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चौथे दिन पहुंचा शहीद गुरविंदर सिंह का शव
Updated Fri, 01 Jun 2018 09:48 PM IST
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चौथे दिन पहुंचा शहीद गुरविंदर सिंह का शव
विधायक, एसडीएम, सीओ ने दी श्रद्धांजलि
क्रासर...
लाइन लगवाकर कराए गए शहीद के अंतिम दर्शन
अमर उजाला ब्यूरो
घुंघचाई/पूरनपुर। चीन बार्डर पर शहीद हुए गांव अभयपुर माधौपुर निवासी गुरविंदर सिंह का शव चौथे दिन शुक्रवार सुबह सवा नौ बजे घर पहुंचते ही लोगों की आवाजाही शुरू हो गई। शव के अंतिम दर्शन करने के लिए काफी संख्या में लोग पहुंचे और श्रद्धा सुमन अर्पित किए। जिला सैनिक अधिकारी देव गिरी, एसडीएम जेपी चौहान, सीओ अनुराग दर्शन, विधायक बाबूराम पासवान ने शहीद को पुष्पचक्र अर्पित किया। बरेली से पहुंचे जवानों ने शहीद को सलामी दी। बाद में एक धार्मिक स्थल में हुए कार्यक्रम में सेना की ओर से आए शोक संदेश को पढ़कर सुनाया गया।
गांव अभयपुर माधौपुर निवासी गुरविंदर सिंह शुरू से ही फौज में भर्ती होना चाहते थे। देशसेवा का जज्बा उनके भीतर बचपन से था। हालांकि इकलौता पुत्र होने की वजह से मां सतनाम कौर को हमेशा चिंता लगी रहती थी। बेटे के जज्बातों को समझते हुए आखिर मां सतनाम कौर ने फौज मेें भेज दिया। सितंबर 2012 को गुरविंदर की तैनाती फौज में हुई। मंगलवार को गुरविंदर के निधन की सूचना परिजनों को मिली तो उन पर दुखों का पहाड़ टूट पड़ा। शुक्रवार को चौथे दिन गुरविंदर सिंह के शव आने की सूचना मिलने पर काफी संख्या में लोग श्रद्धांजलि देने और अंतिम यात्रा में शामिल होने के लिए जमा हो गए थे। सुबह करीब सवा नौ बजे सेना के वाहन से गुरविंदर का शव गांव पहुंचा। शव के साथ गुरविंदर के साथी फौजी सचिन, जितेंद्र पाल, सुखजिंदर सिंह, जसपाल सिंह, अमृतपाल सिंह थे। शव को गुरविंदर के घर ले जाया गया। भारी भीड़ के चलते लोगों को लाइन लगाकर दर्शन कराए गए। बाद में शव को घर के बाहरी हिस्से में तिरंगे में लपेटकर लोगों के दर्शनार्थ रखा गया। इसके बाद सेना के जवानों ने सलामी दी। शव को मुखाग्नि पिता मेवा सिंह ने दी। बाद में एक धार्मिक स्थल पर शोक सभा में सेना की ओर से भेजे गए शोक संवेदना पत्र को पढ़कर सुनाया गया। शव के साथ आए गुरविंदर के साथियों ने बताया कि ड्यूटी के दौरान बिजली हाईटेंशन लाइन के करंट से गुरविंदर सिंह की मौत हुई उनको शहीद का दर्जा दिया गया है। जिला सैनिक अधिकारी कर्नल देव गिरी ने गुरविंदर के परिवार वालों को मिलने वाली सुविधाएं शीघ्र दिलवाने का आश्वासन दिया।
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चौथे दिन पहुंचा शहीद गुरविंदर सिंह का शव
विधायक, एसडीएम, सीओ ने दी श्रद्धांजलि
क्रासर...
लाइन लगवाकर कराए गए शहीद के अंतिम दर्शन
अमर उजाला ब्यूरो
घुंघचाई/पूरनपुर। चीन बार्डर पर शहीद हुए गांव अभयपुर माधौपुर निवासी गुरविंदर सिंह का शव चौथे दिन शुक्रवार सुबह सवा नौ बजे घर पहुंचते ही लोगों की आवाजाही शुरू हो गई। शव के अंतिम दर्शन करने के लिए काफी संख्या में लोग पहुंचे और श्रद्धा सुमन अर्पित किए। जिला सैनिक अधिकारी देव गिरी, एसडीएम जेपी चौहान, सीओ अनुराग दर्शन, विधायक बाबूराम पासवान ने शहीद को पुष्पचक्र अर्पित किया। बरेली से पहुंचे जवानों ने शहीद को सलामी दी। बाद में एक धार्मिक स्थल में हुए कार्यक्रम में सेना की ओर से आए शोक संदेश को पढ़कर सुनाया गया।
गांव अभयपुर माधौपुर निवासी गुरविंदर सिंह शुरू से ही फौज में भर्ती होना चाहते थे। देशसेवा का जज्बा उनके भीतर बचपन से था। हालांकि इकलौता पुत्र होने की वजह से मां सतनाम कौर को हमेशा चिंता लगी रहती थी। बेटे के जज्बातों को समझते हुए आखिर मां सतनाम कौर ने फौज मेें भेज दिया। सितंबर 2012 को गुरविंदर की तैनाती फौज में हुई। मंगलवार को गुरविंदर के निधन की सूचना परिजनों को मिली तो उन पर दुखों का पहाड़ टूट पड़ा। शुक्रवार को चौथे दिन गुरविंदर सिंह के शव आने की सूचना मिलने पर काफी संख्या में लोग श्रद्धांजलि देने और अंतिम यात्रा में शामिल होने के लिए जमा हो गए थे। सुबह करीब सवा नौ बजे सेना के वाहन से गुरविंदर का शव गांव पहुंचा। शव के साथ गुरविंदर के साथी फौजी सचिन, जितेंद्र पाल, सुखजिंदर सिंह, जसपाल सिंह, अमृतपाल सिंह थे। शव को गुरविंदर के घर ले जाया गया। भारी भीड़ के चलते लोगों को लाइन लगाकर दर्शन कराए गए। बाद में शव को घर के बाहरी हिस्से में तिरंगे में लपेटकर लोगों के दर्शनार्थ रखा गया। इसके बाद सेना के जवानों ने सलामी दी। शव को मुखाग्नि पिता मेवा सिंह ने दी। बाद में एक धार्मिक स्थल पर शोक सभा में सेना की ओर से भेजे गए शोक संवेदना पत्र को पढ़कर सुनाया गया। शव के साथ आए गुरविंदर के साथियों ने बताया कि ड्यूटी के दौरान बिजली हाईटेंशन लाइन के करंट से गुरविंदर सिंह की मौत हुई उनको शहीद का दर्जा दिया गया है। जिला सैनिक अधिकारी कर्नल देव गिरी ने गुरविंदर के परिवार वालों को मिलने वाली सुविधाएं शीघ्र दिलवाने का आश्वासन दिया।
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