{"_id":"5ad362d94f1c1b63098b49be","slug":"31523802841-pilibhit-news","type":"story","status":"publish","title_hn":"अब थर्मल कैमरे से होगी जंगल की निगरानी","category":{"title":"City & states","title_hn":"शहर और राज्य","slug":"city-and-states"}}
अब थर्मल कैमरे से होगी जंगल की निगरानी
Updated Sun, 15 Apr 2018 08:04 PM IST
विज्ञापन
खबरें लगातार पढ़ने के लिए अमर उजाला एप डाउनलोड करें
या
वेबसाइट पर पढ़ना जारी रखने के लिए वीडियो विज्ञापन देखें
अगर आपके पास प्रीमियम मेंबरशिप है तो
अब थर्मल कैमरे से होगी जंगल की निगरानी
पांच किमी होगी रेंज, 40 से 50 फिट रहेगी ऊंचाई
खून की गर्मी के आधार पर बनाएंगे आकृति
15 पीबीटीपी 26
मुनिराज सिंह
पीलीभीत। टाइगर रिजर्व के जंगल की सुरक्षा के लिए अब थर्मल कैमरे (ई-टॉवर) लगाए जाएंगे। 40-50 मीटर ऊंचाई पर लगने वाले यह कैमरे पांच किमी दूर तक नजर रखेंगे। कैमरे अपनी रेंज में आने वाले वन्यजीव, मनुष्य आदि के खून की गर्मी से संबंधित की आकृति बनाएगा जो कंट्रोलरूम में रखे कंप्यूटर की स्क्रीन पर प्रदर्शित होगा।
टाइगर रिजर्व की सुरक्षा को और सुदृढ़ करने की दिशा में अनूठा प्रयोग शुरू होने जा रहा है। पिछले दिनों जंगल में होने वाले विभिन्न कार्यों के लिए एक करोड़ का प्रस्ताव बनाकर शासन को भेजा गया था जिसमें अन्य कार्यों के अलावा सबसे प्रमुख है ई-टॉवर अर्थात थर्मल कैमरा जिसे सर्विलांस कैमरा भी कहा जाता है। फिलहाल टाइगर रिजर्व में दो कैमरे लगाने को मंजूरी मिली है इनकी कीमत लगभग सात लाख रुपये है। वर्तमान में उत्तराखंड के जिम कार्बेट पार्क में इनका प्रयोग किया जा रहा है। टाइगर रिजर्व में कैमरों के लग जाने से जंगल क्षेत्र में पांच किमी क्षेत्र की गतिविधियों को टाइगर रिजर्व के पीलीभीत स्थित मुख्यालय में बने कंट्रोल रूम से मॉनीटर किया जा सकेगा। शासन से दो कैमरे लगाने की मंजूरी मिल गई है लेकिन अभी धनराशि जारी नहीं हुई है। जल्द ही इस पर काम शुरू होगा।
000000
ऐसे काम करेंगे कैमरे
जंगल में लगने वाले यह कैमरे पांच किमी रेंज में आने वाले किसी वन्यजीव, पक्षी अथवा मनुष्य आदि के खून की गर्मी से स्वत: चालू होंगे। इसीलिए नाम थर्मल कैमरा रखा गया है। 40 से 50 मीटर की ऊंचाई पर लगे यह कैमरे वाईफाई के माध्यम से सीधे कंट्रोल रूम से जुडे़ंगे। कैमरे की रेंज में आने वाली किसी भी प्राणी अथवा जीवजंतु की फोटो न खींचकर उसकी आकृति कंप्यूटर पर भेजेगा। इस आकृति से जंगल में वन्यजीव अथवा मनुष्य की मौजूदगी की जानकारी कंट्रोल रूम में बैठे अधिकारी को हो सकेगी जिससे समय रहते कार्रवाई करने में आसानी होगी।
विज्ञापन
00000
कहां लगेंगे कैमरे
टाइगर रिजर्व प्रशासन ने जंगल की सुरक्षा की दृष्टि से 10 कैमरों का प्रस्ताव तैयार कर शासन को भेजा था जिसमें फिलहाल दो की मंजूरी मिली है। ऐसे में इन कैमरों को जलाशयों के आसपास लगाने की योजना बनाई जा रही है ताकि पानी पीने आने वाले वन्यजीव एवं इससे संबधित अन्य गतिविधियों की निगरानी की जा सके।
