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Pilibhit News: गांवों के पास बढ़ी तेंदुओं की दस्तक, वन विभाग सतर्क
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पीलीभीत। खेतों में पानी भरने के कारण इन दिनों गांवों के आसपास तेंदुओं की दस्तक बढ़ गई है। इसे देखते हुए पीलीभीत टाइगर रिजर्व के अधिकारियों ने मानव-वन्यजीव संघर्ष की घटनाओं को रोकने के लिए बाघ मित्रों को और अधिक सक्रिय करने पर जोर दिया है। डब्ल्यूडब्ल्यूएफ की ओर से डीएफओ मनीष सिंह की अध्यक्षता में आयोजित समीक्षा बैठक में वन्यजीवों की गतिविधियों समेत संघर्ष की आशंका वाले विभिन्न बिंदुओं पर विस्तार से चर्चा की गई।
बैठक में पीटीआर के आसपास के क्षेत्रों के साथ ही उत्तर खीरी वन प्रभाग और तराई पूर्वी वन प्रभाग, उत्तराखंड में सामने आ रही मानव-वन्यजीव संघर्ष की घटनाओं की समीक्षा की गई। सामाजिक वानिकी क्षेत्रों में विचरण कर रहे तेंदुओं, क्षतिग्रस्त तारबाड़, टाइगर रिजर्व के आसपास संचालित बूचड़खानों, मृत पशुओं के निस्तारण स्थलों और मुर्गी फार्मों की स्थिति पर भी चर्चा हुई। वन्यजीवों के रेस्क्यू के लिए टीम के पहुंचने के समय को और कम करने, वन मार्गों पर बंदरों को खाद्य सामग्री खिलाने से लोगों को रोकने और गांवों में लगाई गई स्ट्रीट लाइटों की स्थिति व उपयोगिता की भी समीक्षा की गई।
बैठक में कहा गया कि ग्रामीणों को सतर्क करने में बाघ मित्रों की भूमिका अहम होगी। बैठक में बाघ मित्रों की छोटी-छोटी टीमें गठित कर क्षेत्रवार बैठकें और जागरूकता कार्यक्रम चलाने का निर्णय लिया गया। बैठक में डब्ल्यूडब्ल्यूएफ के परियोजना अधिकारी नरेश कुमार मौजूद रहे। संवाद
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बैठक में पीटीआर के आसपास के क्षेत्रों के साथ ही उत्तर खीरी वन प्रभाग और तराई पूर्वी वन प्रभाग, उत्तराखंड में सामने आ रही मानव-वन्यजीव संघर्ष की घटनाओं की समीक्षा की गई। सामाजिक वानिकी क्षेत्रों में विचरण कर रहे तेंदुओं, क्षतिग्रस्त तारबाड़, टाइगर रिजर्व के आसपास संचालित बूचड़खानों, मृत पशुओं के निस्तारण स्थलों और मुर्गी फार्मों की स्थिति पर भी चर्चा हुई। वन्यजीवों के रेस्क्यू के लिए टीम के पहुंचने के समय को और कम करने, वन मार्गों पर बंदरों को खाद्य सामग्री खिलाने से लोगों को रोकने और गांवों में लगाई गई स्ट्रीट लाइटों की स्थिति व उपयोगिता की भी समीक्षा की गई।
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बैठक में कहा गया कि ग्रामीणों को सतर्क करने में बाघ मित्रों की भूमिका अहम होगी। बैठक में बाघ मित्रों की छोटी-छोटी टीमें गठित कर क्षेत्रवार बैठकें और जागरूकता कार्यक्रम चलाने का निर्णय लिया गया। बैठक में डब्ल्यूडब्ल्यूएफ के परियोजना अधिकारी नरेश कुमार मौजूद रहे। संवाद
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