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बासमती चावल की फसल की बुआई करें किसान
Updated Mon, 04 Jun 2018 12:24 AM IST
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बासमती धान की रोपाई कर अपनी आय बढ़ाएं किसान
खेकड़ा (बागपत)।
कृषि वैज्ञानिकों ने कहा विभिन्न किस्मों के बासमती धान की रोपाई कर किसान अपनी आय बढ़ा सकते हैं।
रविवार को नगर के मोहल्ला औरंगाबाद में किसान बिजेंद्र सिंह के आवास पर किसान गोष्ठी हुई। इसमें कृषि वैज्ञानिकों ने कहा बासमती धान हमारे देश की अमूल्य धरोहर है। इसका लंबा और पतला चावल मीनी सुगंध एवं अच्छे स्वाद से सभी का मन मोह लेता है। विशिष्ट गुणवत्ता के कारण बासमती चावल की देश विदेश में मांग बढ़ रही है। गुणवत्ता केे आधार पर तरावडी बासमती, टाईप थ्री, बासमती 370 एवं रनरीर बासमती उम्दा पारंपरिक प्रजातियां हैं। इन प्रजातियों की उपज क्षमता कम है, लेकिन उच्च गुणवत्ता के कारण देश विदेश में मूल्य अधिक मिलता है। इसके अलावा पूसा बासमती वन, पूसा बासमती 1121, हरियाणा बासमती, पंजाब बासमती, उन्नत पूसा बासमती वन, पूसा बासमती 6, बल्लभ बासमती 21, बल्लभ बासमती 22 एवं पूसा बासमती 1509 भी विकसित की हैं। इनकी उपज अपेक्षा कृत अधिक है। उन्होंने धान के खेत की तैयारी के लिए रोपाई से 3, 4 दिन पूर्व हरी खाद को खेत में पलट कर अच्छी तरह बिलो देना चाहिए। साथ ही खेत में पानी भरकर दो तीन बार पडलिग करके पाटा लगाकर खेत को समतल बना लें। इससे हरी खाद पूरी तरह खेत की मिट्टी में समाहित हो जाती है। इसके बाद उपयुक्त मात्रा में यूरिया, डीएपी, पोटाश, जिंक सल्फेट का प्रयोग करें, ताकि अच्छी उपज ली जा सके। इस दौरान विरेंद्र, सुधीर, तेजपाल, नरेंद्र, राजीव, राज कुमार, धीरज, सुदेश, पंकज आदि रहे।
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खेकड़ा (बागपत)।
कृषि वैज्ञानिकों ने कहा विभिन्न किस्मों के बासमती धान की रोपाई कर किसान अपनी आय बढ़ा सकते हैं।
रविवार को नगर के मोहल्ला औरंगाबाद में किसान बिजेंद्र सिंह के आवास पर किसान गोष्ठी हुई। इसमें कृषि वैज्ञानिकों ने कहा बासमती धान हमारे देश की अमूल्य धरोहर है। इसका लंबा और पतला चावल मीनी सुगंध एवं अच्छे स्वाद से सभी का मन मोह लेता है। विशिष्ट गुणवत्ता के कारण बासमती चावल की देश विदेश में मांग बढ़ रही है। गुणवत्ता केे आधार पर तरावडी बासमती, टाईप थ्री, बासमती 370 एवं रनरीर बासमती उम्दा पारंपरिक प्रजातियां हैं। इन प्रजातियों की उपज क्षमता कम है, लेकिन उच्च गुणवत्ता के कारण देश विदेश में मूल्य अधिक मिलता है। इसके अलावा पूसा बासमती वन, पूसा बासमती 1121, हरियाणा बासमती, पंजाब बासमती, उन्नत पूसा बासमती वन, पूसा बासमती 6, बल्लभ बासमती 21, बल्लभ बासमती 22 एवं पूसा बासमती 1509 भी विकसित की हैं। इनकी उपज अपेक्षा कृत अधिक है। उन्होंने धान के खेत की तैयारी के लिए रोपाई से 3, 4 दिन पूर्व हरी खाद को खेत में पलट कर अच्छी तरह बिलो देना चाहिए। साथ ही खेत में पानी भरकर दो तीन बार पडलिग करके पाटा लगाकर खेत को समतल बना लें। इससे हरी खाद पूरी तरह खेत की मिट्टी में समाहित हो जाती है। इसके बाद उपयुक्त मात्रा में यूरिया, डीएपी, पोटाश, जिंक सल्फेट का प्रयोग करें, ताकि अच्छी उपज ली जा सके। इस दौरान विरेंद्र, सुधीर, तेजपाल, नरेंद्र, राजीव, राज कुमार, धीरज, सुदेश, पंकज आदि रहे।