00000
टाइगर रिजर्व में दो थर्मल कैमरे लगाने को मंजूरी मिली है। जल्द ही इन्हें लगाने की प्रक्रिया प्रारंभ की जाएगी। दोनों कैमरों के सफल प्रयोग के बाद इनकी संख्या में बढ़ोत्तरी कराई जाएगी।
कैलाश प्रकाश, डीएफओ, टाइगर रिजर्व
विज्ञापन
पांच किमी होगी रेंज, 40 से 50 फिट रहेगी ऊंचाई
खून की गर्मी के आधार पर बनाएंगे आकृति
15 पीबीटीपी 26
मुनिराज सिंह
पीलीभीत। टाइगर रिजर्व के जंगल की सुरक्षा के लिए अब थर्मल कैमरे (ई-टॉवर) लगाए जाएंगे। 40-50 मीटर ऊंचाई पर लगने वाले यह कैमरे पांच किमी दूर तक नजर रखेंगे। कैमरे अपनी रेंज में आने वाले वन्यजीव, मनुष्य आदि के खून की गर्मी से संबंधित की आकृति बनाएगा जो कंट्रोलरूम में रखे कंप्यूटर की स्क्रीन पर प्रदर्शित होगा।
टाइगर रिजर्व की सुरक्षा को और सुदृढ़ करने की दिशा में अनूठा प्रयोग शुरू होने जा रहा है। पिछले दिनों जंगल में होने वाले विभिन्न कार्यों के लिए एक करोड़ का प्रस्ताव बनाकर शासन को भेजा गया था जिसमें अन्य कार्यों के अलावा सबसे प्रमुख है ई-टॉवर अर्थात थर्मल कैमरा जिसे सर्विलांस कैमरा भी कहा जाता है। फिलहाल टाइगर रिजर्व में दो कैमरे लगाने को मंजूरी मिली है इनकी कीमत लगभग सात लाख रुपये है। वर्तमान में उत्तराखंड के जिम कार्बेट पार्क में इनका प्रयोग किया जा रहा है। टाइगर रिजर्व में कैमरों के लग जाने से जंगल क्षेत्र में पांच किमी क्षेत्र की गतिविधियों को टाइगर रिजर्व के पीलीभीत स्थित मुख्यालय में बने कंट्रोल रूम से मॉनीटर किया जा सकेगा। शासन से दो कैमरे लगाने की मंजूरी मिल गई है लेकिन अभी धनराशि जारी नहीं हुई है। जल्द ही इस पर काम शुरू होगा।
विज्ञापन
000000
ऐसे काम करेंगे कैमरे
जंगल में लगने वाले यह कैमरे पांच किमी रेंज में आने वाले किसी वन्यजीव, पक्षी अथवा मनुष्य आदि के खून की गर्मी से स्वत: चालू होंगे। इसीलिए नाम थर्मल कैमरा रखा गया है। 40 से 50 मीटर की ऊंचाई पर लगे यह कैमरे वाईफाई के माध्यम से सीधे कंट्रोल रूम से जुडे़ंगे। कैमरे की रेंज में आने वाली किसी भी प्राणी अथवा जीवजंतु की फोटो न खींचकर उसकी आकृति कंप्यूटर पर भेजेगा। इस आकृति से जंगल में वन्यजीव अथवा मनुष्य की मौजूदगी की जानकारी कंट्रोल रूम में बैठे अधिकारी को हो सकेगी जिससे समय रहते कार्रवाई करने में आसानी होगी।
विज्ञापन
00000
कहां लगेंगे कैमरे
टाइगर रिजर्व प्रशासन ने जंगल की सुरक्षा की दृष्टि से 10 कैमरों का प्रस्ताव तैयार कर शासन को भेजा था जिसमें फिलहाल दो की मंजूरी मिली है। ऐसे में इन कैमरों को जलाशयों के आसपास लगाने की योजना बनाई जा रही है ताकि पानी पीने आने वाले वन्यजीव एवं इससे संबधित अन्य गतिविधियों की निगरानी की जा सके।
00000
टाइगर रिजर्व में दो थर्मल कैमरे लगाने को मंजूरी मिली है। जल्द ही इन्हें लगाने की प्रक्रिया प्रारंभ की जाएगी। दोनों कैमरों के सफल प्रयोग के बाद इनकी संख्या में बढ़ोत्तरी कराई जाएगी।
कैलाश प्रकाश, डीएफओ, टाइगर रिजर्व