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पूरनपुर व कलीनगर तहसील में गेहूं की फसलों में सिंचाई का संकट
Updated Sat, 09 Dec 2017 06:30 PM IST
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नहर
- फोटो : अमर उजाला
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हरदोई ब्रांच में पानी कम छोड़ने पर किसानों की बढ़ी मुश्किलें
माधोटांडा। हरदोई ब्रांच में पानी कम छोड़ने के चलते माधोटांडा रजवाहा और उसकी सहायक माइनरों में पानी नहीं पहुंच रहा है। जिसके चलते पूरनपुर और कलीनगर तहसील के किसानों की गेहूं की फसलों की सिंचाई प्रभावित चल रही है। अधिकांश किसानों ने आस छोड़कर पंपिंग सेटों से सिंचाई करना शुरू कर दी है।
सिंचाई विभाग ने रबी फसल के दौरान नहरों में सिल्ट सफाई कराने और टेल तक पानी पहुंचाने को करीब एक माह पूर्व नहरों को बंद कर दिया था। जिसके तहत शारदा मुख्य नहर और हरदोई ब्रांच भी बंद की गई थी। इधर, एक माह के बाद शारदा मुख्य नहर में गत सप्ताह पानी छोड़ दिया गया। हरदोई ब्रांच में बृहस्पतिवार को पानी छोड़ा गया, लेकिन पूरी क्षमता से नहीं छोड़ा गया। पूरनपुर और कलीनगर तहसील की फसलों की सिंचाई माधोटांडा रजवाहा और उसकी डेढ़ दर्जन माइनरों से की जाती है। हरदोई ब्रांच से माधोटांडा रजवाहा को 175 क्यूसेक पानी दिया जाता है, लेकिन इस समय रजवाहा को मात्र 44 क्यूसेक पानी ही मिल पा रहा है। ऐसे में रजवाहा से जुड़ी सभी नहरें सूखी पड़ी हैं। किसान पहले सप्ताह से ही सिंचाई की डिमांड करते आ रहे हैं। किसानों का कहना है कि गेहूं की फसल को पहला पानी समय से न मिलने से फसल प्रभावित हो रही है। यदि समय से पानी नहीं दिया गया तो फसल बर्बाद होने की संभावना है।
सिल्ट सफाई के नाम पर हो रही खानापूर्ति
नहरों को पिछले कई वर्षों से सिल्ट सफाई के नाम पर खानापूर्ति की जा रही है। इसी के चलते गेहूं की फसल को पहला पानी मिलने में दिक्कते हो रही है। इस कारण फसल प्रभावित हो रही है।
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सुखदीप सिंह लाडी, किसान
एक दिन में मिलने लगेगा पानी
नहरों की सिल्ट सफाई का कार्य पूरा हो गया है। हरदोई ब्रांच से अभी पूरा पानी नहीं आ पा रहा है। एक-दो दिन में सभी नहरों में रोटेशन से पानी पहुंचा दिया जाएगा।
रामेश्वरदयाल, इंचार्ज अवर अभियंता, बाइफरकेशन
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माधोटांडा। हरदोई ब्रांच में पानी कम छोड़ने के चलते माधोटांडा रजवाहा और उसकी सहायक माइनरों में पानी नहीं पहुंच रहा है। जिसके चलते पूरनपुर और कलीनगर तहसील के किसानों की गेहूं की फसलों की सिंचाई प्रभावित चल रही है। अधिकांश किसानों ने आस छोड़कर पंपिंग सेटों से सिंचाई करना शुरू कर दी है।
सिंचाई विभाग ने रबी फसल के दौरान नहरों में सिल्ट सफाई कराने और टेल तक पानी पहुंचाने को करीब एक माह पूर्व नहरों को बंद कर दिया था। जिसके तहत शारदा मुख्य नहर और हरदोई ब्रांच भी बंद की गई थी। इधर, एक माह के बाद शारदा मुख्य नहर में गत सप्ताह पानी छोड़ दिया गया। हरदोई ब्रांच में बृहस्पतिवार को पानी छोड़ा गया, लेकिन पूरी क्षमता से नहीं छोड़ा गया। पूरनपुर और कलीनगर तहसील की फसलों की सिंचाई माधोटांडा रजवाहा और उसकी डेढ़ दर्जन माइनरों से की जाती है। हरदोई ब्रांच से माधोटांडा रजवाहा को 175 क्यूसेक पानी दिया जाता है, लेकिन इस समय रजवाहा को मात्र 44 क्यूसेक पानी ही मिल पा रहा है। ऐसे में रजवाहा से जुड़ी सभी नहरें सूखी पड़ी हैं। किसान पहले सप्ताह से ही सिंचाई की डिमांड करते आ रहे हैं। किसानों का कहना है कि गेहूं की फसल को पहला पानी समय से न मिलने से फसल प्रभावित हो रही है। यदि समय से पानी नहीं दिया गया तो फसल बर्बाद होने की संभावना है।
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सिल्ट सफाई के नाम पर हो रही खानापूर्ति
नहरों को पिछले कई वर्षों से सिल्ट सफाई के नाम पर खानापूर्ति की जा रही है। इसी के चलते गेहूं की फसल को पहला पानी मिलने में दिक्कते हो रही है। इस कारण फसल प्रभावित हो रही है।
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सुखदीप सिंह लाडी, किसान
एक दिन में मिलने लगेगा पानी
नहरों की सिल्ट सफाई का कार्य पूरा हो गया है। हरदोई ब्रांच से अभी पूरा पानी नहीं आ पा रहा है। एक-दो दिन में सभी नहरों में रोटेशन से पानी पहुंचा दिया जाएगा।
रामेश्वरदयाल, इंचार्ज अवर अभियंता, बाइफरकेशन