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31 तक करा सकते हैं प्रधानमंत्री फसल बीमा
Updated Tue, 25 Jul 2017 05:46 PM IST
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पीलीभीत। प्रधानमंत्री फसल बीमा न कराने वाले किसानों लिए बीमा कराने का मौका 31 जुलाई तक है। इच्छुक किसान संबंधित बैंक अथवा निकट के जनसेवा केंद्र से संपर्क कर बीमा करा सकते हैं।
किसी भी आपदा पर फसलों को नुकसान होने पर किसानो को मुआवजा देने के लिए केंद्र सरकार की ओर से प्रधानमंत्री फसल बीमा योजना शुरू की गई है। इसके तहत बैंक से फसल ऋण प्राप्त करने वाले किसानों के साथ ही ऋण प्राप्त न करने वाले किसान भी अपनी फसल का बीमा करा सकते हैं। किसानों को इसकी सुविधा बैंक से बाहर उपलब्ध कराने के लिए प्रशासन ने गांव गांव खुले जनसेवा केंद्रों को बीमा कंपनी की वेबसाइट से जोड़ा है। इच्छुक किसान अपने खतौनी एवं खसरा जिसमें वर्तमान फसल दर्शायी गई है और 1200 रुपये प्रति हेक्टेअर की दर से शुल्क जमा कर बीमा करा सकते हैं। शासन की ओर से इसकी अंतिम तिथि 31 जुलाई निर्धारित की गई है। फसल बीमा की समीक्षा के दौरान डीएम शीतल वर्मा ने बीमा कंपनी एवं कृषि विभाग के अधिकारियों से किसानों से संपर्क कर बीमा के लिए प्रेरित करने के निर्देश दिए हैं। साथ ही किसानों से भी फसल बीमा कराकर अपनी फसल को सुरक्षित करने की अपील की है। उपकृषि निदेशक डीबी सिंह ने बताया कि जलभराव, ओलावृष्टि, भूस्खलन एवं फसल कटाई के खेत मे 14 दिनों तक पड़े रहने के दौरान बारिश आदि से होने वाले नुकसान पर बीमा योजना के तहत मुआवजे का प्राविधान है। इसके लिए किसान को नुकसान के 48 घंटे के अंदर निर्धारित प्रारूप पर आवेदन करना होगा।
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किसी भी आपदा पर फसलों को नुकसान होने पर किसानो को मुआवजा देने के लिए केंद्र सरकार की ओर से प्रधानमंत्री फसल बीमा योजना शुरू की गई है। इसके तहत बैंक से फसल ऋण प्राप्त करने वाले किसानों के साथ ही ऋण प्राप्त न करने वाले किसान भी अपनी फसल का बीमा करा सकते हैं। किसानों को इसकी सुविधा बैंक से बाहर उपलब्ध कराने के लिए प्रशासन ने गांव गांव खुले जनसेवा केंद्रों को बीमा कंपनी की वेबसाइट से जोड़ा है। इच्छुक किसान अपने खतौनी एवं खसरा जिसमें वर्तमान फसल दर्शायी गई है और 1200 रुपये प्रति हेक्टेअर की दर से शुल्क जमा कर बीमा करा सकते हैं। शासन की ओर से इसकी अंतिम तिथि 31 जुलाई निर्धारित की गई है। फसल बीमा की समीक्षा के दौरान डीएम शीतल वर्मा ने बीमा कंपनी एवं कृषि विभाग के अधिकारियों से किसानों से संपर्क कर बीमा के लिए प्रेरित करने के निर्देश दिए हैं। साथ ही किसानों से भी फसल बीमा कराकर अपनी फसल को सुरक्षित करने की अपील की है। उपकृषि निदेशक डीबी सिंह ने बताया कि जलभराव, ओलावृष्टि, भूस्खलन एवं फसल कटाई के खेत मे 14 दिनों तक पड़े रहने के दौरान बारिश आदि से होने वाले नुकसान पर बीमा योजना के तहत मुआवजे का प्राविधान है। इसके लिए किसान को नुकसान के 48 घंटे के अंदर निर्धारित प्रारूप पर आवेदन करना होगा।
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