी नरेश कुमार ने गिरजादेवी के पति हेमराज को 10 हजार रुपये का चेक प्रदान किया।
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जिले से विदा हुआ एक और बाघ
अमर उजाला ब्यूरो
माधोटांडा/ पीलीभीत। सोमवार को माधोटांडा क्षेत्र के चांदूपुर गांव के निकट से पकड़े गए बाघ को दुधवा नेशनल पार्क छोड़ने का निर्णय लिया गया। दोपहर बाद वनसंरक्षक पीपी सिंह के नेतृत्व में टीम उसे लेकर दुधवा रवाना हुई। देरशाम तक अथवा बृहस्पतिवार को सुबह चंदू को कॉलर आईडी लगाकर जंगल में छोड़ा जाएगा। इस बीच मुस्तफाबाद में मंगलवार शाम चंदू ने चिकन का स्वाद लिया।
माला रेंज से बाहर घूम रहे बाघों के एक साथी को सोमवार को माधोटांडा क्षेत्र के चांदूपुर गांव से ट्रैंक्यूलाइज करने के बाद वन विभाग की टीम ने पकड़ा था। वन विभाग ने यह कार्रवाई बाघ के हमले में गांव के मजरा वीरखेड़ा निवासी छेदालाल की 25 वर्षीय विवाहिता पुत्री गिरजादेवी मौत के बाद की थी। दो दिन से बाघ को मुस्तफाबाद रेंज में रखा गया था। कमिश्नर पीवी जगनमोहन, वनसंरक्षक पीपी सिंह, डीएफओ आदर्श कुमार सहित तमाम अधिकारियों की मौजूदगी में आईवीआरआई की टीम ने इसका स्वास्थ्य परीक्षण किया। साथ मंगलवार दोपहर बाद बाघ को कॉलर आईडी लगाने को दिल्ली से डॉ. जी आरेंद्रन भी मुस्तफाबाद पहुंच थे। देररात तक मंत्रणा के बाद पकड़े गए बाघ चंदू को दुधवा नेशनल पार्क में छोड़ने का निर्णय लिया गया। बुधवार को सुबह पुन: परीक्षण के बाद वनसंरक्षक पीपी सिंह के नेतृत्व में टीम चंदू को लेकर दुधवा रवाना हुई। माना जा रहा है कि बृहस्पतिवार को कॉलर आईडी लगाने के बाद उसे दुधवा नेशनल पार्क में छोड़ा जाएगा।
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मंगलवार रात चंदू ने लिया चिकन का स्वाद
सोमवार को सुबह पकड़े गए चंदू को पूरी तरह होश में आने के बाद खाने के लिए मुर्गे का मांस डाला गया लेकिन उसने नहीं खाया। मंगलवार शाम उसे थोड़ा सा मांस खाया जबकि सोमवार से वह लगातार पानी पी रहा है।
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सिरिंज की धार से डाली आंख में दवा
बाघ की आंखों मेें कीचड़ होने पर कमिश्नर ने पशु चिकित्सकों को इसकी जांच के निर्देश दिए थे। इस पर आईवीआरआई की टीम ने पिंजरे के बाहर से ही उसका परीक्षण किया और आंख में दवा डालने का निर्णय लिया। टीम ने इंजेक्शन लगाने वाली कई सिरिंज में दवा भरी इसके बाद दूर से पिचकारी की तरह उसकी आंख में दवा डाली गई।
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डब्ल्यूडब्ल्यूएफ ने दी 10 हजार की सहायता
बाघ के हमले में मारी गई गिरजा देवी के परिवार को डब्ल्यूडब्ल्यूएफ की ओर से उसे त्वरित सहायता के रूप में 10 हजार रुपये की सहायता दी गई। मंगलवार शाम को वनसंरक्षक पीपी सिंह की मौजूदगी में डब्ल्यूडब्ल्यूएफ के परियोजना अधिकारी नरेश कुमार ने गिरजादेवी के पति हेमराज को 10 हजार रुपये का चेक प्रदान किया।