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बेपरवाह अफसर, प्रचार का जरिया बनकर रह गए विद्युत पोल
Updated Mon, 09 Oct 2017 11:55 PM IST
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पीलीभीत।
नगर निकाय चुनाव की तारीख भले अभी घोषित नहीं की गई हो, लेकिन चुनाव लड़ने की तैयारी कर रहे छुटभैये नेताओं ने अपने चेहरे चमकाने के लिए शहर की सूरत बिगाड़ दी है। इन छुटभैयों ने शहर में विद्युत पोलों पर अपना प्रचार करते शुभकामना संदेश वाले होर्डिंग्स और फ्लैक्स लगा रखे हैं। दशहरा, दिवाली त्योहारों के साथ ही नववर्ष के शुभकामना संदेश देते इन होर्डिंग्स से शहर के विद्युत पोल पटे हुए हैं। शहर के मुख्य रास्तों से लेकर गली-मुहल्लों में शायद ही ऐसा कोई विद्युत पोल होगा, जिस पर प्रचार सामग्री न लगाई गई हो। हाईवे और देहात क्षेत्र में भी इसको लेकर तस्वीर अलग नहीं है। जबकि साफ नियम है कि सरकारी संपत्ति पर इस तरह से कोई पोस्टर, फ्लैक्स, होर्डिंग्स नहीं लगाया जा सकता। खा बात यह कि सबकुछ देखते हुए भी बिजली विभाग, नगर पालिका और प्रशासन के अफसर भी चुप्पी साधे बैठे हैं, जैसे उन्होंने इन होर्डिंग्स और फ्लैक्स को लगाने के लिए मूकसहमति दे दी है।
हादसे से लेकर फाल्ट का बनते हैं कारण
बिजली के पोल पर होर्डिंग्स और फ्लैक्स लगाना नियम विरुद्ध होने के साथ ही ये हादसे का सबब भी बन रहे हैं। इनको लगाते वक्त करंट की चपेट में आने का खतरा रहता है। साथ ही यह फाल्ट का कारण बनते हैं और सप्लाई बाधित होती है।
दो विभागों पर जिम्मेदारी, फिर भी हालात बदतर
शहर से देहात तक फैली इस अव्यवस्था के सुधार एवं कार्रवाई की जिम्मेदारी बिजली विभाग और नगर पालिका पर है, लेकिन कार्रवाई करने के लिए दोनों विभाग चुप्पी साधे रहते हैं। कभी कभार उच्चाधिकारियों की सख्ती पर अतिक्रमण विरोधी अभियान और और आचार संहिता के दौरान इनको हटा दिया जाता है।
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अवैध तरीका, टैक्स की भी चोरी
नेताओं या फिर अन्य प्रतिष्ठानों की ओर से लगाए जाने वाले होर्डिंग्स, फ्लैक्स को लेकर नगर पालिका की ओर से पहले से ही साइटें चिह्नित रहती हैं। इसका एक नियत टैक्स भी वसूला जाता है। इसमें विद्युत पोल शामिल नहीं होते। ऐसे में मनचाहे स्थान पर इनको लगाकर संबंधित व्यापारी अपने और प्रतिष्ठान का प्रचार करने वाली पार्टी से अधिक रकम वसूलते हैं और टैक्स भी नहीं देना पड़ता।
पूर्व एसपी के निर्देश पर भी नहीं हो सकी कार्रवाई
चार माह पूर्व तत्कालीन एसपी देवरंजन वर्मा ने इसको लेकर कार्रवाई का रुख किया था। मुख्य चौराहों का सौंदर्यीकरण करने की योजना बनाते हुए विद्युत पोल के साथ ही चौराहा के 25-25 मीटर तक लगे फ्लैक्स, होर्डिंग्स को हटाने का निर्देश दिया। नगर पालिका के अधिकारियों को प्रशासन और पुलिस की मदद से कार्रवाई करने का कहा, लेकिन यह मुहिम धरातल पर कामयाब नहीं हो सकी।
विद्युत पोल पर फ्लैक्स, होर्डिंग की समस्या को लेकर नगर पालिका और बिजली विभाग दोनों कार्रवाई करते हैं। वर्तमान समय में फिर समस्या बढ़ी है, जल्द अभियान चलाकर इनको हटवाया जाएगा। दुबारा ऐसा हुआ तो होर्डिंग और फ्लैक्स जिसकी तरफ से लगवाए गए होंगे, उन पर कार्रवाई कराई जाएगी।
