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अब जिले में चलेगा इज्जतघर खोजो अभियान
न्यूज डेस्क,अमर उजाला,पीलीभीत
Updated Wed, 04 Jul 2018 12:25 AM IST
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जिले को ओडीएफ करने को अब बेसलाइन सर्वे में दर्ज होने से वंचित गरीब परिवारों का भी शौचालय बनवाया जाएगा। इसके लिए अब इज्जतघर खोज अभियान शुरू किया जा रहा है। इसके लिए केवल पांच ब्लाकों को शामिल किया गया है। दोपहर बाद इन ब्लाकों में बैठक कर अभियान की रणनीति तैयार की गई।
भारत स्वच्छ मिशन (ग्रामीण) के तहत जिले को दो अक्तूबर तक ओडीएफ घोषित किया जाना है। इसके लिए पूर्व में हुई बेसलाइन सर्वे में दर्ज परिवारों को सरकार की ओर से धनराशि उपलब्ध कराकर शौचालय बनवाए जा रहे हैं जबकि जिले में बड़ी संख्या में ऐसे गरीब छूट रहे हैं जिनका बेसलाइन सर्वे में नाम नहीं है और आर्थिक स्थिति ठीक न होने के कारण वह भी शौचालय बनाने में समक्ष नहीं है। इस पर अमर उजाला ने 24 जून के अंक में बिना रुपयों के कैसे बनवा पाएंगे शौचालय शीर्षक से खबर प्रकाशित की थी। इसके बाद हरकत में आए प्रशासन ने अब ऐसे वंचित परिवारों को शौचालय की धनराशि उपलब्ध कराने का रास्ता खोजा है। पूर्व में हुए बेसलाइन सर्वे में दर्ज परिवारों में जिले के पांच ब्लाकों क्रमश: मरौरी, अमरिया, बीसलपुर, बिलसंडा व पूरनपुर में करीब 44 हजार परिवार ऐसे हैं जिन्होंने या तो स्वयं शौचालय बनवा लिए हैं अथवा वह अब गांव में मौजूद नहीं हैं। ऐसे 44 हजार परिवारों में शौचालय बनाने को जारी हुई धनराशि से अब वंचित परिवारों में शौचालय बनवाए जाएंगे। इसके लिए इज्जतघर खोज अभियान शुरू किया गया है। इस आठ जून तक चलने वाले इस अभियान के लिए सीडीओ ने ग्राम पंचायत व ब्लाक स्तरीय अधिकारियों के साथ ही जिला स्तर के अधिकारियों को एक-एक ब्लाक का नोडल नियुक्त किया है। मंगलवार को इसको लेकर हर ब्लाक मुख्यालय पर बैठक कर रणनीति तैयार की गई। पांच जून को पांचों ब्लाकों के हर गांव मेें अभियान चलाकर ऐसे पात्रों का चयन किया जाएगा। छह व सात जून को नाम, पता, खाता नंबर, आधार नंबर सहित तमाम जानकारी सहित सूची तैयारी की जाकर कंप्यूटर में फीड की जाएगी। आठ जून को इसे बेवसाइट पर अपलोड किया जाएगा।
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भारत स्वच्छ मिशन (ग्रामीण) के तहत जिले को दो अक्तूबर तक ओडीएफ घोषित किया जाना है। इसके लिए पूर्व में हुई बेसलाइन सर्वे में दर्ज परिवारों को सरकार की ओर से धनराशि उपलब्ध कराकर शौचालय बनवाए जा रहे हैं जबकि जिले में बड़ी संख्या में ऐसे गरीब छूट रहे हैं जिनका बेसलाइन सर्वे में नाम नहीं है और आर्थिक स्थिति ठीक न होने के कारण वह भी शौचालय बनाने में समक्ष नहीं है। इस पर अमर उजाला ने 24 जून के अंक में बिना रुपयों के कैसे बनवा पाएंगे शौचालय शीर्षक से खबर प्रकाशित की थी। इसके बाद हरकत में आए प्रशासन ने अब ऐसे वंचित परिवारों को शौचालय की धनराशि उपलब्ध कराने का रास्ता खोजा है। पूर्व में हुए बेसलाइन सर्वे में दर्ज परिवारों में जिले के पांच ब्लाकों क्रमश: मरौरी, अमरिया, बीसलपुर, बिलसंडा व पूरनपुर में करीब 44 हजार परिवार ऐसे हैं जिन्होंने या तो स्वयं शौचालय बनवा लिए हैं अथवा वह अब गांव में मौजूद नहीं हैं। ऐसे 44 हजार परिवारों में शौचालय बनाने को जारी हुई धनराशि से अब वंचित परिवारों में शौचालय बनवाए जाएंगे। इसके लिए इज्जतघर खोज अभियान शुरू किया गया है। इस आठ जून तक चलने वाले इस अभियान के लिए सीडीओ ने ग्राम पंचायत व ब्लाक स्तरीय अधिकारियों के साथ ही जिला स्तर के अधिकारियों को एक-एक ब्लाक का नोडल नियुक्त किया है। मंगलवार को इसको लेकर हर ब्लाक मुख्यालय पर बैठक कर रणनीति तैयार की गई। पांच जून को पांचों ब्लाकों के हर गांव मेें अभियान चलाकर ऐसे पात्रों का चयन किया जाएगा। छह व सात जून को नाम, पता, खाता नंबर, आधार नंबर सहित तमाम जानकारी सहित सूची तैयारी की जाकर कंप्यूटर में फीड की जाएगी। आठ जून को इसे बेवसाइट पर अपलोड किया जाएगा।
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