{"_id":"5a86ebf94f1c1b4f588b8f05","slug":"161518791673-pilibhit-news","type":"story","status":"publish","title_hn":"कैसे रोशन होंगे गांव, सोलर लाइट को नहीं मिला बजट","category":{"title":"City & states","title_hn":"शहर और राज्य","slug":"city-and-states"}}
कैसे रोशन होंगे गांव, सोलर लाइट को नहीं मिला बजट
Updated Fri, 16 Feb 2018 08:04 PM IST
विज्ञापन
खबरें लगातार पढ़ने के लिए अमर उजाला एप डाउनलोड करें
या
वेबसाइट पर पढ़ना जारी रखने के लिए वीडियो विज्ञापन देखें
अगर आपके पास प्रीमियम मेंबरशिप है तो
सोलर लाइट के लिए अब तक नहीं मिला बजट
इस वित्तीय वर्ष में नेडा ने भेजा था 1.64 करोड़ का प्रस्ताव
अमर उजाला ब्यूरो
पीलीभीत। प्रदेश में सरकार बदले करीब एक साल होने को हैं इसके बाद भी गांवों की तस्वीर जस की तस है। जिले के 721 गांवों में से कुल 25 गांवों की गलियों से अंधेरा खत्म करने के लिए चालू वित्तीय वर्ष में नेडा विभाग की ओर से 1.64 करोड़ रुपये का प्रस्ताव बनाकर शासन को भेजा था लेकिन बजट नहीं मिल सका। अब इन गांव की गलियां इस वित्तीय वर्ष में रोशन नहीं हो सकेंगी। विभाग आगामी वित्तीय वर्ष में इसी प्रस्ताव को संशोधित कर भेजने की तैयारी में है। वित्तीय वर्ष 2017-18 में समग्र ग्राम विकास योजना के तहत जिले के गांव रायपुर, दियूरी कलां, अमरिया, ज्योरा कल्यानपुर समेत 25 गांवों का चयन किया गया था। इस योजना में चयनित गांवों की गलियों और चौराहों को रोशन करने का जिम्मा वैकल्पिक ऊर्जा विभाग (नेडा) को दिया गया था। विभाग द्वारा इन गांवों में 750 सोलर स्ट्रीट लाइटें लगवानी थीं। जिसके लिए एक करोड़ 64 लाख का प्रस्ताव शासन को भेजा गया लेकिन स्ट्रीट लाइटें लगवाने के लिए धनराशि अब तक नहीं मिल सकी। यह हाल तब है जब वित्तीय वर्ष खत्म होने में कुछ ही दिन शेष हैं। ऐसे में नेडा विभाग के पास बजट नहीं होने के कारण इन गांवों की गलियों और सार्वजनिक स्थानों को रोशन नहीं किया जा सका है। नेडा विभाग के वरिष्ठ लिपिक जनाबे आलम बताते हैं कि विभाग के पास लाइटें लगवाने के लिए बजट उपलब्ध नहीं है। शासन स्तर पर मांग किए जाने के बावजूद कोई सकारात्मक संकेत नहीं मिले हैं। चयनित गांवों में लाइटें लगवाने के लिए शासन को बजट का संशोधित प्रस्ताव भेजा जा रहा है।
विज्ञापन
इस वित्तीय वर्ष में नेडा ने भेजा था 1.64 करोड़ का प्रस्ताव
अमर उजाला ब्यूरो
पीलीभीत। प्रदेश में सरकार बदले करीब एक साल होने को हैं इसके बाद भी गांवों की तस्वीर जस की तस है। जिले के 721 गांवों में से कुल 25 गांवों की गलियों से अंधेरा खत्म करने के लिए चालू वित्तीय वर्ष में नेडा विभाग की ओर से 1.64 करोड़ रुपये का प्रस्ताव बनाकर शासन को भेजा था लेकिन बजट नहीं मिल सका। अब इन गांव की गलियां इस वित्तीय वर्ष में रोशन नहीं हो सकेंगी। विभाग आगामी वित्तीय वर्ष में इसी प्रस्ताव को संशोधित कर भेजने की तैयारी में है। वित्तीय वर्ष 2017-18 में समग्र ग्राम विकास योजना के तहत जिले के गांव रायपुर, दियूरी कलां, अमरिया, ज्योरा कल्यानपुर समेत 25 गांवों का चयन किया गया था। इस योजना में चयनित गांवों की गलियों और चौराहों को रोशन करने का जिम्मा वैकल्पिक ऊर्जा विभाग (नेडा) को दिया गया था। विभाग द्वारा इन गांवों में 750 सोलर स्ट्रीट लाइटें लगवानी थीं। जिसके लिए एक करोड़ 64 लाख का प्रस्ताव शासन को भेजा गया लेकिन स्ट्रीट लाइटें लगवाने के लिए धनराशि अब तक नहीं मिल सकी। यह हाल तब है जब वित्तीय वर्ष खत्म होने में कुछ ही दिन शेष हैं। ऐसे में नेडा विभाग के पास बजट नहीं होने के कारण इन गांवों की गलियों और सार्वजनिक स्थानों को रोशन नहीं किया जा सका है। नेडा विभाग के वरिष्ठ लिपिक जनाबे आलम बताते हैं कि विभाग के पास लाइटें लगवाने के लिए बजट उपलब्ध नहीं है। शासन स्तर पर मांग किए जाने के बावजूद कोई सकारात्मक संकेत नहीं मिले हैं। चयनित गांवों में लाइटें लगवाने के लिए शासन को बजट का संशोधित प्रस्ताव भेजा जा रहा है।