{"_id":"665a4219f9c1a23e0902fea7","slug":"44-villages-adjacent-to-the-forest-will-be-illuminated-with-focus-lights-pilibhit-news-c-121-1-pbt1001-117204-2024-06-01","type":"story","status":"publish","title_hn":"Pilibhit News: जंगल से सटे 44 गांव फोकस लाइट से होंगे जगमग","category":{"title":"City & states","title_hn":"शहर और राज्य","slug":"city-and-states"}}
Pilibhit News: जंगल से सटे 44 गांव फोकस लाइट से होंगे जगमग
विज्ञापन
वनकटी रोड स्थित टाईगर रिजर्व का गेट । फाइल फोटो
पीलीभीत। टाइगर रिजर्व से सटे गांवों और जंगल से लगी सड़कों को जगमग करने की कवायद शुरू की गई है। सर्वे के बाद संवेदनशील 44 गांवों में वन प्रशासन ने फोकस लाइटें लगाने के लिए निजी कंपनी के साथ समझौता किया है। यह काम जल्द शुरू कर दिया जाएगा।
पीलीभीत टाइगर रिजर्व से सटे गांवों में आए दिन कहीं न कहीं वन्यजीवों के देखे जाने के मामले सामने आते रहते हैं तो वहीं मानव-वन्यजीव संघर्ष की घटनाएं भी होती रहती हैं। रात के समय अंधेरा होने पर वन्यजीव हादसे का शिकार भी हो जाते हैं। इन समस्याओं को देखते हुए पूर्व में निजी कंपनी की ओर से टाइगर रिजर्व के कर्मियों के साथ सभी 720 ग्राम पंचायत में सर्वे करवाया गया था।
सर्वे के बाद जंगल से सटे संवेदनशील 44 गांव को चिह्नित किया गया था। गांव से जंगल के पास रास्ता गुजरता है, जहां पर रात के समय प्रकाश की कोई व्यवस्था नहीं है। इन रास्तों पर अब कंपनी की ओर से फोकस लाइटों को लगाया जाएगा। इसकी पूरी रूपरेखा तैयार कर ली गई है। इन 44 गांव में 750 लाइटों को लगाने का काम जल्द ही शुरू कर दिया जाएगा।
विज्ञापन
..........
फोकस लाइट लगने से यह होगा फायदा
जंगल से सटे गांवों और सड़कों पर फोकस लाइट लग जाने से रात के समय वन्य जीवों का खतरा ग्रामीणों को नहीं होगा। मानव-वन्यजीव संघर्ष की घटनाओं पर भी अंकुश लग सकेगा। वन कर्मचारियों को जंगल किनारे रात में गश्त करने भी में काफी सहूलियत मिलेगी।
....
कंपनी की ओर से सामाजिक कार्यों के लिए काम किया जाता है। इसी के तहत जंगल से सटे संवेदनशील 44 गांव में 750 फोकस लाइटों को लगाया जाएगा। इसकी प्रक्रिया चल रही है।
- मनीष सिंह, प्रभागीय वनाधिकारी, पीलीभीत टाइगर रिजर्व
विज्ञापन
पीलीभीत टाइगर रिजर्व से सटे गांवों में आए दिन कहीं न कहीं वन्यजीवों के देखे जाने के मामले सामने आते रहते हैं तो वहीं मानव-वन्यजीव संघर्ष की घटनाएं भी होती रहती हैं। रात के समय अंधेरा होने पर वन्यजीव हादसे का शिकार भी हो जाते हैं। इन समस्याओं को देखते हुए पूर्व में निजी कंपनी की ओर से टाइगर रिजर्व के कर्मियों के साथ सभी 720 ग्राम पंचायत में सर्वे करवाया गया था।
विज्ञापन
सर्वे के बाद जंगल से सटे संवेदनशील 44 गांव को चिह्नित किया गया था। गांव से जंगल के पास रास्ता गुजरता है, जहां पर रात के समय प्रकाश की कोई व्यवस्था नहीं है। इन रास्तों पर अब कंपनी की ओर से फोकस लाइटों को लगाया जाएगा। इसकी पूरी रूपरेखा तैयार कर ली गई है। इन 44 गांव में 750 लाइटों को लगाने का काम जल्द ही शुरू कर दिया जाएगा।
विज्ञापन
..........
फोकस लाइट लगने से यह होगा फायदा
जंगल से सटे गांवों और सड़कों पर फोकस लाइट लग जाने से रात के समय वन्य जीवों का खतरा ग्रामीणों को नहीं होगा। मानव-वन्यजीव संघर्ष की घटनाओं पर भी अंकुश लग सकेगा। वन कर्मचारियों को जंगल किनारे रात में गश्त करने भी में काफी सहूलियत मिलेगी।
....
कंपनी की ओर से सामाजिक कार्यों के लिए काम किया जाता है। इसी के तहत जंगल से सटे संवेदनशील 44 गांव में 750 फोकस लाइटों को लगाया जाएगा। इसकी प्रक्रिया चल रही है।
- मनीष सिंह, प्रभागीय वनाधिकारी, पीलीभीत टाइगर रिजर्व