फ्री ई-पेपर
पर्सनलाइज़्ड फ़ीड
पर्सनलाइज़्ड नोटिफ़िकेशन
चलते-फिरते ख़बरें
लॉयल्टी रिवॉर्ड्स
डाउनलोड करें

सब्सक्राइब करें
Hindi News ›   Uttar Pradesh ›   Pilibhit News ›   शहर के निकट टंडोला गांव तक पहुंचा बाघ

शहर के निकट टंडोला गांव तक पहुंचा बाघ

Wed, 19 Jul 2017 05:34 PM IST
Updated Wed, 19 Jul 2017 05:34 PM IST
विज्ञापन
शहर के निकट टंडोला गांव तक पहुंचा बाघ
न्यूरिया/पीलीभत। वनकटी जंगल से निकला बाघ मेवातपुर और टाह को छोड़कर अब शहर की ओर बढ़ रहा है। बुधवार को जंगल से लगभग पांच किमी दूर और शहर से मात्र दो किमी दूर स्थित टंडोला गांव के निकट बाघ ने दस्तक दी है। सुबह खेत पर काम कर रहे पिता पुत्र बाघ को देख घबरा गए। बाघ के दहाड़ने पर बेटा बेहोश हो गया जबकि पिता पेड़ पर चढ़ गया। सूचना मिलने पर वन विभाग की टीम मौके पर पहुंची लेकिन गन्ने को नुकसान होने के कारण किसानों ने वनकर्मियों को काबिंग नहीं करने दिया।
विज्ञापन

जंगल से सटे क्षेत्र में बाघ की दहशत कम होने का नाम नहीं ले रही है। करीब पांच दिन से जंगल के बाहर हो रही बाघ की चहलकदमी ग्रामीणों एवं वन विभाग के लिए मुसीबत बनी हुई है। मंगलवार तक टाह पौटा और मेवातपुर के इर्द गिर्द गन्ने में घूम रहा बाघ करीब तीन किमी और चलकर शहर के निकटवर्ती गांव पहुंच गया है। शहर से लगभग दो किमी दूर स्थित गांव टंडोला में ईट् भट्ठे के निकट खेत में पड़ोसी गांव मोबिनगंज निवासी पूरनलाल अपने बेटे के साथ काम कर रहे थे। इस बीच खेत से कुछ दूरी पर नाले के दूसरी ओर बाघ आता दिखाई दिया। बाघ को देख दोनों भागने लगे। इस बीच बाघ के दहाड़ मारने पूरनलाल पेड़ पर चढ़ गया जबकि उनका बेटा खेत के किनारे बनी कोठरी में आकर बेहोश हो गया। करीब आधे घंटे तक नाले के दूसरी ओर टहलने के बाद बाघ गन्ने के खेत में घुस गया। इसके बाद पूरनलाल पेड़ से उतरकर कोठरी में पहुंचा और बेहोश बेटे पर पानी छिड़ककर उसे उठाया साथ ही शोर मचाकर आसपास के लोगों को सूचना दी।
विज्ञापन


निगरानी में लगी वन विभाग की टीम
बाघ के टंडोला गांव के निकट पहुंचने की सूचना पर डीएफओ आदर्श कुमार, कैलाश प्रकाश टीम के साथ मौके पर पहुंचे। वनाधिकारियों ने टीम की मदद से गन्ने के खेत की काबिंग करने की तैयारी की लेकिन किसानों ने गन्ने को नुकसान होने की बात कहकर खेत में घुसने से मना कर दिया। इस पर वनाधिारियों ने दो वनदरोगाओं के नेतृत्व में टीमों को निगरानी के लिए लगा दिया है। साथ की कैमरे भी लगवाए गए हैं।
विज्ञापन
विज्ञापन

0000000000
वनकटी जंगल से लेकर शहर तक अधिकांश खेतों में गन्ने की फसल है जो काफी बढ़ गई है। ऐसे में गन्ने के अंदर होकर बाघ टंडोल तक पहुंच गया है। खेतों में किसान घुसने नहीं दे रहे। बाघ को पकड़ने के लिए पिंजरे भी लगाए गए हैं।
- आदर्श कुमार, प्रभागीय निदेशक, सामाजिक वानिकी
विज्ञापन
विज्ञापन

रहें हर खबर से अपडेट, डाउनलोड करें Android Hindi News App, iOS Hindi News App और Amarujala Hindi News APP अपने मोबाइल पे|
Get all India News in Hindi related to live update of politics, sports, entertainment, technology and education etc. Stay updated with us for all breaking news from India News and more news in Hindi.

विज्ञापन
विज्ञापन
विज्ञापन

एड फ्री अनुभव के लिए अमर उजाला प्रीमियम सब्सक्राइब करें

Next Article

AU ऐप में पढ़ें

Followed