-रणजीत चौधरी, अधिशासी अभियंता (बिजली विभाग)
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नगर निकाय चुनाव की तारीख भले अभी घोषित नहीं की गई हो, लेकिन चुनाव लड़ने की तैयारी कर रहे छुटभैये नेताओं ने अपने चेहरे चमकाने के लिए शहर की सूरत बिगाड़ दी है। इन छुटभैयों ने शहर में विद्युत पोलों पर अपना प्रचार करते शुभकामना संदेश वाले होर्डिंग्स और फ्लैक्स लगा रखे हैं। दशहरा, दिवाली त्योहारों के साथ ही नववर्ष के शुभकामना संदेश देते इन होर्डिंग्स से शहर के विद्युत पोल पटे हुए हैं। शहर के मुख्य रास्तों से लेकर गली-मुहल्लों में शायद ही ऐसा कोई विद्युत पोल होगा, जिस पर प्रचार सामग्री न लगाई गई हो। हाईवे और देहात क्षेत्र में भी इसको लेकर तस्वीर अलग नहीं है। जबकि साफ नियम है कि सरकारी संपत्ति पर इस तरह से कोई पोस्टर, फ्लैक्स, होर्डिंग्स नहीं लगाया जा सकता। खा बात यह कि सबकुछ देखते हुए भी बिजली विभाग, नगर पालिका और प्रशासन के अफसर भी चुप्पी साधे बैठे हैं, जैसे उन्होंने इन होर्डिंग्स और फ्लैक्स को लगाने के लिए मूकसहमति दे दी है।
हादसे से लेकर फाल्ट का बनते हैं कारण
बिजली के पोल पर होर्डिंग्स और फ्लैक्स लगाना नियम विरुद्ध होने के साथ ही ये हादसे का सबब भी बन रहे हैं। इनको लगाते वक्त करंट की चपेट में आने का खतरा रहता है। साथ ही यह फाल्ट का कारण बनते हैं और सप्लाई बाधित होती है।
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दो विभागों पर जिम्मेदारी, फिर भी हालात बदतर
शहर से देहात तक फैली इस अव्यवस्था के सुधार एवं कार्रवाई की जिम्मेदारी बिजली विभाग और नगर पालिका पर है, लेकिन कार्रवाई करने के लिए दोनों विभाग चुप्पी साधे रहते हैं। कभी कभार उच्चाधिकारियों की सख्ती पर अतिक्रमण विरोधी अभियान और और आचार संहिता के दौरान इनको हटा दिया जाता है।
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अवैध तरीका, टैक्स की भी चोरी
नेताओं या फिर अन्य प्रतिष्ठानों की ओर से लगाए जाने वाले होर्डिंग्स, फ्लैक्स को लेकर नगर पालिका की ओर से पहले से ही साइटें चिह्नित रहती हैं। इसका एक नियत टैक्स भी वसूला जाता है। इसमें विद्युत पोल शामिल नहीं होते। ऐसे में मनचाहे स्थान पर इनको लगाकर संबंधित व्यापारी अपने और प्रतिष्ठान का प्रचार करने वाली पार्टी से अधिक रकम वसूलते हैं और टैक्स भी नहीं देना पड़ता।
पूर्व एसपी के निर्देश पर भी नहीं हो सकी कार्रवाई
चार माह पूर्व तत्कालीन एसपी देवरंजन वर्मा ने इसको लेकर कार्रवाई का रुख किया था। मुख्य चौराहों का सौंदर्यीकरण करने की योजना बनाते हुए विद्युत पोल के साथ ही चौराहा के 25-25 मीटर तक लगे फ्लैक्स, होर्डिंग्स को हटाने का निर्देश दिया। नगर पालिका के अधिकारियों को प्रशासन और पुलिस की मदद से कार्रवाई करने का कहा, लेकिन यह मुहिम धरातल पर कामयाब नहीं हो सकी।
विद्युत पोल पर फ्लैक्स, होर्डिंग की समस्या को लेकर नगर पालिका और बिजली विभाग दोनों कार्रवाई करते हैं। वर्तमान समय में फिर समस्या बढ़ी है, जल्द अभियान चलाकर इनको हटवाया जाएगा। दुबारा ऐसा हुआ तो होर्डिंग और फ्लैक्स जिसकी तरफ से लगवाए गए होंगे, उन पर कार्रवाई कराई जाएगी।
-रणजीत चौधरी, अधिशासी अभियंता (बिजली विभाग)